असामाजिक तत्वों को पनाह देने वाले लॉज संचालकों की अब खैर नहीं, सख्त कारवाई के मूड में मधेपुरा पुलिस

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फ़ोटो : बैठक में शामिल प्रभारी सदर एसडीएम, सदर एसडीपीओ, सदर थानाध्यक्ष सहित अन्य
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टीआरटी डेस्क

मधेपुरा/बिहार : तीन दिन पहले मधेपुरा सदर थाना परिसर में हुई घटना को लेकर आज सदर थाना परिसर में शहर के लॉज संचालकों के साथ पुलिस पदाधिकारों की एक बैठक बुलाई गई, जिसमें घटनाक्रम के सभी पहलुओं पर गौर व फिक्र कर कई निर्णय लिए गए ।

बैठक का वीडियो देखने के लिए यहाँ क्लिक करें

 मालूम हो कि बीते बुधवार की रात लगभग 10 बजे मधेपुरा सदर थाना क्षेत्र में कुछ घंटों के लिए शहरवासियों की साँसे जैसे थम सी गई थी, जिला मुख्यालय के कॉलेज चौक से लेकर सदर थाना परिसर तक लगभग दो घंटे तक बड़ा ही भायावय स्थिति उत्पन्न हो गई थी, सैंकड़ों की संख्या में छात्र अपने-अपने हाथों में लाठी-डंडे, रड लेकर पहले तो जिला मुख्यालय के कॉलेज चौक पर जमकर उत्पाद माचाया, उसके बाद अचानक वह भीड़ सदर थाना के जानिब रुख करती है और उस दौरान उस रास्ते से गुजरने वाली तमाम छोटी बड़ी गाड़ियों को भी भीड़ द्वारा खदेड़ा गया, लेकिन उन सभी गाड़ी के चालकों ने बड़ी दिलेरी दिखते हुए ना सिर्फ अपने साथ साथ अपनी गड़ियों को भीड़ के हत्थे चढ़ने से बचाया, बल्कि गाड़ी में बैठे सवारियों को भी सुरक्षित करते हुए वहाँ से भागने में सफल रहे। बेकाबू भीड़ कॉलेज चौक से पुरानी बाजार, मस्जिद चौक होते हुए सदर थाना परिसर में घुसकर हमलावर हो गई, फिर क्या था, थाना परिसर में जमकर उत्पात माचाते हुए वहाँ खड़ी गाड़ियों और सीसीटीवी कमरे पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया ।

लगभाग एक घंटे तक सदर थाना परिसर में उपद्रवी भीड़ ने जमकर उत्पात मचाया, इस दौरान थाना में मौजूद पुलिस पदाधिकारी और और पुलिस कर्मियों द्वारा भीड़ को समझाने की पूरी कोशिश की गई लेकिन भीड़ पर उसका कुछ असर नहीं हुआ तो पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए  लाठी चार्ज किया, जिसके बाद भीड़ तितर बितर हो गई, जिनमें से 16 उपद्रवी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया, जबकि बाँकी उपद्रवी भागने में कामयाब रहे। इस दौरान लगभग आधा दर्जन पुलिस कर्मी भी घायल गए।

मामला एक निजी कोचिंग संचालक से जुड़ा हुआ है, बताया जाता है कि वाहन जांच के दौरान निजी कोचिंग संचालक रामप्रवेश यादव की मोटरसाइकिल को पुलिस द्वारा रोका गया और उस दौरान कोचिंग संचालक और पुलिस पदाधिकारी के बीच बहस हो गई जिसके बाद कोचिंग संचालक रामप्रवेश यादव द्वारा फ़ेसबुक पर भड़काऊ भाषा का इस्तेमाल करते हुए लाइव पोस्ट बनाकर डाल दिया गया, जिसके बाद उनके कोचिंग में पढ़ने वाले छात्र और कुछ असामाजिक तत्वों ने सदर थाना परिसर में घुसकर जब्त की गई कई गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया और जमकर पत्थरबाजी भी की।

      बहरहाल इस मामले में पुलिस ने कोचिंग संचालक सहित 17 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। चूंकि इस पूरी घटनाक्रम में शहर के विभिन जगहों बने लॉज में रहने वाले बाहरी छात्रों की अहम भूमिका रही है, जिसके मद्देनजर आज सदर थाना में प्रभारी सदर एसडीएम और सदर एसडीपीओ की मौजूदगी में शहर के लगभग दो दर्जन लॉज संचालकों सहित समाजसेवियों की बैठक बुलाई गई थी, लेकिन बैठक कुछ लॉज संचालकों की उपस्थति रही, जबकि दर्जन भर से ज्यादा लॉज संचालक बैठक में शामिल नहीं हुए, जिस वजह से निर्णाय लिया गया कि आगमी 28 तारीख को फिर से शहर के लॉज और कोचिंग संचालक सहित वार्ड सदस्यों के साथ बैठक की जाएगी, जिसके बाद जिला स्तर पर बैठक कर लॉज में रह रहे असामाजिक तत्वों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कारवाई की जाएगी।


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