बच्चे की लाश लेकर डीएम ऑफिस पहुंची माँ, कहा : पुलिस ने ले ली मेरे बच्चे की जान

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अमित कुमार अंशु
उप संपादक

मधेपुरा/बिहार : मंगलवार को सिंहेश्वर प्रखंड के डंडारी वार्ड नंबर एक निवासी मुकेश कुमार मंडल एवं उनकी पत्नी सुशीला देवी ने अपने पुत्र के मौत का आरोप लगाते हुए बच्चे के शव को लेकर समाहरणालय पहुंचकर, जिला पदाधिकारी के कार्यालय के आगे शव को रखकर विरोध जताया। मौके पर मृतक नौ वर्षीय अश्वनी कुमार के परिजनों ने सिंहेश्वर थाना पुलिस पर आरोप लगाया कि सिंहेश्वर थाना पुलिस की लापरवाही के कारण उनके बच्चे की मौत हो गई है।

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पुलिस पर गंभीर आरोप : बच्चे की लाश लेकर डीएम ऑफिस पहुंची माँ, कहा:पुलिस ने ले ली मेरे बच्चे की जान

मृतक अश्वनी कुमार की मां सुशीला देवी ने बताया कि उनके बच्चे को कैंसर था, जिसका इलाज भरतपुर काठमांडू नेपाल में किया जा रहा था, इलाज के दौरान लगभग पांच महीने पहले बच्चे के गले का ऑपरेशन किया गया था। ऑपरेशन के बाद बच्चे के गले में पाइप सेट किया गया था, जिसे रोज बदलना था। पाइप बदलने की प्रक्रिया की जानकारी बच्चे के पिता मुकेश कुमार मंडल को ही दी गई थी। उन्होंने बताया कि पूर्व के शराब मामले को लेकर सोमवार की रात्रि लगभग 12 बजे सिंहेश्वर थाना पुलिस के द्वारा मुकेश मंडल को गिरफ्तार किया गया।  गिरफ्तारी के दौरान मुकेश मंडल समेत परिवार के अन्य सदस्यों ने पुलिस प्रशासन के समक्ष पाइप बदलने की बात रखी। जिसे पुलिस अधिकारियों के द्वारा इंकार कर दिया गया।

पुलिस के द्वारा दी जाती मोहलत तो बच सकती थी बच्चे की जान : मंगलवार की सुबह लगभग सात बजे अश्वनी कुमार की मां समेत अन्य परिजन अश्वनी कुमार को लेकर सिंहेश्वर थाना पहुंचे। जहां पर सभी लोगों ने मुकेश मंडल को पाइप बदलने के लिए समय दिए जाने की बात कही गई। सुशीला देवी ने बताया कि उन लोगों के द्वारा बार-बार पुलिस अधिकारियों एवं पुलिस वालों से आग्रह किया गया कि बच्चे के गले का पाइप बदलने के लिए मुकेश कुमार मंडल को समय दिया जाय, लेकिन किसी ने भी उनकी बातों पर ध्यान नहीं दिया, उल्टे उन्हें वहां से धक्के देकर भगा दिया गया। इस दौरान लगभग 10 बजे बच्चे की मृत्यु हो गई, जिसके बाद पुलिस अधिकारियों ने मामले को बिगड़ता देख उसे सिंहेश्वर पीएचसी ले जाने को कहा। परिजनों के द्वारा अश्वनी कुमार को सिंहेश्वर पीएचसी ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने उसे जननायक कर्पूरी ठाकुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर कर दिया गया, मेडिकल कॉलेज पहुंचने के बाद चिकित्सकों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया।

आक्रोशित परिजन शव लेकर पहुंचे समाहरणालय: आक्रोशित परिजनों ने सिंहेश्वर थाना पुलिस के खिलाफ आक्रोश व्यक्त करते हुए अश्वनी कुमार के शव को लेकर समाहरणालय पहुंच गए, जहां पर परिजनों ने अपना आक्रोश व्यक्त किया। सुशीला देवी ने थाना पुलिस पर यह भी आरोप लगाया कि पूर्व के जिस मामले में मुकेश मंडल को गिरफ्तार किया गया था, उस दिन वे अपने बच्चे का इलाज कराने नेपाल गए हुए थे। सिंहेश्वर थाना पुलिस उनके विरोधियों से पैसा लेकर उन पर मामला दर्ज किया है। उन्होंने कहा कि पुलिस पदाधिकारी के द्वारा पाइप बदलने के लिए समय की जाती तो शायद आज अश्वनी जिंदा होता। पुलिस की लापरवाही के कारण उनके बच्चे की जान गई है। थाना में बार-बार आग्रह किया गया लेकिन पुलिस प्रशासन के द्वारा उनकी बातें सुनने के बजाय चाय पीने चले जाते थे।

बहरहाल इस मामले में आक्रोशित परिजनों को हेडक्वार्टर डीएसपी अमरकांत चौबे के द्वारा उचित कार्यवाही करने का आश्वासन दिया गया। आश्वासन मिलने के बाद परिजन बच्चे के शव को लेकर घर चले गये।


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