मुरलीगंज/मधेपुरा : नगर पंचायत के वार्ड संख्या-8 निवासी सक्षम गुप्ता ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) में शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया रैंक (AIR) 202 प्राप्त की है। सक्षम की इस उल्लेखनीय उपलब्धि से न केवल मुरलीगंज बल्कि पूरे मधेपुरा जिले में खुशी और गर्व का माहौल है। परिजन, रिश्तेदार, मित्र एवं शुभचिंतक उन्हें बधाई देने उनके घर पहुंच रहे हैं।
सक्षम के पिता श्याम कुमार गुप्ता मुरलीगंज में पुश्तैनी किराना दुकान का संचालन करते हैं, जबकि उनकी माता सारिका देवी एक गृहिणी हैं। उनके दादा गजाधर साह हैं तथा परिवार में उनकी एक बहन साक्षी कुमारी भी हैं। साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि से आने वाले सक्षम ने अपनी मेहनत, अनुशासन और लगन के बल पर यह बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
सक्षम की प्रारंभिक शिक्षा मुरलीगंज के एक निजी विद्यालय में कक्षा एक से पांच तक हुई। वर्ष 2019 में उनका चयन जवाहर नवोदय विद्यालय में हुआ, जहां उन्होंने कक्षा छह से दसवीं तक की पढ़ाई पूरी की। वर्ष 2024 में उन्होंने सीबीएसई बोर्ड की मैट्रिक परीक्षा में 95 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। इसके बाद उन्होंने पुणे स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय से विज्ञान संकाय में इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की और वर्ष 2026 में 95 प्रतिशत अंकों के साथ सफलता हासिल की।
नीट-यूजी की तैयारी के लिए सक्षम ने पुणे के एक प्रतिष्ठित निजी कोचिंग संस्थान में दो वर्षों तक नियमित अध्ययन किया। उन्होंने बताया कि उनकी दिनचर्या पूरी तरह लक्ष्य केंद्रित थी। प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक कोचिंग की कक्षाएं चलती थीं। बीच में एक घंटे का लंच ब्रेक मिलता था, जिसके बाद वे रात करीब 1 बजे तक नियमित रूप से सेल्फ स्टडी करते थे। इसी अनुशासित दिनचर्या और निरंतर अभ्यास ने उन्हें सफलता के इस मुकाम तक पहुंचाया।
अपनी सफलता का श्रेय सक्षम ने अपने माता-पिता के अटूट विश्वास, मार्गदर्शन और आशीर्वाद को दिया। उन्होंने कहा, “मेरे माता-पिता हमेशा मुझ पर भरोसा जताते थे और कहते थे कि तुम जरूर सफल होगे। उनका विश्वास, आशीर्वाद और मेरी निरंतर मेहनत ही आज की इस सफलता की सबसे बड़ी वजह है।”
सक्षम की इस उपलब्धि से मुरलीगंज सहित पूरे मधेपुरा जिले में खुशी का माहौल है। शिक्षकों, बुद्धिजीवियों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी सफलता क्षेत्र के हजारों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी। सीमित संसाधनों के बावजूद मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के बल पर बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं, इसका जीवंत उदाहरण सक्षम गुप्ता ने प्रस्तुत किया है।
रिपोर्ट :- मिथिलेश कुमार

