मधेपुरा : शिक्षक-शिक्षकेतर कर्मचारियों ने विभाग में तालाबंदी कर दिया धरना

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अमित कुमार अंशु
उप संपादक

मधेपुरा/बिहार : भूपेंद्र नारायण मंडल मंडल विश्वविद्यालय अंतर्गत विभिन्न अंगीभूत महाविद्यालयों में संचालित बीएड कोर्स के शिक्षक-शिक्षकेतर कर्मचारियों में कम वेतन मिलने को लेकर आक्रोश व्याप्त है । न्यायालय एवं राज्य सरकार के निर्देश के बावजूद अंगीभूत कॉलेजों में संचालित बीएड के शिक्षक-शिक्षकेतर कर्मचारियों को तय वेतन नहीं दिए जाने को लेकर शुक्रवार को ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय में बीएड के शिक्षक-शिक्षकेतर कर्मचारियों ने विभाग में तालाबंदी कर एक दिवसीय धरना दिया ।

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 मौके पर उपस्थित शिक्षक-शिक्षकेतर कर्मचारियों ने कहा कि शिक्षकों को जून 2017 से अब तक प्रतिमाह 7868 कम वेतन मिल रहे हैं । इससे पहले 34868 रुपए वेतन था, लेकिन अभी 27000 रुपए दिया जा रहा है । लगभग 33 महीनों में एक शिक्षक को दो लाख 59 हजार 644 रुपये कम प्राप्त हुए हैं ।

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मांगों पर नहीं हुआ विचार तो करेंगे विश्वविद्यालय में धरना प्रदर्शन : धरना पर बैठे शिक्षकों ने कहा कि राज्य सरकार के शिक्षा विभाग से दो सितंबर 2015 को जारी पत्र के आलोक में कुल एक करोड़ की राशि में शिक्षकों के वेतन पर 71 लाख 75 हजार एवं शिक्षकेतर कर्मियों के वेतन के मद में 14 लाख 20 हजार रुपए खर्च करने थे । विश्वविद्यालय द्वारा इस पत्र की अनदेखी कर शिक्षकों के वेतन को कम कर दिया गया है । शिक्षकों ने मांग किया कि कैग से सारे बीएड विभाग का ऑडिट करवाया जाए. जिससे वेतन मद की राशि का स्पष्ट पता चल सके । धरना में शामिल शिक्षकों की मुख्य मांग है कि उन्हें पूर्व की भांति वेतन दिया जाए. अगर समय रहते उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो विश्वविद्यालय के सभी कॉलेजों के शिक्षक-शिक्षकेतर कर्मचारी एकजुट होकर के विश्वविद्यालय में धरना प्रदर्शन करेंगे, जिसकी सारी जवाबदेही महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी ।

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रिपाेर्ट आने से पूर्व आंदोलन करने का नहीं है कोई औचित्य : इस बाबत बीएनएमयू प्रति कुलपति प्रो डा फारुक अली ने बताया कि बीएड कॉलेजों के शिक्षक-शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के वेतन विसंगतियों को दूर करने के लिए सात मार्च को तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है । इस समिति में रमेश झा महिला कॉलेज सहरसा की प्राचार्य डा रेनू सिंह पार्वती विज्ञान महाविद्यालय के प्राचार्य डा राजीव सिन्हा एवं मधेपुरा महाविद्यालय मधेपुरा के प्राचार्य डा अशोक कुमार शामिल हैं । समिति के अनुसंशा के उपरांत ही कुछ निर्णय लिए जा जाएंगे । उन्होंने कहा कि समिति की रिपाेर्ट आने से पूर्व आंदोलन करने का कोई औचित्य नहीं है ।

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 मौके पर डा कुंदन कुमार सिंह, डा आशुतोष झा, प्रो अमित कुमार, डा सरिता कुमारी, डा विकास आनंद, डा अनीश कुमार, प्रो नदीम अहमद, प्रो गोविंद कुमार, प्रो कुंदन लाल पटेल, प्रो आसिफ अली, मिथिलेश कुमार, प्रो अमित कुमार आनंद, शिक्षकेतर कर्मचारियों में विवेकानंद, मनीष कुमार, दीपक कुमार, सुरेश कुमार, अशोक कुमार समेत अन्य शिक्षक शिक्षकेतर कर्मचारी मौजूद थे ।


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