मधेपुरा : वर्तमान में उच्च शिक्षा के फैले क्षेत्र की आधारशिला का श्रेय कीर्ति बाबू

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अमित कुमार अंशु
उप संपादक

मधेपुरा/बिहार : डेढ़ दर्जन कॉलेजों की स्थापना कर कोसी जैसे पिछड़े क्षेत्र में उच्च शिक्षा कि बुनियाद रखने वाले शिक्षा दधीचि कीर्ति नारायण मंडल की जयंती शिव राजेश्वरी युवा सृजन क्लब द्वारा टीपी कॉलेज के विज्ञान परिसर में धूमधाम से मनाई गई। जयंती समारोह के अवसर पर उनके स्मारक पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें याद किया गया।

मौके पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए क्लब के संरक्षक सह बीएनएमयू सीनेट एवं सिंडीकेट सदस्य डा जवाहर पासवान ने कहा की कीर्ति नारायण मंडल इस धरती के अनमोल रत्न के रूप में स्थापित हैं। शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान अतुल्य हैं। कोसी सहित अन्य क्षेत्रों में डेढ़ दर्जन से अधिक कॉलेजों कि स्थापना कर उन्होंने शैक्षणिक रूप से पिछड़े इस क्षेत्र में उच्च शिक्षा की आधार शिला रखी। पिता के खिलाफ हठ कर उनके द्वारा स्थापित टीपी कॉलेज एवं मां के नाम पर स्थापित पार्वती साइंस कॉलेज बीएनएमयू के स्थापना का आधार माना जाता है। बीएनएमयू पीजी हिंदी के डा सिद्धेश्वर काश्यप ने कहा की वर्तमान दौर में कीर्ति बाबू एक आदर्श के रूप में स्थापित हैं। आज सबों की जिम्मेदारी है कि उनके अधूरे सपने को मिलकर पूरा करें। बीएनएमयू बीएड के विभागाध्यक्ष प्रो ललन साहनी ने कहा कि उस दौर में भी कीर्ति नारायण मंडल की सोच बहुत आगे की थी, उस समय बालिकाओं के शिक्षा के प्रति वो चिंतित थे, उसी चिंता के निदान के लिए बालिका स्कूल की स्थापना की, जो आज पार्वती साइंस कॉलेज के रूप में स्थापित है। पूर्व एमएलसी प्रत्यासी डा नितेश कुमार ने कहा कि आज शिक्षा के गिरते स्तर के दौर में कीर्ति बाबू को याद करना बहुत जरूरी है। उन्हें यादकर उनके पदचिन्हों पर चलने की जरूरत है।

 कार्यक्रम का संचालन करते हुए क्लब के संस्थापक महासचिव हर्ष वर्धन सिंह राठौर ने कहा कि कीर्ति बाबू एक महान आत्मा थे। उनके महान त्याग एवं समाज के उत्थान के प्रति उनके कार्य का ही फल है कि उन्हें कोसी का मालवीय, शिक्षा दधीचि, विश्वकर्मा एवं महामना के उपमाओं से सम्मानित किया गया। राठौर ने कहा कि क्लब ने उनकी शताब्दी जयंती के अवसर पर साल भर कार्यक्रम चलाकर उन्हें याद किया था। धन्यवाद ज्ञापन क्लब के सारंग तनय ने किया।  

मौके पर छात्र नेता सौरभ कुमार, आनंद, राजू घोष, शंकर, मयंक, सुरेश आदि मौजूद थे।


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