सुपौल : बाहर से आने वाले श्रमिकों के लिए मनरेगा बनी संजीवनी

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छातापुर से संवाददाता नौशाद अदील की रिपोर्ट : 

छातापुर/सुपौल/बिहार: जॉब कार्डधारी एवं घर लौट रहे जरूरतमंद प्रवासी मजदूरों को उनके गांव-घर में ही मनरेगा योजना से रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है । छातापुर मुख्यालय पंचायत में मनरेगा योजना से प्रखंड कार्यालय से पुरब सरकारी पोखर का जीणोद्धार कार्य प्रारंभ किया गया है । मनरेगा योजना से सरकारी पोखर निर्माण कार्य शुरू होने से स्थानीय जॉब कार्डधारी मजदूरों में खुशी देखी गई । दर्जनों मजदूर इस पोखर का जीणोद्धार कार्य मे जुट गए हैं ।

मालूम हो लाॅकडाउन के कारण बंद पड़े रोजगारों से सबसे ज्यादा दैनिक मजदूर प्रभावित हुए है। जिसके कारण कई मजदूरों को आर्थिक सम्सयाओं का सामना करना पड़ रहा था। मुखिया प्रतिनिधि संजीव कुमार भगत ने बताया कि समाजिक दूरी का ध्यान रखते हुए कोरोना महामारी से बचने के लिए सभी मजदूरों के बीच मास्क, सैनिटाइजर एवं हाथ धोने के लिए साबुन मुहैया कर काम करवाया जा रहा। और कार्य करने के दौरान मजदूरों को प्रत्येक एक घंटा पर हाथ धुलवाया जा रहा है ।

मनरेगा पीओ अमरेंद्र कुमार ने बताया कि प्रखंड के सभी पंचायत में मनरेगा योजना के तहत कार्य शुरू किया गया है। मुख्य रूप से सोख्ता निर्माण, भिसि उड़ाही, खेत पोखरी एवं सरकारी पोखर का जीर्णोद्धार कराया जा रहा है । पीओ श्री कुमार ने यह भी बताया कि मनरेगा के तहत कार्य करने के लिए इच्छुक श्रमिकों का जॉब कार्ड बनाया जा रहा है। रोजगार सेवक मनोज कुमार बताया पंचायत में मनरेगा योजना कार्य शुरु होने से खासकर दैनिक मजदूरों को इसका मिल रहा है ।


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