मधेपुरा में कोरोना का विकराल रूप : DCLR & CS के बाद अब उप विकास आयुक्त भी कोरोना पॉजिटिव

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जिला मुख्यालय समेत जिले के सभी प्रखंडों में कोरोना का प्रकोप ⇔ आम आदमी से लेकर अधिकारी भी हो चुके हैं कोरोना संक्रमित ⇔ लगभग सभी कार्यालयों में अधिकारी, कर्मी, कोरोना संक्रमण से ग्रसित ⇔ सबसे ज्यादा संक्रमित मरीज मुख्यालय के मुख्य बाजारों से ⇔ कछुवे की चाल से कोरोना टेस्ट- 25 मार्च से लेकर 18 जुलाई तक मात्र सात हजार छह सौ 68 लोगों का भेज गया सैंपल  तीन दिनों के लिए बंद हुआ सदर अस्पताल का यक्ष्मा केंद्र

अमित कुमार अंशु
उप संपादक

मधेपुरा/बिहार : जिले में बढ़ते कोरोना के ग्राफ से अब अधिकारी भी इसके चपेट में आ गये हैं।  समाहरणालय के कर्मी से लेकर सदर अस्पताल के सिविल सर्जन एवं कर्मी भी कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं। जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या में काफी तेजी से इजाफा हो रहा है। आमलोगों के साथ-साथ अब प्रशासनिक अधिकारी भी कोरोना के चपेट में आने लगे हैं। जिले में डीसीएलआर एवं सिविल सर्जन के बाद अब उप विकास आयुक्त विनोद कुमार सिंह भी कोरोना पॉजिटिव हो गए हैं।

शुक्रवार को देर शाम आई रिपोर्ट में डीडीसी समेत 12 व्यक्ति कोरोना संक्रमित पाये गये हैं। एनएच के एक जेई भी कोरोना पॉजिटिव हो चुके हैं। लगातार तीन दिन से किसी न किसी पदाधिकारी की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आ रही है। जिले में कोरोना का रफ्तार थमने का नाम ले रहा है। स्वास्थ्य विभाग से लेकर प्रशासनिक महकमे तक कोरोना पहुंच चुका है। उप विकास आयुक्त विनोद कुमार सिंह के कोरोना पॉजिटिव होने के बाद जिला प्रशासन में भी दहशत का माहौल है। जिला पदाधिकारी नवदीप शुक्ला ने लगातार लोगों से अनुरोध किया है कि कोरोना संक्रमण से लोगों को दहशत एवं भयभीत नहीं बल्कि जागरूक, सजग एवं सतर्क होने की जरूरत है। सभी लोग सरकार एवं जिला प्रशासन द्वारा लॉकडाउन को लेकर लागू किये गये नियमों का पालन करें।

तीन दिनों के लिए बंद हुआ सदर अस्पताल का यक्ष्मा केंद्र : शुक्रवार को जिले के 10 कोरोना मरीजों को स्वस्थ होने के बाद मेडिकल कॉलेज से डिस्चार्ज किये गये। इनमें छह सदर प्रखंड के तुनियाही, तीन जिला मुख्यालय के एवं एक उदाकिशुनगंज के रहने वाले हैं। शुक्रवार को डिस्चार्ज हुए मरीजों को मिलाकर अब तक 258 मरीज स्वस्थ होकर अपने घरों को लौट चुके हैं। फिलहाल जिले में 75 कोरोना के एक्टिव केस मरीज हैं। अब तक जिले भर में स्वास्थ्य विभाग के 40 से अधिक कर्मचारी व अन्य अधिकारी संक्रमित हो चुके हैं। अधिक संख्या में जांच नहीं होने के बावजूद अब तक 333 लोग कोरोना संक्रमित निकल चुके हैं।

ज्ञात हो कि अब तक सदर अस्पताल के ओपीडी में 21 मार्च से 18 जुलाई तक 68 सौ लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई, थर्मल स्क्रनिंग के दौरान अगर किसी मरीज को संदिग्ध पाया जाता है तो उस व्यक्ति का सैंपल लेकर के  जांच के लिये मेडिकल कॉलेज भेज दिया जाता है। 25 मार्च से लेकर 18 जुलाई तक जो सात हजार छह सौ 68 लोगों का सैंपल जांच के लिये मेडिकल कॉलेज भेजा गया था। सदर अस्पताल के ओपीडी में शनिवार को 70 लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। जिले में अब कोरोना वारियर्स भी कोरोना संक्रमित निकल रहे हैं, अब तक सिविल सर्जन समेत जिले के पांच चिकित्सक कोरोना संकमित हो चुके हैं।

मालूम हो कि पूर्व में सिविल सर्जन के वाहन चालक भी कोरोना पॉजिटिव हो चुके थे। सदर अस्पताल में लगातार कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने से वहां के मरीज, अस्पताल कर्मी समेत अस्पताल प्रशासन का पूरा महकमा दहशत में है। सदर अस्पताल के यक्ष्मा केंद्र के कर्मी का कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद यक्ष्मा केंद्र को तीन दिन के लिये बंद कर दिया गया है।

आम आदमी से लेकर अधिकारी भी हो चुके हैं कोरोना संक्रमित : जिले में कोरोना लगातार अपना पैर पसार रहा है, जिला मुख्यालय समेत जिले के अंतर्गत 13 प्रखंडों के कोई भी प्रखंड अब इससे बचा हुआ नहीं है। साथ ही जिले का कोई भी कार्यालय अब इससे अछूता नहीं रह गया है। जिले का समाहरणालय हो या फिर सदर अस्पताल, सभी जगह कोरोना संक्रमण फैल चुका है। लगभग सभी कार्यालयों में अधिकारी या फिर कर्मी, कोरोना संक्रमण से ग्रसित हो चुके हैं। जिला मुख्यालय के भी लगभग सभी गली-मोहल्लों में भी कोरोना संक्रमित मरीज पाये गये हैं। खासकर हाल के दिनों की आंकड़ों को देखा जाय तो सबसे ज्यादा संक्रमित मरीज मुख्यालय के मुख्य बाजारों से ही पाये जा रहे हैं। जिले में संक्रमण और अधिक ना फैले एवं कोरोना अपना पैर ना पकड़ सके इसके लिये जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, सदर अस्पताल प्रशासन, जननायक करपुरी ठाकुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल प्रशासन समेत सभी प्रखंडों के प्रशासनिक अधिकारी से लेकर स्वास्थ्य अधिकारी एवं कर्मी तक अपने कार्य को लेकर पूरी तरह से मुस्तैद है।

लगातार किया जा रहा है सैनिटाइजेशन का कार्य : संक्रमित मरीज मिलने के बाद तुरंत उसे इलाज के लिये जननायक कर्पूरी ठाकुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेजा जा रहा है। साथ ही संक्रमित मरीज के घर को एवं आसपास के घरों को सेनीटाइज किया जा रहा है। वही कार्यालय में भी संक्रमित व्यक्ति पाये जाने पर वहां सैनिटाइजेशन का कार्य किया जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा लगातार लोगों को जागरूक करने की कोशिश की जा रही है। मुख्यालय के मुख्य बाजार सहित सभी गली मोहल्लों में माइकिंग कर लोगों को लॉकडाउन से संबंधित नियमों को लेकर एवं कोरोना संक्रमण को लेकर लोगों को संदेश प्रसारित किये जा रहे हैं।

जिला प्रशासन ने लोगों से अपील किया है कि जरूरी पड़ने पर ही घर से बाहर निकले। अगर घर से बाहर निकलना जरूरी है तो मास्क का उपयोग अवश्य करें। साथ ही सोशल डिस्टेंस का पालन करें, सदर अस्पताल के प्रभारी सिविल सर्जन डा आरपी रमण ने बताया कि मरीजों में बुखार, सर्दी, खांसी एवं बुखार जैसी लक्षण दिखती है तो सबसे पहले उनका थर्मल स्क्रीनिंग किया जाता है। थर्मल स्क्रीनिंग के दौरान कोई व्यक्ति को संदिग्ध पाया जाता है तो तुरंत उसे सदर अस्पताल में बने आइसोलेशन वार्ड में रखा जाता है एवं सैंपल जांच के लिए भेजा जाता है। अगर वे पॉजिटिव पाये जाते हैं तो उन्हें इलाज के लिये मेडिकल कॉलेज भेजा जाता है। उन्होंने बताया कि जागरूकता ही कोरोना से बचने का एक मात्र उपाय है।


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