हिंदी पत्रकारिता दिवस पर इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन की विचार गोष्ठी, निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता पर मंथन
सिद्धार्थनगर/उत्तर प्रदेश :हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन (आईजेए) द्वारा डुमरियागंज स्थित संगठन कार्यालय पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पत्रकारिता के मूल्यों, बदलते मीडिया परिदृश्य, पत्रकारों की सामाजिक जिम्मेदारियों, पत्रकार सुरक्षा तथा निष्पक्ष एवं निर्भीक पत्रकारिता की आवश्यकता पर गंभीर विमर्श किया गया।
गोष्ठी की अध्यक्षता आईजेए डुमरियागंज तहसील अध्यक्ष राजेश यादव ने की, जबकि कार्यक्रम का संचालन देवानंद पाठक ने किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में वरिष्ठ एवं युवा पत्रकारों ने भाग लेकर हिंदी पत्रकारिता के गौरवशाली इतिहास और वर्तमान चुनौतियों पर अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष (पूर्वांचल) हाशिम रिजवी ने कहा कि पत्रकारिता केवल जीविकोपार्जन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और लोकतंत्र की सेवा का एक महत्वपूर्ण मिशन है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को सत्यनिष्ठा, निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए।उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पत्रकारिता अनेक चुनौतियों से घिरी हुई है। ऐसे दौर में पत्रकारों की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है कि वे नैतिक मूल्यों को बनाए रखते हुए समाज के सामने सच्चाई लाने का कार्य करें।
उन्होंने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और उसकी भूमिका केवल समाचारों के प्रकाशन या प्रसारण तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज को जागरूक, उत्तरदायी और संवेदनशील बनाना भी उसकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।हाशिम रिजवी ने उपस्थित पत्रकारों को जनहित, सत्य और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहने का संकल्प भी दिलाया। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता की गरिमा और विश्वसनीयता को बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आईजेए के जिलाध्यक्ष कृष्ण प्रताप सिंह (बब्बू) ने कहा कि पत्रकारों की एकजुटता आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जब तक पत्रकार संगठित नहीं होंगे, तब तक उनके अधिकारों, सम्मान और सुरक्षा की प्रभावी रक्षा संभव नहीं है।उन्होंने कहा कि पत्रकारों के उत्पीड़न, झूठे मुकदमों तथा विभिन्न प्रकार की चुनौतियों का सामना केवल मजबूत संगठन और सामूहिक एकता के माध्यम से ही किया जा सकता है। एक सशक्त पत्रकार संगठन न केवल पत्रकारों के हितों की रक्षा करता है, बल्कि स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता को भी मजबूती प्रदान करता है।
उन्होंने सभी पत्रकारों से संगठन को मजबूत बनाने और आपसी सहयोग की भावना को बनाए रखने का आह्वान किया।गोष्ठी को संबोधित करते हुए आईजेए के बस्ती मंडल प्रवक्ता विजय यादव ने कहा कि पत्रकारिता का मूल उद्देश्य समाज और राष्ट्रहित की सेवा करना है। पत्रकारिता के माध्यम से जनसमस्याओं को उजागर किया जाता है और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को शासन-प्रशासन तक पहुंचाया जाता है। उन्होंने पत्रकारों से तथ्यपरक, संतुलित और निष्पक्ष पत्रकारिता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान मीडिया की विश्वसनीयता, पत्रकारों की सुरक्षा, बदलते डिजिटल मीडिया परिदृश्य तथा पत्रकारों के अधिकारों से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी विस्तृत चर्चा की गई। वक्ताओं ने हिंदी पत्रकारिता के जनक पंडित युगल किशोर शुक्ल को याद करते हुए 30 मई 1826 को प्रकाशित हिंदी के प्रथम समाचार पत्र ‘उदन्त मार्तण्ड’ के ऐतिहासिक योगदान पर प्रकाश डाला। गोष्ठी के अंत में उपस्थित पत्रकारों ने निष्पक्ष, निर्भीक और जनहितकारी पत्रकारिता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए पत्रकार एकता को मजबूत बनाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर मंडल प्रवक्ता विजय यादव, जिला उपाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह, प्रमोद श्रीवास्तव, सच्चिदानंद मिश्र, देवानंद पाठक, मोहम्मद इस्माइल, सैफ हैदर रिजवी, गणेश अग्रहरि सहित बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे।

