मधेपुरा : बिजली मिस्त्री सरोज की मौत- विभागीय लापरवाही का नतीजा या सरोज की गलती का परिणाम ? जाँच का विषय

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अमित कुमार अंशु
उप संपादक

मधेपुरा/बिहार : सदर थाना क्षेत्र के साहूगढ़ वार्ड नंबर दो के स्थानीय निवासी सरोज यादव की मौत पोल पर तार जोड़ने के क्रम में करंट लगने से हो गयी। वह बिजली मिस्त्री का काम करता था। घटना गुरुवार की सुबह लगभग नौ बजे की है।

जानकारी के अनुसार सरोज यादव वार्ड नंबर सात में खेदन बाबा चौक के समीप पोल पर चढ़ कर टूटे हुए तार को जोड़ रहा था। इसके लिए उसने फोन के माध्यम से शट डाउन लिया  था, लेकिन कार्य के दौरान ही बिजली चालू कर दी गयी। जिससे सरोज करंट की चपेट में आ गया और पोल पर ही उसकी मौत हो गई। इसके बाद वार्ड नंबर सात के लोगों ने इस बात की जानकारी सदर थाना एवं बिजली विभाग को दी।

देखें वीडियो :

लगभग आधा घंटे के बाद सदर थाना की पुलिस बल व सदर प्रखंड वीडियो आर्य गौतम ने मौके पर पहुंचकर पुलिस बल की मदद से शव को पोल पर से नीचे उतारा।  सरोज यादव के भाई सचेन यादव ने बताया कि सरोज अपने माता पिता के दूसरे संतान थे, वह तीन भाई है। सात साल पहले सरोज यादव की शादी हुई थी, उन्हें दो पुत्र है।

सड़क जाम कर आक्रोशित लोगों ने किया उग्र प्रदर्शन : घटना से आक्रोशित लोगों ने सरोज यादव के शव के साथ कॉलेज चौक पर सुबह के 11 बजे से लेकर शाम के चार बजे कॉलेज चौक को जाम कर टायर जलाकर उग्र प्रदर्शन करते रहे। परिजन एवं अन्य आक्रोशित लोगों ने मांग करते हुए कहा की जब तक प्रशासन हमें लिखित रूप में चार लाख रुपए मुआवजा एवं एक नौकरी की गारंटी नहीं देती है, तब तक जाम नहीं हटेगा। सरकार के मौखिक आश्वासन से काम नहीं चलेगा, लिखित रूप में सरकार को मुआवजा एवं नौकरी देनी होगी। लोगों ने बिजली विभाग के संबंधित अधिकारियों को तत्काल जाम स्थल पर बुलाने की  मांग करते हुए कहा कि संबंधित पदाधिकारियों से पुलिस पूछताछ करें कि किसके कहने पर ऑपरेटर ने बिजली बहाल की थी। लगभग पांच घंटे चले इस जाम के वजह से पूरे शहर का की परिचालन व्यवस्था बाधित हो गई थी। जिसके बाद बिजली विभाग द्वारा दो लाख एवं श्रम विभाग द्वारा एक लाख मुआवजे देने की बात पर जाम हटा। साथ ही कबीर अंत्येष्टि योजना में मिलने वाली राशि तत्काल प्रदान करने की बात कही गई। जिसके बाद आक्रोशित लोगों ने जाम खत्म किया।

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शट डाउन लेकर गलती से टाउन थ्री के पोल पर चढ गया सरोज : मामले की जानकारी देते हुए कार्यपालक अभियंता अमित कुमार ने बताया कि सरोज यादव जिस वक्त बिजली ठीक कर रहा था, उस वक्त ट्रीपिंग होने के वजह से सभी क्षेत्र का बिजली बंद था। ट्रिपिंग के दौरान ही वह टाउन वन का शट डाउन लेकर गलती से टाउन थ्री के पोल पर चढ गया। चुकीं टाउन वन एवं टाउन थ्री दोनों के एलटी आस पास ही है। इसी कारण उससे समझने में गलती हो गई। ट्रिपिंग की समस्या से निजात पाने के बाद टाउन थ्री में बिजली बहाल कर दी गई। जिस वजह से मौके पर ही उसकी मौत हो गई। आगे उन्होंने बताया कि बिजली विभाग के पास लिखित रूप से यह मौजूद है कि उसने टाउन वन का शटडाउन लिया था।

जांच का विषय है सरोज की मौत, मोबाइल से हो सकता है खुलासा : वही घटना को लेकर तरह-तरह की बातें सामने आ रही है। कुछ लोगों ने बिजली विभाग पर आरोप मढ़ते हुए कहा कि बिना किसी पूर्व सूचना के ही शाटडाउन चालू कर दिया गया, इस वजह से सरोज की मौत हुई। वही कुछ लोगों ने बताया की किसी ने आपसी रंजिश के कारण बिजली विभाग को फोन करके शटडाउन चालू करने के लिए कहा, जिसके बाद बिजली विभाग ने बिजली बहाल कर दी, जिससे सरोज की मौत हो गई।

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बताते चलें बिजली विभाग के द्वारा किसी भी मिस्त्री के शट डाउन लेने के बाद उसे एक सीक्रेट कोड प्रदान किया जाता है। काम खत्म होने पर उससे वह कोड पूछा जाता है। बिजली विभाग के कर्मचारियों द्वारा कोड सुनिश्चित करने के बाद ही बाद बिजली बहाल की जाती है। ऐसे में दूसरे के कहने पर बिजली विभाग द्वारा चालू की गई। बिजली विभाग की बात नागबार लगती है। फिलहाल सरोज की मौत का कोई भी पुख्ता जानकारी सामने नहीं आ रहा है। सरोज के मोबाइल को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। मोबाइल के छानबीन से शायद कुछ जानकारी उपलब्ध हो पाए। फिलहाल यह जांच का विषय है।


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