संविधान की रक्षा के लिए खून का आखरी कतरा भी कुर्बान कर देंगे : शाही इमाम

ब्यूरो-लुधियाना, पंजाब
लुधियाना/पंजाब : केंद्र सरकार द्वारा नागरिकता कानून में संशोधन किए जाने के बाद से देश भर में रोष प्रदर्शन का सिलसिला जारी है, आज यहां शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी की अध्यक्षता में राज्य भर में काला दिवस मनाते हुए जुम्मा की नमाज़ के बाद सभी मस्जिदों के बाहर काले झंड लेकर नमाजियों ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार के खिलाफ जबरदस्त रोष प्रदर्शन किए।
अमृतसर, तरनतारन, गुरदासपुर, होशियारपुर, नवांशहर, रोपड़, मुहाली, पटियाला, फतेहगढ़ साहिब, मोगा, कपूरथला, बठिंडा, जालंधर, फरीदकोट, मनसा, मुक्सर साहिब, संगरूर, जीरा, खन्ना समेत लुधियाना में दर्जनों जगह जबरदस्त रोष प्रदर्शन किए गए। सभी जगह मुस्लिम प्रतिनिधियों ने भारत के राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद जी के नाम ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपे और मांग कि गई कि धर्म को आधार बना कर बनाया गया सी.ए.ए. एक्ट को रद्द किया जाए।
इस रोष प्रदर्शन को संबोधित करते हुए शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान लुधियानवी ने कहा कि देश की आज़ादी के बाद यह पहला मौका है कि लोकतंत्र में लोकतंत्र की हत्या करने का प्रयास किया गया है। संसद में संविधान के ऊपर भाजपा के एजेंडे को मान कर एक गैर संवधानिक एक्ट बनाया गया, जिसकी चौतरफा निंदा हो रही है। शाही इमाम ने कहा कि केंद्र सरकार प्रदर्शन कर रहे अपने ही देशवासियों से बात करने की बजाय सरकारी बल का प्रयोग कर के लोकतंत्र को मारना चाहती है। उन्होंने ने कहा कि लगता है कि योगी जी ने इतिहास नहीं पढ़ा देश को आज़ाद करवाने के लिए रोजाना प्रदर्शन ही होते थे और आज़ादी के बाद भी सरकारों से नाराजगी जाहिर करने का यही तरीका रहा है। शाही इमाम ने कहा किउत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने यूपी पुलिस द्वारा जो जुल्म और गुंडागर्दी करवाई है उस से राष्ट्र का सिर शर्म से झुक गया गया है। उन्होंने कहा कि यह कैसा लोकतंत्र है कि इंसाफ मांगने वालों पर जनरल डायर की तरह आक्रमण किया जा रहा है। 
शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान लुधियानवी ने कहा कि जुलम करने वाले याद रखें हमने अपने इस प्यारे वतन को अंग्रेज से आज़ाद करवाने के लिए बहुत कुरबानियां दी है और आज भी हम भारत का संविधान बचाने के लिए खून का आखरी कतरा भी कुर्बान कर देंगे। शाही इमाम ने कहा कि शर्म कि बात है कि सत्ता में बैठे लोग कानून व्यवस्था के नाम पर जनता को लाठियां और गोलियां मरवा रहे है, जो संप्रदायक ताक़ते इस कानून विरोधी प्रदर्शनों को धर्म का नाम देकर बदनाम करना चाहती थी उनको देश के हिन्दू, सिख, दलित, भाइयों ने प्रदर्शनों में शामिल हो कर करारा जवाब दिया है।
