मधेपुरा : NRC का मामला हिंदु और मुसलमान का नहीं, संविधान के उल्लंधन का है मामला

(फोटो –टीआरटी)
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अमित कुमार अंशु
उप संपादक

मधेपुरा/बिहार : गुरूवार को सीएएए एवं एनआरसी के खिलाफ वाम दलों ने बिहार बंद के आवाह्न पर भाकपा, माले, माकपा, लोजद, रालोसपा, हम एवं जाप के कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ बंदी को लेकर सुबह से ही संगठनों के नेता सड़क पर उतर गये। शहर के सभी मुख्य मार्गों पर यातयात व्यवस्था को ठप कर दिया गया। बाजार की सभी दुकानें स्वत: बंद रहीं। सरकारी व गैरसरकारी कार्यालय में भी बंद का व्यापक असर देखने को मिला। सड़क पर बाइक जुलूस एवं पैदल मार्च कार्यकर्ताओं द्वारा निकाला गया। बंद का असर जिला मुख्यालय सहित सभी प्रखंड में भी देखने को मिला। आंदोलकारियों द्वारा केंद्र की मोदी सरकार के विरूद्ध जमकर नारेबाजी की गयी। टायर जला लोगों ने कई जगहों पर नाराजगी व्यक्त की।

देखें विरोध प्रदर्शन का वीडियो :

कर्पुरी चौक पर आयोजित नुक्कड़ सभा को संबोधित करते भाकपा के राष्ट्रीय परिषद सदस्य प्रमोद प्रभाकर ने कहा कि एनआरसी का मामला हिंदु और मुसलमान का नहीं, यह संविधान के उल्लंधन का मामला है। धर्म के आधार पर किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जा सकता है। यह संविधान के मूल आत्मा के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार धर्म के आधार पर देश को तोड़ना चाहती है।

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डीजे लेकर निकले जाप कार्यकर्ता : राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता एवं संविधान की रक्षा व बेटियों की सुरक्षा और न्याय के लिये जुल्मी केंद्र सरकार और राज्य सरकार के खिलाफ जाप के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह पूर्व सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के आह्वान पर बिहार बंद के समर्थन में जन अधिकार पार्टी एवं वामदलों के द्वारा पूर्णतः बन्द कर चक्का जाम किया। सुबह आठ बजे से ही जाप कार्यकर्त्ताओं ने डीजे और बाइक से शहर की दुकानें को बंद करवाया। बंद के समर्थन में जन अधिकार पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा जिलाध्यक्ष प्रो मोहन मंडल के नेतृत्व में बाइक जुलूस निकाल कर नागरिकता संशोधन कानून का विरोध किया। इस दौरान जाप समर्थकों ने शहर के सभी मुख्य मार्गों पर जुलूस के बीच में डीजे रथ भी निकाला गया। साथ ही माइकिंग कर सरकार के निर्णय का विरोध किया।

संविधान की धज्जियां उड़ाने वाला ‘नागरिकता संशोधन बिल’ है काला कानुन : मौके पर युवा नेता प्रिंस गौतम एवं पुष्पेंद्र पप्पू ने कहा कि देश के लोगों को केंद्र सरकार  एनआरसी से बाहर कर, विदेशियों को सीएए के जरिये धार्मिक के तहत नागरिकता देना चाहती है। घर में आपके बच्चे भूख से मर रहे हैं और केंद्र सरकार को बाहर वाले वाले को तसम्य परोसना अच्छा लगेगा। छात्र जाप जिलाध्यक्ष रौशन कुमार बिट्टू एवं युवाध्यक्ष गौरव गोपी ने कहा कि संविधान की धज्जियां उड़ाने वाला ‘नागरिकता संशोधन बिल’ काला कानुन है, जिसका विरोध हमलोग सदैव करते रहेंगें। महिला नेत्री नूतन सिंह एवं रामकुमार यादव ने कहा कि एनआरसी बिल देश एवं बाबा साहब के सिद्धांतों के विरुद्ध है। जिसे जन अधिकार पार्टी कभी बर्दाश्त नहीं करेगी। जिला महासचिव अजिर बिहारी एवं मो अल्लाउद्दीन ने कहा कि आज केंद्र सरकार देश के मुद्दों जैसे रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क इन सभी जनसमस्याओं से भटकाकर देश के युवाओं में हिन्दू-मुस्लिम का जहर घोल रही है।

अघोषित अपातकाल से गुजर रहा है देश : छात्र जाप विश्वविद्यालय अध्यक्ष अमन कुमार रितेश एवं डा अनिल अनल ने कहा कि अगर केंद्र सरकार एनआरसी बिल वापस नहीं लेती है, तो जाप सुप्रीमों सह पूर्व सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के नेतृव में जन अधिकार पार्टी सड़क से लेकर सदन तक लड़ाई लड़ने का काम करेगी। नगर अध्यक्ष सामंत यादव एवं रामचन्द्र यदुवंशी ने कहा कि देश अघोषित अपातकाल से गुजर रही है।

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 मौके पर रविन्द्र सिंह यादव, भानु प्रताप, सीताराम यादव, आशीष कुमार, देवाशीष पासवान, शेलेन्द्र कुमार, दिलीप दिग्गज, भवेश यादव, मो मार्शल, विकाश कुमार, मो जमीर आलम, मिथुन यादव, युवा रंजन, राजू कुमार मन्नू, पप्पू, पिंटू सिंह, खुशखुश, पिन्टू किंग, रामप्रवेश, आशीष पप्पू, मो गुलजार, रोशन, सलमान, अरशद, अभि चौहान, मिथुन किंग, अजय सिंह, सिंकु, संजीत, अग्नेश, सुशान्त, अमित, मनीष मौर्या, उमेश कोईराला, उमेश यादव इत्यादि सैकड़ों मौजूद थे।

सरकार कानून को वापस नहीं लेगी तो होगा उग्र आंदोलन : बंद समर्थकों ने कहा कि यह कानून समाज में भाईचारें को खत्म करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार कानून को वापस नहीं लेगी तो उग्र आंदोलन की जायेगी। बंद का नेतृत्व भाकपा के राष्ट्रीय परिषद सदस्य प्रमोद प्रभाकर, जिला मंत्री विद्याधर मुखिया, भाकपा के गणेश मानव एवं माले के जिला संयोजक रामचंद्र दास कर रहे थे।

इस मौके पर पूर्व विधायक सह लोजद नेता परमेश्वरी प्रसाद निराला, लोजद जिलाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद यादव, माकपा जिला सचिव मनोरंजन सिंह, हम के जिलाध्यक्ष किशोर कुमार मुन्ना, भाकपा के रामण कुमार, शैलेंद्र कुमार, एआइएसएफ जिलाध्यक्ष वसीम, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष निशांत यादव, एसएफआइ के राजदीप यादव, एआइवाइएफ के शंभु क्रांति, जिलाध्यक्ष जितेंद्र कुमार मुन्ना, एटक जिला संयोजक विरेंद्र नारायण सिंह, दिलीप पटेल, नवीन कुमार, लोजद नेता गोपाल यादव, अमरेश कुमार, दिनेश ऋषिदेव, माले नेता सीताराम रजक, दीप नारायण मंडल, सीपीआइ नेता मो हलीम, मो सलाउद्दीन, दशरथ यादव, इंदु देवी, ललिता देवी, शुभम कुमार, नीरज यादव, वीरेंद्र मेहता, मनीष कुमार, माधो राम सहित अन्य शामिल थे।

सुरक्षा व्यवस्था का था पुख्ता इंतजाम : बंद को लेकर पुलिस प्रशासन द्वारा चप्पे -चप्पे पर जवानों की तैनाती की गयी थी। खासकर शहर के कर्पुरी चौक, कॉलेज चौक, पूर्णिया गोला, मस्जिद चौक, जयपाल पट्टी, बस स्टैंड के इलाके में पुलिस पेट्रोलिंग होती रही। इसके अलावा पुलिस के वरीय अधिकारी भी लगातार कंट्रोल रूम से जानकारी लेते रहे। स्थानीय स्तर पर कार्यरत खुफिया विभाग के अधिकारी भी सक्रिय रहे। बंदी के कारण सदर अस्पताल आने वाले मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं आम दिनों के मुताबिक बंदी को लेकर सदर अस्पताल के ओपीडी विभाग में कुल साढ़े चार सौ मरीजों का इलाज हुआ। वही दूर-दराज से आए मरीजों का कहना था सवारी नहीं मिलने के कारण काफी परेशानी झेलनी पड़ी। वही एम्बुलेंस की आवजाही में काफी परेशानी हुई।


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