3 से 9 नवंबर तक ऑनलाइन और ऑफलाइन जमा होंगे आवेदन, ऑडिशन के जरिए होगा नवोदित कलाकारों का चयन
18 से 24 नवंबर तक गौशाला परिसर में होगा महोत्सव का आयोजन, स्कूली बच्चों को भी मिलेगी प्रतिभा दिखाने की अवसर
मधेपुरा। राजकीय गोपाष्टमी महोत्सव-2026 को भव्य एवं आकर्षक बनाने के साथ स्थानीय कला, संस्कृति और लोक परंपराओं को बढ़ावा देने की दिशा में जिला प्रशासन ने पहल शुरू कर दी है। आगामी 18 से 24 नवंबर तक गौशाला परिसर में आयोजित होने वाले इस महोत्सव में स्थानीय कलाकारों की अधिकाधिक सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने आवेदन आमंत्रित किए हैं। इच्छुक कलाकार 3 से 9 नवंबर तक ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से अपना आवेदन जमा कर सकेंगे।
सोमवार को समाहरणालय परिसर में जिलाधिकारी अभिषेक रंजन की अध्यक्षता में आयोजित बैठक के बाद महोत्सव की तैयारियों को गति दे दी गई है। जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी आम्रपाली कुमारी ने बताया कि जिला प्रशासन का उद्देश्य गोपाष्टमी महोत्सव को केवल सांस्कृतिक आयोजन तक सीमित न रखकर स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी कला प्रदर्शित करने का एक बेहतर मंच उपलब्ध कराना है।
उन्होंने बताया कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 18 से 20 नवंबर तक वृंदावन से आए कलाकारों द्वारा भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं पर आधारित कृष्णलीला का मंचन किया जाएगा। वहीं, 22 से 24 नवंबर तक गौशाला परिसर में स्थानीय कलाकारों के साथ आमंत्रित ख्यातिप्राप्त कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी।
ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से कर सकेंगे आवेदन
जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी ने बताया कि महोत्सव में प्रस्तुति देने के इच्छुक कलाकार 3 से 9 नवंबर तक आवेदन कर सकते हैं। ऑफलाइन आवेदन डीआरडीए परिसर स्थित जिला कला एवं संस्कृति कार्यालय के कमरा संख्या-1 में कार्यालय अवधि के दौरान जमा करना होगा। वहीं, ऑनलाइन आवेदन के लिए जिला प्रशासन की वेबसाइट से निर्धारित प्रपत्र डाउनलोड कर उसे भरने के बाद [email protected] पर ईमेल करना होगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय-सीमा के बाद प्राप्त आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा। आवेदन प्रपत्र में मांगी गई सभी जानकारियां भरना अनिवार्य होगा। अधूरे आवेदन निरस्त कर दिए जाएंगे। किसी प्रकार की दुविधा या विवाद की स्थिति में नोडल पदाधिकारियों का निर्णय मान्य होगा। साथ ही, कार्यक्रम के दौरान अनुशासनहीनता करने वाले प्रतिभागियों को भविष्य के आयोजनों के लिए जिला प्रशासन द्वारा प्रतिबंधित भी किया जा सकता है।
ऑडिशन के जरिए होगा नवोदित कलाकारों का चयन
आवेदन प्राप्त होने के बाद नवोदित कलाकारों की प्रतिभा का आकलन करने के लिए ऑडिशन आयोजित किया जाएगा। इसके माध्यम से योग्य एवं प्रतिभाशाली कलाकारों का चयन कर उन्हें महोत्सव में प्रस्तुति देने का अवसर प्रदान किया जाएगा। आम्रपाली कुमारी ने कहा कि ऑडिशन के जरिए चयन प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के साथ महोत्सव की गुणवत्ता एवं गरिमा बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने आम लोगों से भी अपील की कि उनके आसपास यदि संगीत, नृत्य, गायन, नाटक या अन्य सांस्कृतिक विधाओं से जुड़ी प्रतिभाएं मौजूद हैं, तो उन्हें आवेदन करने और ऑडिशन में भाग लेने के लिए प्रेरित करें, ताकि स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी पहचान बनाने का अवसर मिल सके।
स्कूली बच्चों को भी मिलेगा प्रतिभा प्रदर्शन का अवसर
महोत्सव में स्कूली बच्चों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए भी विशेष पहल की गई है। जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी ने बताया कि कृष्णलीला मंचन के दौरान गोपाष्टमी की थीम पर आधारित कार्यक्रमों में सरकारी एवं गैर सरकारी विद्यालयों के बच्चों को भी भाग लेने का अवसर मिलेगा। इस संबंध में जिलाधिकारी द्वारा जिला शिक्षा पदाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
कलाकारों के चयन के लिए आठ सदस्यीय कमेटी गठित
कलाकारों के चयन की प्रक्रिया को पारदर्शी एवं निष्पक्ष बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी अभिषेक रंजन ने अपर समाहर्ता की अध्यक्षता में आठ सदस्यीय चयन समिति का गठन किया है। समिति में जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, जिला नजारत उप समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी, मधेपुरा, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी तथा व्याख्याता अरुण कुमार बच्चन और व्याख्याता रीता कुमारी को शामिल किया गया है।
जिला प्रशासन का मानना है कि स्थानीय कलाकारों, स्कूली बच्चों और बाहर से आने वाले ख्यातिप्राप्त कलाकारों की सहभागिता से राजकीय गोपाष्टमी महोत्सव-2026 को यादगार बनाया जा सकेगा। साथ ही, यह आयोजन जिले की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और उभरती प्रतिभाओं को व्यापक पहचान दिलाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।

