4 साल से मूल प्रमाण-पत्र के लिए BNMU का चक्कर काटने वाले छात्र के साथ विवि कर्मियों ने की मारपीट

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मधेपुरा/बिहार : भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय का परीक्षा विभाग छात्रों के लिए परेशानी का सबब बन चुका है. विभागों में कागजातों का सही ढंग से नहीं रखा जाना, परीक्षा विभाग की सबसे बड़ी समस्या है. मूल प्रमाण पत्र एवं माइग्रेशन प्रमाण पत्र के लिए रोजाना सैकड़ों छात्र विश्वविद्यालय पहुंचते हैं और निराश होकर लौटते हैं. साथ ही परीक्षा विभाग की लापरवाही के कारण अंक प्रमाण पत्र एवं पंजीयन प्रमाण पत्र जैसे कई कागजातों में लगातार गड़बड़ियां पाई जाती है. जिसे विश्वविद्यालय प्रशासन टंकण मिस्टेक कहकर पल्ला झाड़ लेती है, लेकिन छात्रों को इस परेशानी से रूबरू होना पड़ता है. जिसके कारण छात्रों एवं कर्मियों में नोंकझोंक भी होती रहती है. यह नोंकझोंक अब हाथापाई पर भी आ चुकी है.

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विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय का चक्कर काटते काटते तंग आ चुके थे अग्रज : बुधवार को भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय में विश्वविद्यालय की गरिमा को धूमिल करते हुए मूल प्रमाण-पत्र के लिए आए एक छात्र एवं विश्वविद्यालय कर्मियों को एक साथ हाथापाई करते हुए देखा गया. एमएलटी कॉलेज सहरसा के पीड़ित छात्र अग्रज कुमार मल्लिक ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2017 में स्नातक के मूल प्रमाण-पत्र के लिए विश्वविद्यालय में आवेदन किया था. इसके बाद से लगातार वे विश्वविद्यालय का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें मूल प्रमाण-पत्र नहीं मिल पाया है. उन्होंने बताया कि कॉलेज में बताया जा रहा है कि उनका मूल प्रमाण-पत्र विश्वविद्यालय में है और विश्वविद्यालय के संबंधित विभाग के कर्मी कॉलेज में मूल प्रमाण-पत्र होने की बात कहकर उन्हें वापस भेज देते हैं. उन्होंने बताया कि कभी टीआर खराब हो जाने की बात कहकर कॉलेज से टीआर लाने को कहा जाता है तो कभी कुछ और बहाना बनाया जाता है. जबकि उनके पास सारा कागजात उपलब्ध है. जिसके कारण भी पूरी तरह से तंग आ चुके हैं.

भूख हड़ताल करने की बात कही तो कर्मियों ने धक्का-मुक्की एवं मारपीट : अग्रज कुमार मल्लिक ने बताया कि बुधवार को जब वे विश्वविद्यालय के मूल प्रमाण-पत्र शाखा में गए तो वहां के कर्मियों ने चार बजे के बाद आने को कहा. उन्होंने बताया कि वहां जब वे प्रमाण-पत्र मिलने तक भूख हड़ताल करने की बात कही तो उनके साथ कर्मियों ने धक्का-मुक्की कर उसे कार्यालय से बाहर कर दिया. इतना ही नहीं उनके साथ कर्मियों ने मारपीट कर उनका रसीद भी फाड़ दिया. अग्रज कुमार मल्लिक की बात सुनकर कई छात्र संगठनों के छात्र नेताओं ने भी मामले पर नाराजगी व्यक्त की जिसके बाद उन लोगों ने मूल प्रमाण पत्र शाखा में जाकर कर्मियों से भी वार्ता कर विरोध जाहिर किया. छात्र नेताओं ने कहा कि मामले में गलती जिसकी भी हो लेकिन आखिर ऐसी नौबत क्यों आ गई कि कर्मी एवं छात्र अपने आप में ही हाथापाई पर उतर आये.

छात्र के द्वारा लगाया जा रहा आरोप है गलत, कार्यालय के अंदर घुसकर मचा रहा था हल्ला : धीरे धीरे यह मामला तूल पकड़ता गया और लगभग दो घंटे तक विश्वविद्यालय परिसर में गहमागहमी दिखी. जिसके बाद परीक्षा नियंत्रक डा नवीन कुमार ने मौके पर पहुंचकर मामले को शांत किया. मूल प्रमाण-पत्र शाखा में कार्य कर रहे एक कर्मी संतोष कुमार ने बताया कि छात्र के द्वारा लगाए जा रहे आरोप गलत है. अग्रज कुमार मल्लिक कार्यालय के अंदर घुसकर हल्ला मचा रहा था. इस पर मूल प्रमाण पत्र के लिए आए कुछ छात्रों ने ही उसे कार्यालय से बाहर कर दिया. वहीं मामले को लेकर परीक्षा नियंत्रक डा नवीन कुमार ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया.

बहरहाल लगातार कुव्यवस्था एवं लापरवाही के कारण विवादों से घिरा रहता है. लोगों की माने तो छात्रों को परेशान करना विश्वविद्यालय प्रशासन की नियति बन चुकी है. रोजाना सैकड़ों छात्र विश्वविद्यालय के लापरवाही के कारण निराश होकर लौट जाते. इनमें कई ऐसे छात्र हैं जो कई महीने एवं कई सालों से विश्वविद्यालय परिसर का चक्कर काट रहे हैं लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन को इनके परेशानियों से कोई लेना-देना नहीं है.

अमित कुमार अंशु
उप संपादक

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