वास, आवास, रोटी और रोजगार की गारंटी की मांग; नेताओं ने कहा—गरीबों और भूमिहीनों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं, 1 सितंबर को दिल्ली की बदलाव रैली में जुटने का आह्वान
मधेपुरा/बिहार : राष्ट्रव्यापी पदयात्रा के अंतिम दिन शुक्रवार को CPI कार्यकर्ताओं ने सदर प्रखंड के गढ़िया चौक से बालम होते हुए चंदनपुर तक पदयात्रा निकाली। पदयात्रा के दौरान कार्यकर्ताओं ने गरीबों और भूमिहीनों के लिए वास, आवास, रोटी और रोजगार की गारंटी की मांग को लेकर आवाज बुलंद की। इस दौरान केंद्र एवं राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए गरीबों और दलितों की अनदेखी नहीं करने की चेतावनी दी गई।
पदयात्रा का नेतृत्व CPI के राष्ट्रीय परिषद सदस्य प्रमोद प्रभाकर, जिला मंत्री विद्याधर मुखिया एवं अंचल मंत्री सह पूर्व मुखिया बालकिशोर यादव ने किया। पदयात्रा में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय लोग शामिल हुए।
भूमिहीनों को पांच डिसमिल जमीन का वासगीत पर्चा देने की मांग
पदयात्रा के समापन पर चंदनपुर में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए CPI के राष्ट्रीय परिषद सदस्य प्रमोद प्रभाकर ने कहा कि आजादी के 79 वर्ष बाद भी बड़ी संख्या में भूमिहीन गरीब बदहाल जीवन जीने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि भूमिहीनों को पांच डिसमिल जमीन का वासगीत पर्चा देने की सरकारी घोषणा अब तक प्रभावी तरीके से धरातल पर नहीं उतर सकी है। उन्होंने गरीबों और भूमिहीनों को जमीन, आवास, भोजन और रोजगार उपलब्ध कराने की मांग करते हुए कहा कि समाज के कमजोर वर्गों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रमोद प्रभाकर ने क्षेत्र में खाद की किल्लत और कथित कालाबाजारी पर रोक लगाने तथा मधेपुरा में मक्का अनुसंधान केंद्र स्थापित करने की भी मांग उठाई।
बुलडोजर और एनकाउंटर की सरकार नहीं चलेगी
CPI नेता ने केंद्र एवं राज्य की सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार सभी मोर्चों पर विफल साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि गरीबों और आम जनता की समस्याओं का समाधान करने के बजाय शासन व्यवस्था में भय का माहौल बनाया जा रहा है।उन्होंने कहा कि व्यवस्था में बदलाव के लिए व्यापक जनसंघर्ष की जरूरत है। उन्होंने कार्यकर्ताओं और आम लोगों से 1 सितंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित CPI की बदलाव रैली में बड़ी संख्या में शामिल होने का आह्वान किया।
महंगाई, बेरोजगारी और गरीबी से आम जनता परेशान
CPI के जिला मंत्री विद्याधर मुखिया ने कहा कि केंद्र और राज्य की सरकारें जनविरोधी नीतियों पर चल रही हैं और उनके कई वादे छलावा साबित हुए हैं। उन्होंने कहा कि आम जनता महंगाई, बेरोजगारी और गरीबी से परेशान है। उन्होंने व्यवस्था में बदलाव के लिए लोगों से 1 सितंबर को दिल्ली चलने का आह्वान किया।वहीं पार्टी के अंचल मंत्री एवं पूर्व मुखिया बालकिशोर यादव ने कहा कि विकास योजनाओं में लूट मची हुई है और सरकार के सात निश्चय कार्यक्रम का भी अपेक्षित लाभ लोगों तक नहीं पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि अपने हक और अधिकार के लिए संघर्ष करना होगा तथा व्यवस्था में बदलाव के लिए एकजुट होना पड़ेगा।उन्होंने कहा कि 1 सितंबर को दिल्ली में होने वाली CPI की रैली देश की राजनीतिक दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने लिया हिस्सा
पदयात्रा में CPI नेता सीताराम यादव, मजदूर नेता देबो राम, सत्यनारायण राम, सदानंद राम, श्याम सुंदर यादव, अजय राम, विजय यादव, युवा नेता बाल किशोर कुमार, अशोक कुमार, रतन सादा, ननकू सादा, मंगल सादा, सूरज सादा, बेचन सादा, अभिमन्यु कुमार, रूपेश कुमार, मनोज कुमार सादा, बलराम सादा, दिनेश सादा, गोविन्दचंद्र शर्मा, जद्दू सादा, जय राम सादा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल रहे। महिला कार्यकर्ताओं में सुनीता देवी, कुंती देवी, नीतू देवी, द्रोपती देवी, मीना देवी एवं सविया देवी समेत अन्य महिलाएं भी पदयात्रा में शामिल हुईं।

