मधेपुरा : राठौर दंपति ने अपने सालगिरह पर लिया पांच बच्चों को गोद

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शिक्षा और संस्कार से ही सुंदर समान का निर्माण सम्भव-राठौर

ऋषि सिंह
सदर संवाददाता
मधेपुरा,बिहार

मधेपुरा/बिहार : शिक्षा एक ऐसा अस्त्र है जिसके सहारे संस्कार और मंजिल ही नहीं मिलती बल्कि समाज में भी चमक आती है और उसका विकास होता है। उक्त बातें राठौर दंपति हर्ष वर्धन सिंह राठौर और प्रसन्ना सिंह राठौर ने अपनी शादी की दूसरी सालगिरह पर चार बच्चियों को गोद लेने के बाद कही। विभिन्न क्षेत्रों में लगातार समाजसेवा के द्वारा सक्रिय राठौर दंपति हमेशा से फिजूलखर्ची के विरोधी रहे हैं।

वर्ष 2018 में बीएनएमयू के  सीनेट, सिंडीकेट सदस्य डॉ जवाहर पासवान के पहल पर दहेजमुक्त आदर्श वैवाहिक संबंध में बंधे हर्ष वर्धन सिंह राठौर और प्रसन्ना सिंह राठौर बीएनएमयू में एक साथ इतिहास व अर्थशास्त्र में पीएचडी कर रहे हैं।अपनी दूसरी सालगिरह पर राठौर दंपति ने रैना, प्रियंका, सोनी, रिंकी को गोद लेते हुए इनके प्रारम्भिक शिक्षा दीक्षा की जिम्मेदारी अपने ऊपर ली है। इस अवसर पर इन बच्चियों को अध्यन हेतु उपयोगी समान भेंट किया गया और कहा गया कि लाक डाउन में घर पर रहकर पढ़ाई करें। लॉक डाउन खत्म होते ही उनकी विधिवत पढ़ाई शुरू हो जाएगी। जिसकी पूरी जिम्मेदारी राठौर दंपति की होगी।

हर्ष वर्धन सिंह राठौर ने कहा कि ये ऐसी बच्चियां हैं जिनके कदम स्कूल और शिक्षा तक नहीं पहुंच पाते और इनका बचपन मजदूरी में गुजर जाता है,  ऐसे बच्चों को गोद लेकर उनको शिक्षा देने के प्रण से बेहतर सालगिरह का कोई आयोजन नहीं हो सकता है। शुरू से ही बड़े आयोजनों से परहेज करने वाले राठौर सामाजिक कार्यों को प्राथमिकता देते रहे हैं। शादी के के बाद उनकी जीवनसंगिनी प्रसन्ना सिंह राठौर भी बखूबी उनका साथ दे रही हैं। वहीं प्रसन्ना सिंह राठौर ने कहा कि  किसी भी खुशी के मौके पर कोई आयोजन करके कुछ पल की खुशियां बटोरी जा सकती हैं लेकिन ऐसे कार्य कर अपने साथ – साथ कई पीढ़ियों की जिंदगी में खुशियां भरी जा सकती है।

उन्होंने अन्य लोगों से भी इस तरह के पहल को प्राथमिकता देने की बात कही। हर्ष वर्धन व प्रसन्ना के वैवाहिक संबंध के सूत्रधार रहे व दोनों के गुरु प्रो जवाहर पासवान ने राठौर दंपति के इस प्रयास सराहना करते हुए कहा कि हर्ष वर्धन सिंह राठौर और प्रसन्ना सिंह राठौर दोनों ही कई क्षेत्रों में विपुल प्रतिभा के धनी हैं। उन्हें अपने  दोनो होनहार बच्चों पर नाज है। सालगिरह के अवसर पर ग्रामीण क्षेत्र के उन बच्चों को गोद लेना जिन से शिक्षा कोसो दूर है एक सराहनीय कदम है। जरूरत पड़ने पर ऐसे कार्यों में वो भी मदद को तैयार रहेंगे।

राठौर के माता पिता तेज प्रताप सिंह, प्रभावती देवी,  अग्रज अजित पाल सिंह, प्रसन्ना के माता पिता प्रो निखिलेश सिंह, प्रो वीणा सिंह सहित दोनों के शुभचिंतकों ने इस पहल की सराहना की है।


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