मोदी सरकार को किसान-मजदूर विरोधी बताकर किसान संगठनों एवं महागठबंधन ने मनाया काला दिवस, पीएम का पुतला फूंका

Photo : www.therepublicantimes.co
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मधेपुरा/बिहार : मोदी सरकार के 7 साल एवं तीन कृषि कानून के खिलाफ राष्ट्रव्यापी किसान आंदोलन के 6 माह पूरे होने और सरकार की जनविरोधी नीति एवं किसान आंदोलन के प्रति अरियल रुख के खिलाफ संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर आज यहां विभिन्न किसान संगठनों एवं महागठबंधन के कार्यकर्ताओं ने लॉकडाउन का पालन करते हुए विरोध प्रदर्शन किया गया और पीएम नरेंद्र मोदी का पुतला फूंक कर अपने गुस्से हा इजहार किया ।

 इस अवसर पर आंदोलनकारियों एवं उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए सिंघेश्वर के विधायक चंद्रहास चौपाल ने कहा कि हमारा किसान आंदोलन देश के किसानों को कारपोरेट की लूट वह नियंत्रण से बचाने तथा आम जनता की खाद्य सुरक्षा की हीफाजत करने के लिए लड़ा जा रहा है, लेकिन सरकार कोरोना का बहाना बनाकर किसान आंदोलन को खत्म करने पर अमादा है। उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार पूरी तरह कॉरपोरेट हिमायती एवं किसान-मजदूर विरोधी है, ऐसी सरकार को उखाड़ फेंकना वक्त का तकाजा है।

वहीं राजद के जिला अध्यक्ष जय कांत यादव ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार हिंदू-मुस्लिम और मंदिर-मस्जिद के नाम पर देश को तबाह और बर्बाद कर दिया है, इनके जनविरोधी नीतियों के कारण आम लोग परेशान है, किसान और नौजवान आत्महत्या करने को मजबूर है, इसलिए आज देश के अंदर करोड़ों किसान और जवान इस सरकार के खिलाफ काला दिवस मना रहा है,  अगर सरकार अपने जनविरोधी फैसलों को वापस नहीं लेती तो संघर्ष तेज होंगे। भाकपा के राष्ट्रीय परिषद्  सदस्य एवं बिहार आज किसान सभा के प्रभारी प्रमोद प्रभाकर ने कहा कि आज वह काला दिन है जब मोदी शासन के 7 साल पूरे हो रहे हैं, इन 7 वर्षों में मोदी सरकार ने किसान विरोधी कारपोरेट पक्षीय रुख का इजहार किया है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योग का निजीकरण, नोटबंदी, जीएसटी तीन कृषि कानून, श्रम कानूनों में संशोधन जैसे सरकार की जनविरोधी फैसले के कारण आम लोगों का जीना दुभर है, बेरोजगारी और महंगाई आसमान छू रही है, अर्थव्यवस्था रसातल में पहुंच गया है, देश में चारों तरफ हाहाकार मचा है। भाकपा नेता ने कहा कि सरकार 6 माह से आंदोलनरत संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं के साथ सार्थक वार्ता करे, किसान विरोधी कृषि कानून वापस ले, एमएसपी को कानूनी जामा दे, अन्यथा परिणाम गंभीर होंगे।

  माकपा के राज्य कमेटी के सदस्य एवं किसान नेता गणेश मानव ने कहा कि सरकार रासायनिक खाद डीजल पेट्रोल एवं रसोई गैस की बढ़ाई गई कीमत वापस ले, कोरोना महामारी में सभी लोगों को कोरोना जांच, टीकाकरण एवं संपूर्ण इलाज सुनिश्चित करें अन्यथा इसके खामियाजा भुगतने को तैयार रहे, भाकपा माले के जिला संयोजक रामचंद्र दास ने कहा कि मनरेगा में सभी जरूरतमंदों को काम सबको राशन एवं ₹10000 मासिक भत्ता दे लोगों की जान माल की सुरक्षा की गारंटी करे सरकार, उन्होंने कहा कि मोदी सरकार एक बार फिर लंबी प्रतीक्षा कराकर किसान आंदोलन को कमजोर करने की साजिश कर रही है लेकिन हम अपनी लड़ाईयों को तेज करेंगे और सरकार को जनविरोधी फैसले वापस लेने को मजबूर करेंगे। राजद के प्रदेश महासचिव बिजेंद्र प्रसाद यादव एवं महागठबंधन के जिला सह संयोजक रामकृष्ण यादव ने कहा कि मोदी सरकार अलोकतांत्रिक एवं जन विरोधी है उन्होंने कहा कि देश के अन्नदाता किसानों के साथ छलावा कर रही है सरकार।

युवा राजद के प्रदेश महासचिव संदीप  कुमार यादव एवं राजद किसान प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष प्रकाश कुमार पिंटू ने कहा कि किसानों पर अत्याचार नहीं सहेंगे जो सरकार किसान का नहीं वह हिंदुस्तान का नहीं, नेता द्वय ने कहा कि मोदी सरकार कातिल है, दिल्ली बॉर्डर पर 6 माह से चल रहे किसान आंदोलन में 470 किसान शहीद हो चुके हैं, फिर भी सरकार को शर्म नहीं आती। वहीं राजद के युवा नेता पंकज यादव राजद प्रखंड अध्यक्ष सुरेश कुमार यादव जिला महासचिव अरविंद यादव, शिक्षक नेता डॉ सुरेश कुमार यादव,डॉ विजय कुमार यादव, भाकपा नेता शंभू क्रांति, बीरेंद्र नारायण सिंह ने कहा कि कोरोना केआर ने देश को बर्बाद करने पर तुली है मोदी सरकार,  नेताओं ने पूछा स्वयंभू गंगा पुत्र जवाब दे क्यों गंगा नदी में तैर रही है सैकड़ों लाशें, आखिर कौन है इसके जिम्मेवार?

 इसके अलावा महागठबंधन के किसान मजदूर नेता कमल दास,  मोहम्मद जहांगीर, इंजीनियर मोहम्मद चांद, सीताराम रजक, राकेश कुमार रमन, पंकज कुमार, एआईएसएफ के जिला अध्यक्ष वसीम उद्दीन उर्फ नन्हे, युवा नेता ललन कुमार यादव, विकास कुमार यादव, प्रिंस कुमार, अमलेश कुमार, निखिल कुमार, प्रणव कुमार, नित्यानंद यादव, एटक नेता दिलीप पटेल,  मोहम्मद सनाउल्लाह, छात्र नेता मोहम्मद रफी अहमद, मोहम्मद शाहनवाज, मोहम्मद एजाज, राजद नेता धीरेंद्र यादव, इंग्लिश यादव, दिनेश प्रसाद यादव, कैलाश मंडल, राकेश कुमार यादव, राजीव कुमार यादव, दिलेर सम्राट आदि ने कहा देश के किसान और नौजवान बदहाल है, आम लोग परेशान हैं, नरेंद्र मोदी को सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है, किसान नेताओं ने मक्का और गेहूं को समर्थन मूल्य पर खरीद सुनिश्चित करने एवं कोरोना महामारी से आम लोगों को सुरक्षा और बचाव की गारंटी करने की मांग की।

मो० नियाज अहमद
ब्यूरो, मधेपुरा

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