मधेपुरा : जिले में 13 नए कोरोना पॉजिटिव  केस, कुल संख्या 293  

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अमित कुमार अंशु
उप संपादक

मधेपुरा/बिहार : जिले में कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखते हुये जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है, जिले के अधिकांश लोग भी इसके प्रति सजग हो चुके हैं एवं लॉकडाउन तथा जिला प्रशासन द्वारा जारी किये गये निर्देश का अनुपालन भी कर रहे हैं, लेकिन अभी भी सड़कों पर कुछ ऐसे लोग दिख जायेंगे, जिन्हें अपनी तो अपनी औरों की भी कोई फिक्र नहीं है।  उन्हें ना तो सड़कों पर तैनात पुलिस प्रशासन से और ना ही कोरोना संक्रमण से कोई डर है, ऐसे लोगों की नासमझी ही जिले को खतरे में डाल रहा है, साथ ही जिला प्रशासन पुलिस प्रशासन एवं ऐसे लोग जो पूरी तरह सजग हैं, उनके मंसूबे पर पानी फेर रहा है। सड़कों पर अभी भी कई लोग बिना मां के धड़ल्ले से घूम रहे हैं, हालांकि पुलिस प्रशासन की नजर पड़ने पर उनसे चालान वसूला जा रहा है एवं आगे से मास्क पहनकर सड़कों पर आने की हिदायत दी जा रही है, साथ ही पुलिस प्रशासन द्वारा मास्क खरीदकर पहनने का निर्देश भी दिया जा रहा है, लेकिन ऐसे लोगों की लापरवाही का खामियाजा अन्य लोगों को भुगतना पड़ेगा. लोगों को जिले में कोरोना संक्रमण के स्थिति को समझने की जरूरत है।

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बाजारों में बढ़ गई है किराना एवं सब्जी खरीदारों की भीड़ : जबसे जिला प्रशासन के निर्देश पर जिले में लॉकडाउन किया गया है। बाजारों में किराना एवं सब्जी खरीदारों की भीड़ अचानक बढ़ गई है। लोगों ने कहा कि अभी तो सात दिनों के लिए यह लॉकडाउन किया गया है, पता नहीं आगे भी कहीं लॉकडाउन ना बढ़ जाय। मालूम हो कि जिला प्रशासन द्वारा 10 जुलाई से लेकर 16 जुलाई तक जिले में लॉकडाउन किया गया है, जिसके बाद घरों में रहने लगे हैं, उससे पहले लोग कोरोना को लगभग भूल चुके थे, अधिकांश लोग ना तो मास्क लगाते थे और ना ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते थे। जिला प्रशासन की सख्ती ने लोगों को मास्क पहनना और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना सिखा दिया है।

जिले में अब दिखने लगा है लॉकडाउन का असर: लॉकडाउन के दौरान सड़कों पर वही लोग दिख रहे हैं, जिन्हें जरूरी कार्य है, वरना सरकार के द्वारा अनलॉक की घोषणा होने के बाद लोगों ने कोरोना को खत्म होना ही समझ लिया था, लोग धड़ल्ले से सड़कों पर बिना मास्क के घूम रहे थे तथा सोशल डिस्टेंस की धज्जियां उड़ा रहे थे।  बहरहाल जिले में लॉकडाउन का असर अब दिखने लगा है। सड़क पर आवाजाही अब कम हो गई है, लोग आवश्यक सामग्री की खरीददारी को लेकर घरों से बहार निकल रहे हैं, इस दौरान पुलिस लगातार सक्रिय रही।  जिला प्रशासन के अधिकारी लगातार निगरानी के लिए चहलकदमी कर रहे हैं। लॉकडाउन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सख्त है। जिला प्रशासन द्वारा सभी जगह पर तैनात अधिकारियों एवं पुलिसकर्मियों को साफ निर्देश दिया गया है कि किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी।

सड़कों पर पुलिस एवं कमांडो की गश्ती हुई तेज : पुलिस प्रशासन के सख्ती के कारण लोग घरों से नहीं निकल रहे हैं। जिन सड़कों पर दिन में सैकड़ों वाहनों व लोगों की आवाजाही बनी रहती थी, वहां शाम के चार बजे तक लोग घरों से नहीं निकल रहे हैं, सड़कों पर जिन्हें आवश्यक कार्य है, वही लोग दिख रहे हैं। मुख्य बाजारों में भी पैदल लोगों एवं वाहनों का आवागमन कम हो रहा है, सड़कों पर पुलिसकर्मियों, स्वास्थ्यकर्मियों समेत आवश्यक कार्य के लिये निकले लोगों के ही वाहन दिखाई दे रहे हैं। पुलिस प्रशासन के सख्ती का खौफ इस कदर लोगों के मन में समाया हुआ था कि लोग आवश्यक सामग्रियों के लिये भी घर से निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पाये, शाम सात बजे से शहर में निकलने वाले लोगों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है, सड़कों पर पुलिस एवं कमांडो की गश्ती तेज कर दी गई है।

दो सौ सात लोगों के सैंपल जांच में 13 की रिपोर्ट पॉजिटिव  :  सदर अस्पताल प्रशासन, जननायक कर्पूरी ठाकुर मेडिलक कॉलेज एवं अस्पताल प्रशासन द्वारा लगातार लोगों के सैंपल लिये जा रहे है एवं जांच किये जा रहे है। 21 मार्च से 13 जुलाई तक सदर अस्पताल द्वारा छह हजार पांच सौ 60 लोगों की स्क्रीनिंग की गयी, वहीं छह हजार आठ सौ 68 लोगों का सैंपल जांच के लिये भेजा गया। इसमें अब तक दो सौ 93 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आयी है। वहीं इनमें से दो सौ 25 लोग स्वस्थ होकर अपने घर जा चुके है एवं 59 व्यक्ति अभी जेएनकेटी में इलाजरत है। रविवार के रात्रि भी सदर अस्पताल द्वारा दो सौ सात लोगों का सैंपल जांच के लिये भेजा गया था, जिसमें 13 लोगों की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई, सभी संक्रमित व्यक्ति जिला मुख्यालय के हीं निवासी है। सोमवार को 40 लोगों की थर्मल स्कैनिंग भी की गयी है।

संक्रमण को बढ़ने रोकने के लिये चेन को तोड़ना बेहद जरूरी : सदर अस्पताल के चिकित्सक डा एसएन यादव ने कोरोना संक्रमण से स्वस्थ हुये व्यक्तियों से अपील किया कि वो सामाजिक दूरी बना कर रखें एवं खुद को सेल्फ कोरेनटाइन करें। हरेक दो-दो घंटे में साबुन एवं सेनिटाइजर का उपयोग करते रहें। जिला प्रशासन ने पूरे जिला मे बढ़ते कोरोना संक्रमित मरीजों को देखते हुये लॉकडाउन किया गया है, इसलिए सभी लॉकडाउन का पालन करें। लॉकडाउन संक्रमण से बचाव के लिये किया गया । कोरोना से लड़ने के लिये सभी अपने-अपने घर में रहें। कोरोना के संक्रमण को बढ़ने रोकने के लिये चेन को तोड़ना बेहद जरूरी है। जब तक यह चेन नहीं टूटेगी, तब तक इस बीमारी से राहत नहीं मिलेगी, इसलिए सभी अपने-अपने घर में रहें एवं सुरक्षित रहें।


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