किशनगंज पुलिस के लिए उपलब्धि व डिस्कवरी का वर्ष रहा साल 2020

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शशिकांत झा
वरीय उप संपादक

किशनगंज/बिहार : वर्ष 2020 किशनगंज पुलिस के लिए उपलब्धि व डिस्कवरी का वर्ष रहा । पुलिस अधीक्षक कुमार आशीष के कुशल नेतृत्व में जहां अपराध नियंत्रण व शराबबंदी कानून को लागू कराने के दौरान  किशनगंज पुलिस की झोली में उल्लेखनीय उपलब्धि समाती गई वहीं थानाध्यक्ष सुमन कुमार सिंह के रूप में जिला पुलिस बल को एक आइकॉन – एक डिस्कवरी हाथ लगा ।

बीत रहे साल का पुनरावलोकन करें तो किशनगंज पुलिस अपनी उपलब्धियों पर गर्व कर सकती है । सरकार के शराबबंदी कानून को लागू करने में किशनगंज पुलिस की जीतोड़ मेहनत काबिल-ए-रक्श रहा । जिले भर से लगभग 13,650 अवैध शराब से भरी बोतलों के साथ कुल 11 छोटे -बड़े छोटी वाहनों को जब्त कर एक बड़ी सफलता हासिल किया । इसके साथ ही शराब तस्करी में संलिप्त 18 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया ।

उल्लेखनीय है कि किशनगंज के पुलिस कप्तान  कुमार आशिष के निर्देश पर चलाये जा रहे इस अभियान में कोचाधामन थाना के  थानाध्यक्ष सुमन कुमार सिंह का बहुत बड़ा योगदान रहा है। श्री सिंह के जांबाज पुलिसदल ने केवल चार दिनों के अभियान को सफल बनाते हुए 04,805.914 लीटर अवैध शराब की कुल 12,440  बोतलों को जप्त किया । इस दौरान 14 लोगों को गिरफ्तार करते कुल 07 छोटे-बड़े  वाहनों को भी जब्त किया गया। इसी सिलसिले में सुखानी थाना से 01 एवं फरिंगोला से 02 लोगों की गिरफ्तारियां की गई। किशनगंज पुलिस के लिए यह उपलब्धि उल्लेखनीय कही जा सकती है । किशनगंज के लोकप्रिय एस पी कुमार आशिष के संकल्प “किशनगंज पुलिस ने ठाना है – किशनगंज को नशामुक्त बनाना है” को चरितार्थ करने में जिला पुलिस की भूमिकाऐं भी सराहनीय हैं। कोई एक सप्ताह के अन्दर चलाये गये इस विशेष अभियान में शराब और गँजों की धरपकड़ से कई शातिर सफेदपोशों के चेहरे भी पुलिस के रडार पर आये हैं या फिर गिरफ्तार हो जेल गये हैं ।

गौरतलब है कि किशनगंज पुलिस की उक्त उपलब्धियों की चर्चा जिले के कोचाधामन थाना नायक सुमन कुमार सिंह के बिना अधूरी है। वे अपराध नियंत्रण, पीपुल फ्रेंडली पुलिसिंग, शराबबंदी के प्रति समर्पण तथा मानव सेवा के लिए हमेशा सुर्खियों में रहे हैं। अपने वरीय पदाधिकारियों के निर्देशों का अनुपालन, उनके द्वारा निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति एवं अनुशासित एवं लगन से उत्साहित होकर कार्य करने की क्षमता श्री सिंह की विशेषता रही है ।

सनद रहे कि किशनगंज आने के पहले सुमन कुमार सिंह सुपौल व मधेपूरा जिले में पदस्थापित थे जहां उनकी जांबाजी व उपलब्धि के किस्से आज भी दोहराए जाते हैं। किशनगंज आने के साथ ही इन्हें जिले के बहादुरगंज थाना में 5 दिसंबर 2018 को पदस्थापित कर दिया गया । चंद दिनों बाद ही वैश्विक महामारी कोरोना एक चुनौती बनकर आ धमका। लॉक डाऊन के दौरान भी आदतन इन्होंने जनसेवाओं की मिशालें कायम की और पूरे बिहार में “कोरोनावीर” बनकर उभरे। श्री सिंह के काम से प्रभावित होकर तत्कालीन डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने खुद श्री सिंह को फोन कर हौसला बढ़ाया था। इसके अलावा श्री सिंह ने अपने अच्छे कार्यों, दुर्दांत अपराधियों की धरपकड़, थाना की स्वच्छता और सुन्दरता, लोकप्रियता एवं जनसेवक के रुप में बहादुरगंज थाना को भारत के टॉप टेन की सूची में भी शामिल करा दिया। 28/7/2020 को कोचाधामन थाना में थानाध्यक्ष के रूप में योगदान लेने बाद थानाध्यक्ष सुमन कुमार सिंह ने दो अलग-अलग डकैती कांड का महज 72 घंटे में खुलासा करते हुए पाँच शातिर अपराधी को जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया, वहीं लूट की एक बड़ी घटना को अंजाम देने की साजिश रचते सात अपराधी को भी सुमन सिंह ने अपने पुलिस बल के सहयोग से बड़ी देलेरी के साथ गिरफ्तार कर लूट की एक बड़ी वारदात को होने से रोका।

“ द रिपब्लिकन टाइम्स” से बात करते हुए कोचाधामन थानाध्यक्ष सुमन कुमार सिंह ने अपनी इस कामयाबी का श्रेय जिले के पुलिस कप्तान कुमार आशीष को देते हुए बताया कि मेरे लिए यह सौभाग्य की बात है कि 11 साल की नौकरी में पुलिस अधीक्षक कुमार आशीष के कुशल नेतृत्व में अब तक मुझे पाँच साल काम करने का मौका मिला है। उन्होंने समाज के अंतिम पंक्ति के लोगों को न्याय दिलाने को अपनी पहली प्राथमिकता बताते हुए कहा कि बेसहारों का सहारा बानिए, अल्लाह, खुदा, भगवान आपका सहारा बनेगा।   

बहरहाल साल बीतने में चंद दिन बाकी है लेकिन बीत रहा साल किशनगंज पुलिस के लिए उपलब्धि भरा रहा। एसपी कुमार आशीष का नेतृत्व तथा कोचाधमन थाना अध्यक्ष सुमन कुमार सिंह के कारनामे इतिहास के पन्नों की धरोहर बनकर उनके जांबाजी की यादें ताजी करती रहेंगी ।


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