बिहार में भीषण ठंड दिसंबर में ही सभी रिकॉर्ड ध्वस्त करने पर है आमादा, ठिठुरन का टूटा 58वर्षों का रिकॉर्ड  

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अनूप ना. सिंह
स्थानीय संपादक

पटना/बिहार : बिहार में भीषण ठंड दिसंबर में ही सभी रिकॉर्ड ध्वस्त करने पर आमादा है। शनिवार को पटना सहित पूरे बिहार में न्यूनतम तापमान धड़ाम से गिरा। गिरावट इस कदर रही कि पटना का न्यूनतम पारा 28 दिसंबर को 58 वर्षों में सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। अगर मौसम विज्ञान केंद्र के आंकड़ों को ही आधार माने तो 1961 के बाद पटना का पारा इस तारीख को 4.8 डिग्री तक कभी नहीं पहुंचा था। यही हाल गया का रहा। वहां भी निम्नतम पारा 3.2 डिग्री पर पहुंच गया। यह भी 1961 के बाद सबसे न्यूनतम है। एक-दो दिनों तक तापमान और गिरने का अनुमान है। एक जनवरी से इसमें थोड़ा सुधार होगा।हवा का रुख बदला है। पहले पछुआ के कारण कश्मीर व हिमाचल से ठंडी हवा आ रही थी। अब उत्तर और उत्तर-पश्चिम से आने वाली सर्द हवाओं के कारण बिहार कंपकपा रहा है।

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शनिवार को पटना, गया, पूर्णिया, मुजफ्फरपुर, छपरा सहित विभिन्न इलाकों में शीत लहर चली। रविवार को भी यही स्थिति रहेगी। ठंड के साथ-साथ कोहरे का कहर भी शुरू हो गया है। गया, पूर्णिया, मुजफ्फरपुर आदि में घना कोहरा के कारण जन-जीवन अस्तव्यस्त हो गया है। पटना में सबसे सर्द रही शनिवार की सुबह 28 दिसंबर को पटना की सुबह इस सीजन ही नहीं 58 वर्षों में सबसे ठंडी रही। शुक्रवार की अपेक्षा 4.6 डिग्री की गिरावट के साथ निम्नतम तापमान 4.8 पर पहुंच गया। यह सामान्य से भी 4.3 डिग्री कम है। अगर पूरे दिसंबर की बात करें तो 2012 में न्यूनतम पारा 4.4 पर पहुंचा था, लेकिन वह 30 दिसंबर का दिन था। पटना का अधिकतम पारा भी शनिवार को थोड़ा गिरा और 15.4 पर आ गया। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 16 डिग्री था।

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अमूमन जनवरी के प्रथम सप्ताह में अधिक ठंड रहती है, लेकिन दिसंबर में ही तापमान अपने निचले स्तर पर पहुंच गया है। एक की रात और दो की सुबह होगी बारिश पश्चिमी विक्षोभ के कारण एक जनवरी की रात और दो जनवरी को पटना सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने इसकी चेतावनी जारी की है। पश्चिमी विक्षोभ बिहार के पश्चिम भाग से बिहार में प्रवेश करेगा। इसलिए पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीवान, सारण, गोपालगंज आदि जिलों में बारिश की अधिक संभावना है।


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