मधेपुरा : नाट्य शिक्षक की बहाली को लेकर डिग्रीधारी रंगकर्मियों ने PM, CM, सहित शिक्षामंत्री, कला संस्कृति मंत्री को भेजा पत्र, बड़े स्तर पर आंदोलन की धमकी  

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⇒ डिग्री प्राप्त कर दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं रंगकर्मी 

⇒ बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे डिग्रीधारी रंगकर्मी  

मो० नियाज अहमद
ब्यूरो, मधेपुरा

मधेपुरा/बिहार :  कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को लेकर पूरे देश में लॉकडाउन जारी है। इसी दौरान बिहार के विभिन्न जिले से नाटक से डिग्री लिये छात्रों ने एक स्वर में सोशल डिस्टनसिंग का पालन करते हुये बिहार के विद्यालयों में नाट्य शिक्षक की बहाली को लेकर आवाज उठाई। डिग्रीधारी रंगकर्मी सोशल मीडिया के माध्यम से आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने बिहार के शिक्षा मंत्री के प्रधान सचिव एवं कला संस्कृति मंत्री को मेल भेजा, लेकिन ईमेल का कोई जबाब नहीं आया। सबों ने फिर भी हिम्मत नहीं हारी एवं डाक के माध्यम से प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, शिक्षामंत्री, कला संस्कृति मंत्री को पत्र भेजा गया। लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी किसी प्रकार का कोई जवाब नहीं मिला है।

डिग्री प्राप्त कर दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं रंगकर्मी : मालूम हो कि एक नाट्य-शिक्षक मौजूदा सभी विषयों को रंगमंचीय पद्धति के माध्यम से पढ़ाने में बेहतरीन भूमिका निभा सकता है। अर्थात एक नाट्य शिक्षक नाट्यकला शिक्षा के साथ-साथ स्वर प्रशिक्षण, संभाषण, इम्प्रोवाइजेशन, स्क्रिप्ट राइटिंग, शब्द-उच्चारण, शारीरिक शिक्षा, गीत-संगीत, मेक-अप, डिजाइन वर्क, समूह वर्क, प्रस्तुति परिकल्पना, चित्रकला, मूर्तिकला आदि प्रदर्शन कलाओं के विशेष प्रशिक्षण के साथ-साथ अन्य विषयों को भी मनोरंजन के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था को सर्वोत्कृष्ट बना सकता है। हर वर्ष ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय दरभंगा एवं देश के अन्य कई विश्वविद्यालयों से बिहार के छात्र नाट्य विधा से सैकड़ों की संख्या में डिग्री प्राप्त कर बेरोजगारी से जिंदगी में दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं।

बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे डिग्रीधारी रंगकर्मी : जिले के डीग्रीधारी रंगकर्मी अमित आनंद, सुनीत कुमार, अमित कुमार अंशु एवं शहंशाह ने कहा कि सरकार को नौकरी नहीं देना है तो डीग्री किसलिये दे रही है। रंगकर्मियों ने जल्द से जल्द बिहार के विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में नाट्य शिक्षक की बहाली प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है, नहीं तो डिग्रीधारी रंगकर्मी बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे।

 उन्होंने कहा कि कलाकार सरकार के हर योजन को नुक्कड़ नाटक के माध्यम से ज़न-ज़न तक पहुंचाने का काम करते हैं, चाहे वह आपदा की घड़ी ही क्यूं न हो,  फिर भी केंद्र सरकार एवं बिहार सरकार नाट्य कला से डिग्री लिए हज़ारों छात्र को नजर अंदाज कर रही है। जिले के रंगकर्मी ने सरकार से मांग किया है कि जल्द से जल्द इस ओर ध्यान दिया जाए, नहीं तो अगामी चुनाव में सभी नाट्य कला से डिग्रीदारी छात्र वोट का बहिष्कार करेंगे।


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