मधेपुरा नप क्षेत्र को विकसित देखने का ख्वाब, ख्वाब ही रह जायेगा?

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मधेपुरा/बिहार : नगर परिषद का नाम सुनते ही नप क्षेत्र एवं नप प्रशासन, कार्यपालक पदाधिकारी, मुख्य पार्षद, वार्ड पार्षद के साथ-साथ उनके कार्य नजर आने लगते हैं. जो कि नप क्षेत्र के विकास के लिए कार्य करते हैं, लेकिन मधेपुरा नप क्षेत्र के लोगों को यह नसीब नहीं होगा और नप क्षेत्र को विकसित देखना उनका सपना ही रह जायेगा. जबकि मधेपुरा नप क्षेत्र होने के साथ-साथ जिला मुख्यालय, सदर प्रखंड का मुख्यालय एवं सदर अनुमंडल का मुख्यालय भी है. बावजूद इसके मधेपुरा नगर परिषद क्षेत्र की हालात ग्रामीण क्षेत्रों जैसी है. शहर के नालों की स्थिति बद से बदतर हो चुकी है. किसी क्षेत्र में नाला है तो निकासी नहीं है और निकासी की व्यवस्था है तो नाला कचरों से जाम पड़ा हुआ है. साथ ही कई क्षेत्रों में नाला के ऊपर ढक्कन नहीं है तो कहीं इतनी जर्जर अवस्था में है कि वह परेशानी का कारण बन चुका है. लोगों की जुबानी में सीधी शब्दों में कहें तो शहर में नाला होना या ना होना बराबर हो चुका है.Photo : www.therepublicantimes.coPhoto : www.therepublicantimes.co

सड़कों पर जमा हो जाता है नाला का पानी : सड़कों पर दो-तीन दिन पहले हुए बारिश का जलजमाव शहर के नालों की स्थिति को बयां करती है. नाला लोगों के लिए सुविधा प्रदान करता है. बारिश के दिनों में सड़कों पर हुए जलजमाव के साथ-साथ घरों के पानी की निकासी करता है, लेकिन मधेपुरा नप के नालों की कहानी थी उल्टी है. यहां नाला का पानी निकल कर सड़कों पर जमा हो जाता है. अब तो स्थिति ऐसी हो चुकी है कि लोगों ने नाला में बरसात का पानी जाने के लिए बनाए गए छेद को भी बंद कर दिया है. साथ ही कई जगहों पर मिट्टी डालकर नाला को पूरी तरह से ढक दिया है, ताकि नाले का पानी बाहर ना आ सके. जिला मुख्यालय क्षेत्र में सड़कों पर जमा बरसात एवं नालों के पानी से उठ रहे सड़ांध व दुर्गंध के बीच लोगों का जीना मुश्किल हो गया है.Photo : www.therepublicantimes.coPhoto : www.therepublicantimes.co

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जलजमाव होने से लोगों का सड़को पर चलना मुश्किल : बीते दो दिनों से बारिश नहीं हुई है, फिर भी जिला मुख्यालय के पुरानी बाजार, मस्जिद चौक, पानी टंकी चौक, आजाद टोला रोड, जगजीवन पथ समेत कई स्थानों पर अभी भी जलजमाव है. सड़कों पर जलजमाव होने से लोगों का सड़को पर चलना मुश्किल हो गया है. बारिश रुकने के बाद पानी कम तो हुआ, लेकिन लोगों की परेशानी यथावत है. जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने से जलजमाव व दुर्गंध एक गंभीर समस्या बनी हुई है. दुर्गंध व सड़ांध से लोगों की परेशानी चरम पर है. स्थानीय लोगों ने बताया कि जल्द ही सड़कों पर जमा गंदा पानी की निकासी नहीं की गयी तो बीमारी से ग्रसित हो जायें, इसे नकारा नहीं जा सकता है. लोगों ने जिला प्रशासन एवं नप प्रशासन से इस समस्या से निजात दिलाने की मांग की.

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जलजमाव से महामारी फैलने की आशंका, समस्या से निजात दिलाने की मांग  : शहर के कई जगहों पर सड़क पर नाले की निकासी नहीं होने के कारण बरसात का पानी नहीं बहने से जल जमाव हो गया है. जिससे राहगीरों को आने-जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. सड़क पर बरसात का पानी इस कदर जमा हुआ है कि पैदल चलना भी दुश्वार हो गया है. काफी मशक्कत के बाद नाले के ऊपर से, ईट व स्लेप के सहारे एवं सड़क के दूसरे किनारे से होकर लोग सड़क पर आवागमन कर रहे हैं. लोगों ने कहा कि शहर के परेशानियों पर जिले के सभी अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों की नजर जाती है, बावजूद अभी तक जिले के अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों तक का उदासीन रवैया बना हुआ है. एक तरफ वैश्विक महामारी कोरोना को लेकर लोग दहशत में हैं और सभी अपने आप को एवं अपने आसपास साफ सुथरा रखने की कोशिश कर रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ इस जलजमाव के बदबू से महामारी फैलने की आशंका है.

अमित कुमार अंशु
उप संपादक

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