अच्छी पहल : शैक्षणिक माहौल बनाने के लिए “महाविद्यालय चलो” अभियान की होगी शुरुआत

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मधेपुरा/बिहार : ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय में शैक्षणिक माहौल बनाने के लिए महाविद्यालय चलो अभियान चलाया जायेगा. इसके लिए दो सितंबर को महाविद्यालय में छात्र-छात्राओं समेत अभिभावकों, सभी दलों के छात्र नेताओं, समाजसेवियों एवं अन्य लोगों के बीच संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा.

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 इस बाबत ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय के प्राचार्य डा केपी यादव ने बताया कि महाविद्यालय में लगभग साडे नौ हजार छात्र-छात्राएं नामांकित है. महाविद्यालय के विभिन्न संकायों, व्यवसायिक शिक्षा, वोकेशनल, प्रोफेशनल एवं पारंपरिक शिक्षा में छात्र-छात्राओं की पर्याप्त संख्या के बावजूद महाविद्यालय में छात्र छात्राएं वर्गाध्यापन में भाग नहीं लेते हैं. यह महाविद्यालय एवं शिक्षा के लिए अत्यंत दुखद पहलू है. उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थान में शैक्षणिक वातावरण निर्माण एवं शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए छात्र-छात्राओं की उपस्थिति अनिवार्य है लेकिन महाविद्यालय में जब नामांकन होता है तो छात्र-छात्राओं की भीड़ उमड़ पड़ती है. परीक्षा प्रपत्र भरना होता है तो उसमें छात्रों की भीड़ रहती है.

संवाद कार्यक्रम में उपस्थित होने के लिए सभी छात्रावास को किया गया है सूचित : प्राचार्य ने कहा कि केवल नामांकन एवं परीक्षा प्रपत्र भरने के समय छात्र छात्राओं को ही महाविद्यालय परिसर में देखा जाता है, लेकिन दुखद स्थिति एवं दुर्भाग्य है कि वर्ग में छात्र दिखाई नहीं पड़ते हैं. महाविद्यालय सभी सुविधाओं से लैस है हमारे पास सभी विषयों के अच्छे-अच्छे प्रतिभाशाली शिक्षक मौजूद हैं, फिर भी छात्र-छात्राएं वर्ग में उपस्थित नहीं होते हैं. इस दुखद पहलू को दूर करने के लिए दो सितंबर को 11 बजे से महाविद्यालय में छात्रों से संवाद किया जायेगा. संवाद कार्यक्रम में शहर के विभिन्न छात्रावास, टाटा आयरन स्टील छात्रावास, अंबेडकर छात्रावास, अल्पसंख्यक छात्रावास समेत ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय में नामांकित इंटरमीडिएट, स्नातक एवं स्नातकोत्तर के सभी छात्र छात्राओं को उपस्थित होने के लिए सूचित कर दिया गया है.

75 प्रतिशत उपस्थिति नहीं होने पर छात्रों का रद्द हो सकता है नामांकन : प्राचार्य ने कहा कि बताया कि छात्र-छात्राओं के साथ महाविद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षकेतर कर्मी, भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय अंतर्गत सभी छात्र संगठन एवं अभिभावकों, समाजसेवियों एवं स्थानीय लोगों से भी अनुरोध किया गया है कि वह भी इस संवाद कार्यक्रम में भाग लें. उन्होंने कहा कि महाविद्यालय के सभी छात्र-छात्राएं वर्गाध्यापन में भाग लें, यदि महाविद्यालय में वर्गाध्यापन का कार्य नहीं होगा तो उसकी सारी जिम्मेदारी मेरी होगी और मुझ पर दंडात्मक कार्रवाई की जायेगी, लेकिन छात्र-छात्राएं वर्ग में उपस्थित नहीं होते हैं और उनकी 75 प्रतिशत उपस्थिति नहीं बनती है तो निश्चित तौर पर महाविद्यालय प्रशासन के द्वारा भी छात्रों पर कार्रवाई की जायेगी. उन्हें परीक्षा प्रपत्र भरने से वंचित कर दिया जायेगा. संभव हुआ तो छात्रों का नामांकन भी रद्द किया जायेगा.

अमित कुमार अंशु
उप संपादक

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