बिहार में खतरे में पत्रकारों की नौकरियां

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अनूप ना. सिंह
स्थानीय संपादक

बिहार मे सैकड़ों पत्रकारों की नौकरियां छीनने की तैयारी हो रही है।  शुक्रवार को पटना से प्रकाशित हिंदुस्तान स्मार्ट का प्रकाशन बंद हो गया।  इससे पहले पटना से ही प्रकाशित एक अंग्रेजी अखबार के सभी कर्मचारियों को चरणबद्ध तरीके से हटाकर अखबार के एडिशन को बंद कर दिया गया। हाल ही में हिंदुस्तान टाइम्स पटना संस्करण से भी पत्रकारों की छंटनी हुई, पटना संस्करण को ब्यूरो तक ही सीमित कर दिया गया, दैनिक भास्कर पटना संस्करण में भी छटनी कार्यक्रम प्रारंभ हो चुका है। बिहार के पत्रकारों के लिए सीखने की सबसे सटीक जगह माने जाने वाले प्रभात खबर ने भी कोरोना संकट के बहाने पत्रकारों के सैलरी में कटौती प्रारंभ कर दी है, दैनिक जागरण पटना संस्करण में भी एक साथ बड़े फेरबदल की तैयारी चल रही है।

 कमोबेश यही स्थिति पटना से प्रकाशित सभी अखबारों में है। राष्ट्रीय सहारा और आज दैनिक जैसे अखबार पहले ही से गंभीर वित्तीय संकट से गुजर रहे है, इसका खामियाजा बिहार संस्करण में काम करने वाले पत्रकारों को उठाना पड़ रहा है।  कई सारे राष्ट्रीय अखबारों ने पटना से अपने ब्यूरो कार्यालय तक हटा लिया है, कोरोना काल खासकर पटना के अखबारों के लिए और उसमें काम करने वाले कर्मचारियों के लिए काला अध्याय साबित हो रहा है।  अखबार प्रबंधन वित्तीय स्थिति का हवाला देकर थोक के भाव में पत्रकारों को हटाने की तैयारी में है कुछ जगहों पर इसे लागू भी कर दिया गया है। वैसे भी बिहार में पत्रकारों की सैलरी अन्य प्रदेशों की अपेक्षा काफी कम है अखबार प्रबंधन के द्वारा मिलने वाली सुविधाएं भी नगण्य है। अखबार प्रबंधन ने अपने यहां कार्यरत पत्रकारों के अधिकारों का पहले ही से हनन कर रखा है अगर प्रबंधन उन्हें हटाता है तो एक चाह कर भी उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं कर सकते।

आज दिनभर बिहार के कई सारे वरिष्ठ पत्रकारों ने फोन करके जानना चाहा कि किस अखबार से किसकी छुट्टी हो रही है, इसी बीच एक बड़ी खबर एक राष्ट्रीय टेलीविजन चैनल के पटना ब्यूरो कार्यालय को भी लेकर आ रही है, जहां व्यापक पैमाने पर फेरबदल की तैयारी प्रारंभ हो चुकी है। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि सबके लिए न्याय की आवाज उठाने वाले पत्रकार बिरादरी के लिए आवाज उठाना तो दुर अखबार और चैनल प्रबंधन के खिलाफ डर के मारे कोई एक लाइन सोशल मीडिया पर भी लिखने को तैयार नहीं। आने वाले सप्ताह में बिहार में थोक के भाव में पत्रकारों की नौकरी छीनने की तैयारी हो रही है।


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