हमारा बिहार :  22 मार्च बिहार दिवस के अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार अनूप नारायण की कलम से पढ़िए यह कविता

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हम हैं बिहारी, सारे जग में हम भारत की शान,

मेहनत अपना दीन धरम है, मेहनत है ईमान||

                    सीधी-सादी बोली अपनी, सीधे-सादे लोग,

                   लालच, झूठ और मक्कारी के हमको नहीं हैं रोग|

अपने अंदर जिन्दा रक्खा है हमने इंसान,

हम हैं बिहारी, सारे जग में हम भारत की शान,

                     मेहनत अपना दीन धरम है, मेहनत है ईमान||

                   विक्रमशिला, बोधगया, नालंदा हैं इतिहास,

जीरो, दशमलव जैसे तोहफे अपनी हैं मीरास|

सदियों से हम बाँट रहे हैं दुनिया को हर ज्ञान,

              हम हैं बिहारी, सारे जग में हम भारत की शान,

             मेहनत अपना दीन धरम है, मेहनत है ईमान||

सूफी-संतों ने मिल-जुल के रहना हमें सिखाया,

प्यार-मुहब्बत, सत्य अहिंसा अपना है सरमाया|

            हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सब का यहाँ सम्मान,

            हम हैं बिहारी, सारे जग में हम भारत की शान,

मेहनत अपना दीन धरम है, मेहनत है ईमान||

हर मुश्किल में देश की खातिर हमने दी कुर्बानी,

                   नहीं चली है, नहीं चलेगी यहाँ कोई मनमानी|

                  हम जागे तो जाग उठा है सारा हिन्दुस्तान,

हम हैं बिहारी, सारे जग में हम भारत की शान,

मेहनत अपना दीन धरम है, मेहनत है ईमान||

                 आओ! हम सब मिल के बनायें ऐसा एक बिहार,

                जे.पी., मज़हर, कर्पूरी के सपने हों साकार|

अपनी तरक्की देख के सारी दुनिया हो हैरान,

हम हैं बिहारी, सारे जग में हम भारत की शान,

मेहनत अपना दीन धरम है, मेहनत है ईमान|


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