दरभंगा : अल्लाह के वली को कोई खौफ नहीं होता- मुफ्ती शहरेयार रजा

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ज़ाहिद अनवर (राजु)
उप संपादक

दरभंगा/बिहार : अंजुमन करवाने मिल्लत के सौजन्य से मोहल्ला फैजउल्ला खान चौक स्थित विजन इंटरनेशनल स्कूल के मैदान में अजीमुशान छटा सालाना गरीब नवाज कॉन्फ्रेंस व नातिया मुशायरा का ऐनेकाद किया गया। जिसकी सरपरस्ती पीरे तरीकत रहबर रे शरीयत हजरत अल्लामा सय्यद शम्सुल्ला जान बाबू हुजूर और अध्यक्षता मौलाना अब्दुल रहमान ने की। मुल्क के नामचीन ओल्मा व शोहरा कॉन्फ्रेंस में तशरीफ लाए। मौलाना मुशाहिद रजा ने कुराने पाक की तिलावत से कॉन्फ्रेंस का आगाज किया और कॉन्फ्रेंस की नकाबत नकीब ए हिंदुस्तान मौलाना महबूब आलम गौहर इस्लाम पूरी फरमा रहे थे ।

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 कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए पूर्णिया से तशरीफ लाए मुफ्ती शहरयार रजा खान ने कहा के अल्लाह के वलियों को कोई खौफ नहीं होता। वह दुनिया के ऐशो इशरत से दूर रहकर सिर्फ और सिर्फ अल्लाह की इबादत करते हैं और लोगों को नेक राह पर चलने की हिदायत देते हैं। ख्वाजा गरीब नवाज ने काफी मुसीबत का सामना किया मगर कभी भी अल्लाह की इबादत से उनके बताए रास्ते से दूर नहीं हुए। हिंदुस्तान के अंदर जो लोग भटके हुए थे उन्हें अल्लाह की इबादत करने के लिए तबलीग करते रहे। कॉन्फ्रेंस में अंजुमन करवाने मिल्लत की जानिब से गणमान्य व्यक्ति को उनके किए गए कार्य के बदले अवार्ड से सम्मानित किया गया, जिनमें मौलाना सलमान अहमद रिज़वी को, फरोगे तालीम अवार्ड, डॉ एजाज आलम सिटी हॉस्पिटल को, हेल्थ केयर अवार्ड, अमानुल्लाह खान मधुबनी को,  समाजसेवी अवार्ड, अकील हुसैन मधुबनी को, सहाफी अवार्ड  से नवाजा गया।

कॉन्फ्रेंस की कयादत फरमा रहे अंजुमन करवाने मिल्लत के अध्यक्ष रियाज खान कादरी ने कहा कि हर साल इस तंजीम की तरफ से लोगों को अवार्ड दिया जाता है। उन्होंने तमाम लोगों का शुक्रिया अदा किया। कॉन्फ्रेंस को जिन ओलमा की शिरकत हुई उनमें काजी मुफ्ती अब्दुल गफ्फार साकिब, मौलाना अबुल हसनात नूरी, मौलाना मुफ्ती फूल मोहम्मद मौलाना तकी रजा खान, गुलाम मुस्तफा खान साबरी, मौलाना अब्दुल अहद, मौलाना तहसीन रजा मिस्बाही, मौलाना असलम रजा, हाफिज डॉक्टर कामरान अहमद खान, मुफ्ती उस्मान गनी, मौलाना महबूब अख्तर,  मौलाना वारिस अली, मौलाना रजा उल मुस्तफा मिस्बाही, मौलाना अहसान रजा मौलाना एहतेशाम रजा कारी अनवर के नाम काबिले जिक्र है ।  कॉन्फ्रेंस में पूरी रात नात शरीफ पढ़ कर जिन शायर ने पूरे मजेमें को बेदार रखा उनमें ख्वाजा गुलाम सरवर उड़ीसा अब्दुल वकील मुबारकपुरी, रजा हसन कलकत्तवी, फिरोज अरकम चंपारण, डॉक्टर अहमद रहमानी, अमन नवाज खान, हाफिज सरफराज, ताज हाशमी, मारूफ रजा, वगैरा काफी संख्या में लोग जलसा सुनने आए ।

अंजुमन कारवान ए मिल्लत की जानीब से तमाम लोगों के लिए लंगर और तबर्रुक का भी इंतजाम किया गया था। सुबह के 4:00 बजे सलाम और दुआ के बाद जलसे का एहतेताम हुआ ।

इंजीनियर गनी हैदर खान गुलरेज अहमद, राशिद इकबाल खान रजाउल्लाह अंसारी, गुलाब अंसारी शमसुद्दूहा खान विकी, जावेद खान,पप्पू खान,एजाज वारिस, शाह मोहम्मद शमीम, डॉक्टर अब्दुल सलाम खान, सैयद खलीकुजमा पप्पू, परवेज आलम रिजवी, गुलाम मोहम्मदआदिल खान मुबाशिर खान इमरान ताहिर, राशिद खान मोहम्मद सलीम, दानिश अरबाज हमजा खान वह अंजुमन के तमाम मेंबर ने जलसे को कामयाब करने के लिए काफी मेहनत किया।


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