स्थापना से “द रिपब्लिकन टाइम्स” पत्रकारिता के सिद्धांतों के साथ बढ़ा रहा कदम

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मधेपुरा/बिहार (टीआरटी डेस्क) : वेब पोर्टल की दुनिया में लगातार अलग पहचान बना रहा चर्चित वेब पोर्टल “द रिपब्लिकन टाइम्स” के चौथे वर्षगांठ दिवस के अवसर पर मधेपुरा जिला मुख्यालय स्थित “द रिपब्लिकन टाइम्स” के प्रधान कार्यालय में विश्व व्यापी महामारी कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के कारण सादे समारोह का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के शुरुआत में मौके पर उपस्थित अतिथियों व पत्रकारों ने डॉ बोस की तस्वीर पर पुष्पांजलि व माल्यार्पण कर उन्हें याद कर श्रद्धांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए “द रिपब्लिकन टाइम्स” के प्रधान संपादक मोo रजिउर रहमान ने कहा कि पत्रकारों  के कंधे पर ना सिर्फ पत्रकारिता की गरीमा को बनाये रखने की जिम्मेदारी है, बल्कि देश के अन्य तीनों स्तंभ की भी गरीमा को बरकरार रखने की जिम्मेदारी होती है। उन्होने कहा कि इस में कोई शक नही है कि पत्रकारिता सबसे कठिन काम है और इस कार्य में जितनी आवश्यकता सामाजिक समरसता को समझने की है, उतनी ही आवश्यकता विश्लेष्ण की होती है। आज के युवा पीढ़ी के पत्रकारों को कोसी के चर्चित हस्ती पत्रकारिकता, वकालत, उद्घोषणा, सामाजिक सरोकार से जुड़े मुद्दों पर काम करने वालों में अग्रिम पंक्ति के चेहरे डॉ देवाशीष बोस के पदचिन्हों पर चल कर अपने समाज, जिला, राज्य और देश हित में पत्रकारिता करने की जरूरत है ताकि पत्रकारिता की गरीमा बनी रहे और जिस तरह से इस दुनियाँ को हमेशा-हमेशा के लिए अलविदा कह डॉ बोस साहब चले गये लेकिन फिर भी आज वे लोगों के दिलों में अपने अच्छे कर्मों और अच्छे व्यवहार के कारण जिन्दा है और हमेशा जिन्दा रहेंगे।

“द रिपब्लिकन टाइम्स” के उप संपादक अमित कुमार अंशु ने कहा कि पत्रकार को हमेशा पूरी बेबाकी और ईमानदारी से किसी भी खबर को लिखना और दिखाना चाहिए। खबर से संबंधित अच्छाई और बुराई, दोनों चीजों को दिखना चाहिए और उसको जनता पर छोड़ देना चाहिए। जनता इसकी को देखेगी कि क्या सही है और क्या गलत, ऐसा नही है की पब्लिक नही समझती बल्कि खुब समझती है कि खबर में क्या सही है और क्या गलत।

कार्यक्रम का संचालन करते हुए युवा साहित्यकार हर्ष वर्धन सिंह राठौर ने कहा पत्रकारिता का असल मतलब समाज का बनाव है। उन्होने कहा कि मै इस बात से भी पुरी तरह सहमत हुं कि पत्रकार के हालात पर ध्याान देनी चाहिए, क्योंकि आज की जो स्थिति है ऐसे में पत्रकारों को जीवन यापन में काफी परेशानियों का समाना करना पड़ता है। ऐसे हालात में दस में से दो ही लोग सही लिख पाऐंगे, लेकिन आठ लोग नही लिख पाऐंगे। इसलिए पत्रकारों को भी सभी तरह की सुविधा और सुरक्षा मिलनी चाहिए।

कार्यक्रम में शामिल पत्रकार राज कुमार, प्रिंस कुमार मिट्ठू, दुर्गा यादव, मिथिलेश कुमार, बिनीत कुमार, अमन कुमार, अमित कुमार, और डॉ पी आलम ने भी डॉ बोस की पत्रकारिता और वेब पोर्टल की कम समय में उपलब्धि पर चर्चा भी की।

 इस अवसर पर पोर्टल से जुड़े पत्रकारों की एक बैठक कर कई अहम निर्णय लेते हुए आगामी कार्यक्रम पर भी कई निर्णय  लिए गए।


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