मधेपुरा : दूसरे दिन भी जारी रहा जिले के स्वास्थ्य संविदा कर्मियों का अनिश्चितकालीन हड़ताल

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अमन कुमार
संवाददाता, सदर
मधेपुरा

मधेपुरा/बिहार : जिले में कोरोना संक्रमण को लेकर पूर्व से ही स्वास्थ्य विभाग की स्थिति खराब होती जा रही थी। कोरोना संक्रमण के फैलने के कारण स्वास्थ्य विभाग भी इससे अछूता नहीं रह गया है । सदर अस्पताल के सिविल सर्जन से लेकर चिकित्सक एवं कई कर्मी भी इसकी चपेट में आ चुके हैं । जिसके कारण इसका असर सदर अस्पताल के कार्यों पर भी पड़ रहा है ।

वहीं दूसरी तरफ मंगलवार से ही जिले के स्वास्थ्य संविदा कर्मी भी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गये हैं। स्वास्थ्य संविदा कर्मी के हड़ताल पर चले जाने से सदर अस्पताल समेत प्रखंड के स्वास्थ्य उपकेंद्र तक इसका असर दिख रहा है। कोरोना काल में स्वास्थ्य कर्मियों का हड़ताल पर चले जाना आम लोगों के लिये परेशानी का सबब बन सकता है। अगर ऐसी रही तो जिले के सदर अस्पताल से लेकर स्वास्थ्य उपकेंद्र तक की स्थिति बद से बदतर हो सकती है।

मालूम हो कि मंगलवार से ही बिहार राज्य स्वास्थ्य संविदा कर्मी संघ के आवाहन पर जिले के स्वास्थ्य संविदा कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गये हैं ।

संघ द्वारा पूर्व में भी काला बिल्ला लगाकर किया गया था विरोध : बिहार राज्य स्वास्थ्य संविदा कर्मी के जिलाध्यक्ष मुकेश एवं सचिव अमित सिन्हा ने कहा कि बिहार राज्य संविदा कर्मी महासंघ के आवाहन पर 13 से 19 जुलाई तक काला बिल्ला लगाकर विभिन्न मांगों के समर्थन में विरोध किया गया था, जिसके बाद 20 जुलाई को सांकेतिक हड़ताल भी की गई थी ।  मांगे पूरी नहीं किये जाने पर विरोध प्रकट किया गया है । उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संविदा कर्मियों को मजबूरन अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया गया है । महासंघ के आह्वान पर जिले के सभी स्वास्थ्य संविदा कर्मी हड़ताल पर रहेंगे । अपनी मांगों से अवगत कराते हुए स्वास्थ संविदा कर्मियों ने बताया कि राज्य से लेकर स्वास्थ्य उपकेंद्र तक प्रबंधकीय कैडर कर्मियों का एक माह का समतुल्य प्रोत्साहन राशि दिया जाय, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत सभी संविदा पर कार्यरत सभी कर्मी, जो राज्य स्तर से लेकर स्वास्थ्य केंद्र तक कार्यरत हैं, उन्हें पब्लिक हेल्थ मैनेजमेंट कैडर लागू कर, समायोजन करते हुये, नियमित किया जाय, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत राज्य स्तर से लेकर स्वास्थ्य उपकेंद्र तक सभी संविदा कर्मी, जिनका वर्ष 2011 से अब तक मानदेय पुनरीक्षण लंबित है, उन्हें पुनरीक्षित किया जाय, फिटमेंट कमेटी की अनुशंसा को लागू किया जाय। एनएचएम अंतर्गत नियुक्ति में पूर्व से कार्यरत कर्मियों को आयु में 15 वर्ष की छूट एवं प्राथमिकता दी जाय। एनएचएम अंतर्गत सभी संविदा कर्मियों को 15 प्रतिशत प्रतिवर्ष वार्षिक वृद्धि की जाय, एनएचएम अंतर्गत सभी संविदा कर्मियों को नियमितीकरण प्रक्रिया होने तक एचआर पॉलिसी लागू किया जाय एवं चयन मुक्त जैसी निरंकुश प्रथा को समाप्त किया जाय, राज्य स्तर से स्वास्थ्य केंद्र तक संविदा पर कार्यरत पदाधिकारी अथवा कर्मियों को अतिरिक्त प्रभार न दी जाय, यदि उन्हें अतिरिक्त प्रभार दी जाती है तो अतिरिक्त प्रभार पर उनके कार्य उपलब्धि को मानक मानते हुये, किसी भी प्रकार की कोई दंडात्मक कार्यवाही पर अंकुश लगाया जाय, साथ ही दी गई अतिरिक्त प्रभार के लिये प्रोत्साहन राशि भी दी जाय, एनएचएम अंतर्गत चयन मुक्त सभी संविदा कर्मियों को बिना शर्त वापस लाया जाय, संघ राज्य स्वास्थ्य समिति बिहार पटना के कार्यपालक निदेशक से 16 सूत्री मांगों को लेकर कहा कि सभी संविदा कर्मी को सम्मान पूर्वक जीने के लिये न्याय पूर्ण निर्णय लिया जाय।

इस बाबत संघ ने प्रभारी सिविल सर्जन डा आरपी रमण से मिलकर वार्ता किया तथा जिला पदाधिकारी नवदीप शुक्ला को मांग पत्र सौंपा।


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