नालंदा: कानून को ताक पर रखकर सोगरा वक्फ़ स्टेट की नई कमिटी  बनाना जनता के हित में नहीं- एस एम इस्लामुल हक

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मुर्शीद आलम
नालंदा ब्यूरो
बिहार

नालंदा/बिहार : जिला अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ लोजपा तथा ऑल इंडिया उलमा बोर्ड की एक बैठक हुई, जिसमें अलपसंख्यक प्रकोष्ठ लोजपा जिलाध्यक्ष एस.एम इसलामुल हक उर्फ मो. अरसद जेन तथा ऑल इंडिया उलमा बोर्ड के आर्गेनाइजिंग सचिव हाफिज़ मो. महताब आलम  शामिल हुए ।

बैठक में उपस्थित लोगों ने कहा कि सुन्नी वक्फ़ बोर्ड तथा बोर्ड के सदस्यों द्वारा गैर कानुनी तरिके से सोगरा वक्फ़ की नयी कमिटी का गठन किया गया है और बीबी सोगरा वक्फ़ स्टेट में इमानदारी से कार्य कर रहे, एस. एम. शरफ मोतवल्ली को गैरकानूनी तरिके से हटाकर नए  मोतवल्ली को बहाल करने का काम किया है । जबकी मोतवल्ली एस. एम. शरफ द्वारा बीबी सोगरा वक्फ़ स्टेट तथा गरीब जनता के लिए लगातार अच्छे कार्य को अंजाम दिया जारहा था। कोरोना महामारी मे लॉकडाउन के समय बिहारशरीफ के प्रत्येक मोहल्ले मे गरीब बेसहारा लोगों को अनाज बंटवाने का काम एस. एम. शरफ मोतवल्ली द्वारा बड़े पैमाने पर किया गया जो कि सराहनीय रहा।

उन्होंने कहा कि सोगरा वक्फ़ इस्टेट को कोई पुछने वाला नही था सम्पत्ति बरबाद हो रही थी, एसे समय मे सोगरा की दुकानो का किराया बढ़ाकर सोगरा की आमदनी बढ़ाने का काम किया । बिहारशरीफ, पावापुरी, राजगीर, मोजफ्फ़रपुर, और बाढ़ जैसे जगहों पर सोगरा की जो सम्पत्ति पर लोगों ने कब्ज़ा जमा रखा था उन सम्पत्तियों को फिर से सोगरा इस्टेट मे जोड़ने का काम किया।

इस मौके पर ऑल इंडिया उलमा बोर्ड के हाफ़िज मो. महताब आलम ने बताया की 2001 मे मदरसा इसलामिया, आलमगंज को तोड़कर सुन्नी वक्फ़ बोर्ड तथा उस समय के सोगरा के पदाधिकारियों ने मार्केट बनाने का काम किया था, वहाँ मार्केट के छतपर जुआ, शराब, और अय्याशी का अड्डा बना दिया गया था, जिसको एस. एम. शरफ मोतवल्ली ने अपने दम पर बंद कराकर वहाँ फिर से मदरसा चलु कराने का कार्य किया और आज वहाँ बच्चे हाफिज बनकर निकल रहे। बीबी सोगरा वक्फ़ स्टेट के लिए इमानदारी से काम करने का नतिजा ये हुआ की सुन्नी वक्फ़ बोर्ड ने गैरकानूनी तरिके से एस. एम. शरफ मोतवल्ली को पद से हटाकर नवादा के एक व्यक्ति को मोतवल्ली घोषित करने का काम किया जो पूरी तरह गैरकानूनी और गैरजिम्मेदाराना है।

इन सब बातों को सामने रखते हुए लोजपा अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ नालंदा तथा ऑल इंडिया उलमा बोर्ड ने सुन्नी वक्फ़ बोर्ड के गैरकानूनी निर्णय का विरोध करने का निर्णय लिया है, इस के लिए विरोध प्रदर्शन, पुतला दहन और धरना प्रदर्शन भी करके बिहार सरकार से इसकी माँग की जाएगी कि सोगरा की नयी कमिटी जो सोगरा के वक्फ़ नामे के खिलाफ बनी है तो उसे तत्काल खत्म करते हुए सुन्नी वक्फ़ बोर्ड की कमिटी  के सड़यंत्रकारी सदस्यों को हटाने का काम करे और एस.एम. शरफ को फिर से सोगरा स्टेट का मोतवल्ली बहाल करने का काम किया जाए।

इस मौके पर मो. अरसद जे, मो. महताब आलम, शारिक उर्फ सोनु, गोपिल सिंह,  मो.नन्हे, आफताब आलम इत्यादि मौजुद थे।


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