मधेपुरा ने देश को अबतक दिया 43 सबसे शक्तिशाली रेल इंजन      

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मो० नियाज अहमद
ब्यूरो, मधेपुरा

मधेपुरा/बिहार : मधेपुरा रेल कारखाना में देश का सबसे शक्तिहशाली 12 हजार हॉर्स क्षमता वाले इंजन का निर्माण जोरशोर से होने लगा है। बुधवार को पाँच रेल इंजन को मधेपुरा से सहारनपुर के लिए रवाना किया गया है। अब तक मधेपुरा रेल इंजन कारखाना से 43 एसी विद्युत इंजन तैयार कर भारतीय रेल की पटरी पर चलाने के लिए निकाला जा चुका है।

लोको पायलट मनीष कुमार ने बताया कि आज मधेपुरा रेल कारखाना में तैयार पाँच एसी विद्युत इंजन को भारतीय रेलवे को सौंपा गया है, इसी के साथ मधेपुरा रेल कारखाना में अब तक 43 रेज इंजन का निर्माण किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि इस इंजन को मधेपुरा यार्ड ले जाया जाएगा, फिर वहां से सहरसा, मानसी होते हुए यूपी के सहारनपुर ले जाया जाएगा । भारतीय रेल की पटरी पर 12 हजार हॉर्स क्षमता वाली देश का यह पहला इंजन अभी ईस्ट सेंट्रल रेलवे, नॉर्दर्न रेलवे और एनईआर में परिचालित कराया जा रहा है।

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छह हजार टन वजन वाली मालगाड़ी खींचने में इंजन है सक्षम मधेपुरा के रेल विद्युत कारखाना में तैयार इंजन छह हजार टन क्षमता वाली मालगाड़ी को खींचने में सक्षम है। उच्च अश्व शक्ति वाले 12 हजार हॉर्स पावर के इस इंजन को तैयार करने वाला भारत विश्व का छठा देश है। अब तक भारत में अधिकतम साढ़े तीन हजार टन वजन खींचने वाला इंजन बनता था, जबकि मधेपुरा रेल इंजन कारखाना में तैयार होने वाले इस इंजन की क्षमता छह हजार टन वजन खींचने की है। इस इंजन का अक्षीय भार 22.5 टी (टन) है। यह इंजन डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के लिए कोयला गाड़ियों की आवाजाही के लिए एक गेम चेंजर होगा। एम्बेडेड सॉफ्टवेयर के जरिए इसके सामरिक उपयोग को जीपीएस माध्यम से ट्रैक किया जा सकता है। माइक्रोवेव लिंक के जरिए जमीन पर सर्वर के माध्यम से उठाया जा सकता है। इंजन में दोनों तरफ वातानुकूलित ड्राइवर कैब है। इसकी रफ्तार भविष्य में 120 किलोमीटर प्रति घंटे की हो सकती, फिलहाल इस इंजन में 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से मालगाड़ी के रैक को खींचने की ताकत है ।  

हाई हार्स पावर वाले लोकोमोटिव बनाने वाला दुनिया का 6वां देश बना भारत : भारत हाई हार्स पावर वाले लोकोमोटिव का उत्पादन करने वाले विशिष्ट वर्ग में शामिल होने वाला दुनिया का 6वां देश बन गया। यह पहली बार है जब बड़ी लाइन की पटरी पर हाई हार्स पावर के इंजन का संचालन किया गया है। मधेपुरा इलेक्ट्रिक लोको फैक्ट्री में निर्मित इस इंजन को भारतीय रेलवे व यूरोपियन कंपनी एलेस्ट्रोम के साथ मिलकर बनाया है। मधेपुरा इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव प्राइवेट लिमिटेड (एमईएलपीएल) 11 वर्षों में 800 अयाधुनिक 12000 एचपी के इलेक्ट्रिक फ्रेट लोकोमोटिव का निर्माण करेगी।

मधेपुरा इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव प्राइवेट लिमिटेड में तैयार होने वाली इंजन की खास बात :  फाग वाचिग डिवाइस से लैस है, कोहरे में भी इसकी रफ्तार कम नहीं होगी।  वहीं पहाड़ी इलाकों में ट्रेन की रफ्तार बढ़ाने के लिए इस्तेमाल होने वाले दो इंजनों की जगह अब यह पावरफुल इंजन अकेले ही काफी होगा और साथ ही  दुर्घटना की स्थिति में इंजन का इमरजेंसी ब्रेक खुद ही लग जाएगा।


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