किसान नेताओं के साथ किये-गये करार को लागू नहीं करना, पुनः किसानों के साथ धोखा

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मधेपुरा/बिहार : केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त आह्वान पर सोमवार को आयोजित अखिल भारतीय आम हड़ताल के समर्थन में वाम दलों के कार्यकर्ता ने विरोध प्रदर्शन करते हुये जिला मुख्यालय स्थित एसबीआई के मुख्य शाखा को घंटों बाधित किया. आंदोलनकारियों ने बिजली कार्यालय के कामकाज को भी ठप किया. इस अवसर पर वामपंथी कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे भाकपा के राष्ट्रीय परिषद सदस्य सह मजदूर नेता प्रमोद प्रभाकर ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा श्रम कानून में किये गये संशोधन, सार्वजनिक क्षेत्रों के निजी करण, नई पेंशन योजना एवं भीषण महंगाई तथा बेरोजगारी के खिलाफ ट्रेड यूनियनों द्वारा आयोजित आम हड़ताल को वामदलों ने किया समर्थन है. उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार बैंक, बिजली, रेल, एलआईसी, जीआईसी, भारतीय पेट्रोलियम, हवाईअड्डा, कोयला खाद्दान, संचार,  विश्वविद्यालय आदि महत्वपूर्ण सार्वजनिक उपक्रमों को धड़ल्ले से कौड़ी के दाम बेच रही है.

 किसान नेताओं के साथ किये-गये करार को लागू नहीं करना पुनः किसानों के साथ धोखा : भाकपा नेता प्रमोद प्रभाकर ने कहा कि सार्वजनिक संपत्तियों को बेचने का मतलब, देश को बेचना है. वामपंथी पार्टी देश को बेचने नहीं देगी एवं किसी भी सूरत में किसान मजदूर के खिलाफ कोई भी नीति को लागू नहीं होने देगी. भाकपा के जिला मंत्री विद्याधर मुखिया एवं माकपा के जिला मंत्री मनोरंजन सिंह ने कहा कि केंद्र एवं राज्य की सरकार मजदूर विरोधी सरकार है. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि समान काम का समान वेतन मान देना होगा, सरकारी कर्मचारियों की छटनी, वेतन कटौती को बंद करना होगा, निजीकरण की नीति पर रोक लगानी होगी, अन्यथा इसके गंभीर परिणाम होंगे. बिहार राज्य किसान सभा के सचिव रमन कुमार एवं कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि केंद्र सरकार मजदूर एवं किसान विरोधी सरकार है. एक साल तक चले लंबे किसान आंदोलन एवं सात सौ किसानों की शहादत के बल पर सरकार ने तीन कृषि कानून तो वापस लिया, लेकिन किसान नेताओं के साथ किये-गये करार को लागू नहीं कर, पुनः एक बार किसानों के साथ धोखा किया.

सरकार नियोजित कर्मियों के साथ कर रही है अन्याय, कीड़े-मकोड़े की जिंदगी जीने को विवश : सीपीआई के अंचल मंत्री मो जहांगीर एवं अनिल भारती ने कहा कि यह देश किसानों एवं मजदूरों का है, उसके साथ अन्याय नहीं सहेंगे. एटक के जिला संयोजक वीरेंद्र नारायण सिंह एवं सहायक संयोजक दिलीप पटेल ने कहा कि सरकार नियोजित कर्मियों के साथ अन्याय कर रही है. असंगठित क्षेत्रों के मजदूर कीड़े मकोड़े की जिंदगी जीने को विवश हैं. सीपीआई के युवा नेता शंभू क्रांति, रमेश कुमार शर्मा एवं कृष्णा मुखर्जी ने कहा कि देश की मोदी सरकार ना सिर्फ किसान-मजदूर, बल्कि छात्र-नौजवान विरोधी भी है. महेंद्र नारायण पंकज ने कहा कि सरकार सुनियोजित रूप से शिक्षा को बर्बाद कर दी है.

विरोध प्रदर्शन में छात्र नेता विमल विद्रोही, शुभम स्टालिन, युवा नेता रामचंद्र पौदार, नवीन कुमार, संजय यादव, विवेक कुमार, मजदूर नेता राजकिशोर सरदार, विद्यानंद राम, मो जमील, कैलाश ऋषिदेव, चुन्ना मरांडी, संजय मरांडी, रेशम हेंब्रम, आलोक कुमार, महिला नेत्री रानी देवी, सजनी देवी, भाकपा माले नेता सीताराम रजक आदि शामिल थे.

बिनीत कुमार बबलू
संवाददाता, मधेपुरा

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