मंत्री सुमित कुमार सिंह ने खबरों का किया खंडन

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पटना/बिहार : मुंगेर, जमुई, लखीसराय, शेखपुरा स्थानीय निकाय क्षेत्र विधान परिषद चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार गुड्डू यादव को मेरा समर्थन नहीं है। उनके द्वारा मेरे समर्थन का दावा बिल्कुल निराधार, कोरा अफवाह मात्र है। जमुई जिला परिषद के हितों को दरकिनार कर सियासी स्वार्थ में अंधे हो गुड्डू यादव ने एमएलसी चुनाव लड़ने का निश्चय किया जिसका मैं किसी भी सूरत में समर्थन नहीं कर सकता हूं। ऐसे किसी भी दावे और खबरों का आधार सिर्फ झूठ और जनता को भ्रमित करने की मंशा ही है। 

मुझे सोनो-चकाई की जनता ने अपना आशीर्वाद दिया। मैं निरंतर क्षेत्र के विकास के लिए कार्य कर रहा हूं। ऐसे में किसी के द्वारा मेरे नाम पर किया गया कोई भी राजनीतिक दावा महज खोखला और आधारहीन है। मेरी राजनीति का आधार सोनो-चकाई, जमुई जिला, अंग क्षेत्र और फिर बिहार है। यहां की जनता का हित मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसमें अड़ंगा लगाने वाला, प्रगति के अनुकूल परिस्थितियों को प्रतिकूल करने वाला मेरे लिए शूल के समान है। मेरा सबसे प्रिय वही जो मेरे क्षेत्र के विकास में सहायक हो, अंग क्षेत्र की उन्नति में सहयोगी हो। जिसके निजी स्वार्थ उस पर भारी है, तो उससे न कोई अपनापन, न कोई रिश्तेदारी है। यह अंग क्षेत्र और चकाई-सोनो के पहाड़ों के पत्थरों पर लिखा अकाट्य तथ्य है।

इस मुद्दे को लेकर एक और महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि जमुई जिला परिषद अध्यक्ष के चुनाव में गुड्डू यादव की पत्नी श्रीमती दुलारी देवी जी को मेरा समर्थन अवश्य था, उनके लिए सर्वानुमति भी कायम किया था। मेरा मकसद था कि जमुई जिला परिषद में राजनीतिक कटुता से मुक्त होकर सभी सम्मानित जिला पार्षद विकास के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य करें। लेकिन असमय गुड्डू यादव की राजनीतिक महत्वाकांक्षा उछाल मारने लगी। अपनी अर्द्धांगिनी माननीय जिला परिषद अध्यक्ष के सहयोगी के रूप में जमुई के विकास की गति को तीव्र करने के बजाय सियासी स्वार्थ के भंवर जाल में फंस गए। अपनी जीवनसंगिनी के राजनीतिक दायित्व के समुचित निर्वाह में सहयोगी बनने के बजाय उसमें बाधक बन गए हैं। इसका नुकसान जमुई जिला को हो सकता है।

चुनाव लड़ने को हर कोई आज़ाद है, पर देखना होगा कि इसका खामियाजा किसे भुगतना होता है। जिला परिषद को प्रगति पथ पर आगे लेकर चलने के बजाय उसमें शूल खड़ा करना जिले के ग्रामीण इलाकों के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए हानिकारक है। मैं समर्थन के किसी भी दावे की  कठोर शब्दों में भर्त्सना करते हुए इस बात का खंडन करता हूं कि आगामी विधान परिषद चुनाव के लिए मैंने अन्य दल के किसी भी प्रत्याशी अथवा निर्दलीय प्रत्याशी को समर्थन दिया है। ऐसी खबरें सत्य से परे, भ्रामक और आधारहीन हैं।