मधेपुरा : आस्था का महापर्व छठ संपन्न, छठी मैया….नैया लगाबो बेड़ा पार.. गीत से जिले का माहौल हुआ भक्तिमय

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अमित कुमार अंशु
उप संपादक

मधेपुरा (बिहार) : चार दिवसीय लोक आस्था का महापर्व शनिवार को उदयीमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ संपन्न हो गया. शुक्रवार की शाम छठ व्रतियों द्वारा अस्तलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया गया. वहीं शनिवार की सुबह अर्घ्य के साथ ही छठ व्रतियों का उपवास भी समाप्त हो गया. सुबह जैसे ही सूर्य ने अपनी लालिमा बिखेरी छठ व्रतियों के चेहरे खिल उठे और भगवान सूर्य देव को अर्घ्य देकर पर्व को पूर्ण किया. उधर, जिला मुख्यालय स्थिति विभिन्न छट घाटों प्रशासनिक व्यवस्था चुस्त दुरूस्त देखी गयी. इस दौरान सदर अनुमंडल पदाधिकारी नीरज कुमार, सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अजय नारायण यादव, नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी प्रवीण कुमार, सदर प्रखंड विकास पदाधिकारी आर्य गौतम, सदर थानाध्यक्ष सुरेश प्रसाद सिंह सहित अन्य प्रशासनिक पदाधिकारी छठ घाटों का निरीक्षण कर छठव्रतियों के हाथों प्रसाद ग्रहण किये. जिला मुख्यालय के सुखासन घाट, भीरखी घाट, गोमती घाट, बेलहा घाट, गौशाला घाट, जयपालपट्टी घाट, तुनियाही घाट, साहुगढ घाट, महिला कॉलेज के पूरब घाट पर हजारों की संख्या में लोगों ने धूम-धाम से भगवान भाष्कर को अर्घ्य दे कर छठ पर्व मनाया. इस दौरान प्रशासन की चाक चौबंद व्यवस्था देखी गयी.
छठ घाटों पर दिखा कोरोना संक्रमण का असर
आस्था का महापर्व छठ के दौरान इस वर्ष लोगों में कोरोना संक्रमण का असर भी दिखा. साथ ही जिले के लोग सरकार एवं जिला प्रशासन के निर्देशों का पालन करते दिखे. इस वर्ष लगभग सभी छठ घाटों पर पिछले वर्ष के अनुपात लोगों की संख्या कम थी. लोगों ने पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष अधिक संख्या में लोगों ने घरों पर ही घाट बनाकर सूर्य देवता को अर्घ्य दिया. वही छठ घाटों पर बच्चों ने जमकर आतिशबाजी का मजा लेने के साथ-साथ झूलों का भी आनंद लिया. छठ घाट पर डाला लेकर पहुंचने वाले लोगों ने भी मास्क का उपयोग किया था. साथ ही लोगों ने ज्यादा से ज्यादा दूरी बनाकर छठ पर्व को संपन्न कराने की कोशिश भी की.

पूर्व मंत्री सह विधायक ने दिया छठ पर्व की शुभकामना
जिला मुख्यालय स्थित विभिन्न घाटों पर पूर्व मंत्री सह स्थानीय विधायक प्रो चंद्रशेखर ने लोगों से मुलाकात कर महापर्व छठ की शुभकामना दी. उन्होंने कहा कि महापर्व छठ लोक आस्था का महापर्व है. पूरे बिहार में इसे बड़े पैमाने पर मनाया जाता है. वहीं देश के अन्य प्रदेशों में छठ मनाने की परंपरा शुरू हो गयी है. उन्होंने युवाओं से पर्व के दौरान आपसी भाईचारा बनाये रखने की अपील की. उन्होंने कहा कि छठ सही मायने में लोक आस्था का पर्व है. जिसमें लोग प्रकृति की पूजा करते है. आडंबर या किसी भी प्रकार के अतिवाद, मांत्रिक अनुष्ठान के स्थान पर भक्ति सर्वोपरि है. यह छठ में ही एहसास होता है.
घाटों पर सुरक्षा की रही संपूर्ण व्यवस्था
जिले के सभी प्रखंड क्षेत्रों के विभिन्न घाटों को सुरक्षा के दृष्टिकोण से प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किया हुआ था. इसके लिए हर घाट पर खतरे के निशान पर बांस एवं रस्सी बांधा गया था. वहीं नाव के साथ एसडीआरएफ के अधिकारी एवं जवान भी तैनात थे. प्रशासन की मुस्तैदी से महापर्व छठ शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया. विभिन्न घाटों पर सदर अनुमंडल पदाधिकारी नीरज कुमार, सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अजय नारायण यादव, नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी प्रवीण कुमार, सदर प्रखंड विकास पदाधिकारी आर्य गौतम, सदर थानाध्यक्ष सुरेश प्रसाद सिंह के अलावा कई वरीय अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाले हुए थे. प्रशासन के साथ एसडीआरएफ के अधिकारियों एवं जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही.
छठ को लेकर प्रशासन रहा पूरी तरह मुस्तैद
शनिवार को बाजार में इतनी भीड़ रही कि भिरखी पुल से कर्पूरी चौक तक दिन भर में कई बार जाम की स्थिति बन गयी. महज एक किलोमीटर की दूरी तय करने में लोगों का काफी मशक्कत करना पड़ा. जहां तहां वाहन खड़े किये जाने के कारण छोटी चारपहिया गाड़ियों का गुजरना भी काफी मश्किल हो गया. छठ के दौरान किसी भी अप्रिय हादसे को टालने के लिए जिला प्रशासन ने मुख्यालय स्थित विभिन्न घाटों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल एवं कमांडो टीम को तैनात किया था. पुलिस के जवान न केवल घाट पर नजर रखे हुए थे बल्कि आतिशबाजी रोकने में भी अहम भूमिका निभायी. इस दौरान कमांडो विपिन कुमार, विकास कुमार सहित अन्य पुलिस बल एवं कमांडो मौजूद रहे. छठ को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा. वहीं किसी भी हादसे की आशंका के मद्देनजर हर जगह नियंत्रण कक्ष स्थापित की गयी थी.
दंड प्रमाणी देते हुए घाट पर पहुंचे श्रद्धालु
तमाम जिलावासी आधी रात को ही घाट पर दंड प्रमाणी देते हुए ठंड को जवाब देते हुए पहुंच गये़ और सूर्यदेव की बेसब्री से इंतजार करने लगे, इस बीच घाट पर आपसी भाई-चारा देखने को मिला. लोक आस्था है कि छठ मईया की महिमा अपरमपार है़. सभी अपने कष्ट, वैर भावना भूल कर एक-दूसरे के साथ मिलकर छठ पूजा अर्चना करते है. छठ मईया के भक्ति गीतों से पूरा घाट गूंजता रहा़. लोगों में अपार खुशी देखी गई. हर कोई अपनी-अपनी मन्नते मांगने घाट पर उपस्थित थे. वहीं सूर्यदेव के रोशनी की झलख देखते ही छठव्रती और श्रद्धालुओं में खुशी की लहर दौर गयी. घाटों पर लोगों ने कहा कि भगवान सूर्य उग गये हैं, और सभी अपनी-अपनी मनोकामनाओं के साथ सूर्यदेव को अर्घ्य अर्पण की. इसी के साथ महापर्व छठ पूजा संपन्न हो गया.


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