मधेपुरा : सड़क दुर्घटना में युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत, आक्रोशित लोगों ने किया सड़क जाम

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अमित कुमार अंशु
उप संपादक

मधेपुरा/बिहार : मंगलवार को जिला मुख्यालय के पश्चिमी बाय पास रोड स्थित खेदन बाबा चौक पर जिला जीविका कार्यालय के समीप एसएफसी ट्रैक्टर ट्रॉली के पिछले चक्के से दब कर मोटरसाइकिल चालक सदर प्रखंड के मानिकपुर पंचायत के रेलवे ढाला के बगल में वार्ड नंबर दो निवासी उमेश यादव के 18 वर्षीय पुत्र रणधीर कुमार की मौत हो गई. दुर्घटना होने के तुरंत बाद ही युवक की मौत हो गई. वहीं मौके पर से ट्रैक्टर चालक भागने में सफल रहा. घटना में युवक के सर पर ट्रैक्टर ट्रॉली का चक्का चढ़ने के कारण उसके सर का परखच्चे उड़ गया था. जिसके कारण घटना के लगभग एक घंटे बाद तक, उसकी पहचान नहीं हो पा रही थी. घटना की सूचना पर स्थानीय लोगों ने सदर थाने को दी. घटना की सूचना मिलते ही सदर थाने से कमांडो टीम घटनास्थल पर पहुंचकर युवक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया. वहीं युवक के वाहन की जांच पड़ताल करने के बाद युवक की पहचान की गई एवं उनके परिजनों को घटना की सूचना दी गई.

आक्रोशित परिजनों ने किया डेढ़ घंटे तक सड़क जाम : घटना की सूचना मिलने के बाद मृतक रणधीर कुमार के परिजन घटनास्थल पर पहुंचे. जिसके बाद आक्रोशित परिजन एवं स्थानीय लोगों ने पश्चिमी बाईपास रोड की चेतन बाबा चौक पर मुख्य मार्ग को जाम कर दिया. ग्रामीणों ने मृतक के परिजनों को आपदा के अनुसार मिलने वाली चार लाख रुपये की सहायता राशि देने की मांग को लेकर सड़क जाम किया. जाम के दौरान ग्रामीणों ने टायर जलाकर जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. जाम की सूचना स्थानीय लोगों द्वारा सदर प्रखंड विकास पदाधिकारी आर्य गौतम एवं सदर थानाध्यक्ष सुरेश प्रसाद सिंह को दी गई. जाम की सूचना मिलते ही सदर वीडियो एवं सदर थानाध्यक्ष जाम स्थल पर पहुंचकर ग्रामीणों से वार्ता किया एवं तत्काल सहायता राशि तुरंत देने के साथ आपदा राशि देने के आश्वासन पर लगभग डेढ़ घंटे के बाद जाम को समाप्त किया गया.

जीजा के गेराज में मिस्त्री का काम सीखता था मृतक : जानकारी के अनुसार सदर प्रखंड के मानिकपुर पंचायत के रेलवे ढाला के बगल में वार्ड नंबर दो निवासी उमेश यादव के 18 वर्षीय पुत्र रणधीर कुमार अपने बहन बहनोई जिला मुख्यालय स्थित आदर्श नगर वार्ड नंबर आठ निवासी राहुल यादव एवं विभा देवी के घर पर रहता था तथा जिला मुख्यालय के पूर्वी बाईपास रोड स्थित अपने बहनोई राहुल यादव के गेराज में मिस्त्री का काम सीखने का कार्य किया करता था. घटनास्थल पर उपस्थित मृतक के चचेरे भाई रोशन कुमार यादव ने बताया कि रणधीर रणधीर मंगलवार को अपना घर मानिकपुर जाना चाह रहा था. जिसके लिए उसने बहनोई के गैराज से मोटरसाइकिल लेकर पश्चिमी बाईपास रोड स्थित वाशिंग पीठ पर उसने मोटरसाइकिल की धुलाई करवाई. धुलाई के बाद वह वाशिंग पिट के अपने घर की ओर निकल पड़ा.

एसएफसी ट्रैक्टर ट्रॉली के पिछले चक्के से दबकर हुई मौत : घटनास्थल पर उपस्थित प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि रणधीर जैसे ही मोटरसाइकिल लेकर घर के लिए आगे बढ़ा तो उसके बगल से कॉलेज चौक की ओर से चावल से लदा एसएफसी का ट्रैक्टर तेज रफ्तार से निकला. जिसके बाद ट्रैक्टर के आगे में एक साइकिल चालक आ गया. जिसे बचाने के चक्कर में ट्रैक्टर चालक ने एकाएक ट्रैक्टर का ब्रेक मार दिया. ट्रैक्टर स्पीड में रहने के कारण उसका ट्रॉली और नियंत्रित हो गया. जिसके कारण उसके पीछे मोटरसाइकिल से आ रहा रणधीर भी अनियंत्रित हो गया और उसका पैर ट्रैक्टर के चक्के में फस गया. जिस पर रणधीर ने जब ट्रैक्टर चालक को आवाज लगाई तो ट्रैक्टर चालक ने जल्दबाजी में ट्रैक्टर को पीछे कर लिया. जिससे ट्रैक्टर ट्रॉली का पिछला चक्का रणधीर के सर पर चढ़ गया और उसके सर का परखच्चे उड़ गया. घटना के बाद जब तक लोगों की नजर उनपर पड़ी, तब तक ट्रैक्टर चालक वाहन लेकर मौके से फरार होने में सफल हो गया. दुर्घटना स्थल पर ही रणधीर कुमार की मौत हो गई. इसके बाद स्थानीय लोगों द्वारा पुलिस की सूचना दी गई. सूचना मिलते ही कमांडो टीम घटना स्थल पर पहुंचकर शव को कब्जे में कर लिया तथा शव का पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया.

अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था मृतक : रणधीर के सर वाले हिस्से को इतनी बुरी तरह कुचल दिया गया था कि उसे पहचानने में भी परेशानी हो रही थी. घटना के लगभग एक घंटे तक तो मृतक की पहचान तक नहीं हो पाई थी. जिसके बाद मोटरसाइकिल की जांच पड़ताल कर किसी तरह पहचान कर, उनके परिजनों एवं ग्रामीणों को सूचना दी गई थी. मौत की सूचना मिलने पर रणधीर के घर में मातम सा छा गया था. घटनास्थल पर पहुंचते ही मां पिता बहन बहनोई एवं अन्य परिजन दहाड़ मार कर रोने लगे. सभी लोग बार-बार बेसुध हो जाते थे. रणधीर अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था. आक्रोशित परिजन एवं ग्रामीणों ने मुख्य मार्ग को जाम कर दिया. जाम स्थल पर पहुंचे सत्र वीडियो आर्य गौतम ने मौके पर ही पारिवारिक लाभ के 20 हजार रुपये का चेक मृतक के परिजनों को दिया. साथ ही कार्यालय प्रक्रिया के बाद आपदा राशि देने का भी आश्वासन दिया. जिसके बाद लगभग दो घंटे बाद सड़क जाम को हटाया गया. सड़क जाम होने से सड़क के दोनों तरफ वाहनों की कतार लग गई. जाम में फंसे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.


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