एआईएसएफ बीएनएमयू ने मनाई प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद की जयंती  

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मधेपुरा/बिहार : एआईएसएफ बीएनएमयू इकाई ने संविधान सभा के स्थाई अध्यक्ष, भारतीय गणराज्य के प्रथम राष्ट्रपति भारत रत्न डॉ राजेन्द्र प्रसाद की जयंती मनाते हुए उन्हें याद किया और उनकी तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए नमन किया ।

एआईएसएफ के बैनर तले आयोजित कार्यक्रम में सादगी और उपलब्धि के साथ देश के सर्वोच्च पद को सुशोभित करने वाले राजेन्द्र प्रसाद की जयंती पर संगठन के बीएनएमयू व पीयू प्रभारी हर्ष वर्धन सिंह राठौर ने कहा कि राजेन्द्र प्रसाद बिहार की धरती के वो अनमोल रत्न हैं जिसपर सम्पूर्ण राष्ट्र गर्व महसूस करता है। छात्र जीवन से ही विलक्षण प्रतिभा के धनी रहे राजेंद्र प्रसाद ने संविधान सभा के स्थाई अध्यक्ष और राष्ट्र के प्रथम राष्ट्रपति के रूप में भूमिका निभाई उसने आधुनिक भारत बुनियाद को मजबूती करने का काम किया। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सर्वाधिक निकटम रहे राजेंद्र प्रसाद हमेशा देश हित में संलग्न रहे । उनकी कॉपी पर एग्जामनर द्वारा लिखे गए वाक्य” एग्जामाइन इज बेटर दैन एग्जॉ्मनर” विश्व पटल पर किसी छात्र की अनोखी उपलब्धि और उसकी प्रतिभा का सम्मान है।

छात्र नेता राठौर ने जयंती के अवसर पर छात्रों को कहा कि भारत का सौभाग्य है कि इसकी धरती पर अनगिनत ऐसी प्रतिभाएं आई जिसका जीवन और योगदान आज भी देश को गौरवान्वित करता है। राजेंद्र प्रसाद इसी कड़ी के एक महत्वपूर्ण नाम हैं। प्रियंका, सिम्पल ने इस अवसर पर कहा कि सादगी और समर्पण के पर्याय रहे भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद से छात्रों को सीख लेते हुए जीवन में उतारना भी चाहिए। रूपेश, गौतम और मौशम ने कहा कि महापुरुषों के जीवनी पढ़ने से बहुत कुछ सीखने को मिलता है खासकर कुछ करने की प्रेरणा मिलती है।

वहीं पूजा, पुनीता आशा, रौशन, धर्मेन्द्र, लक्ष्मी, अंशु, पियुस, विजय, संजय, मोहन, नेहा काजल ज्योति आदि ने कहा कि ऐसे महापुरुषों की जीवनी को आत्मसात करने की जरूरत है इनको जाने बिना देश के संघर्ष और सफलता को नहीं समझा जा सकता। इस मौके पर बड़ी संख्या में छात्र ,छात्राएं उपस्थित रहे।

मो० नियाज अहमद
ब्यूरो, मधेपुरा

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