सुपौल :   NRC-CAA में उलझा कर सरकारी संपत्ति को बेच रही है मोदी सरकार- प्रो. फिरोज मंसूरी  

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सिकंदर आलम
उप संपादक

सुपौल/बिहार : सीएए, एनआरसी और एनपीआर के खिलाफ शनिवार को गौसपुर रोड करजाईन बाजार स्थित यूसुफ मुखिया के आवास परिसर में सविधान बचाओ देश बचाओ आम सभा का आयोजन किया गया।  मानववादी जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष अबू नसर की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि, मानववादी जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव सह प्रदेश अध्यक्ष बिहार, प्रोफेसर डॉ॰ फिरोज मंसूरी ने सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमित शाह ने देश मे लोगो को एनआरसी-सीएए में उलझा कर एयर इंडिया, एलआईसी आदि को बेचने का काम कर रहे है।

कहा कि देश के आजादी 1947 में हिन्दू सभा और मुस्लिम लीग साथ था आज भी मुस्लिम लीग संघ के मेल में आकर मुसलमानो को बड़गला रहा है, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी देश की आजादी में हिन्दू-मुस्लिम एकता को कायम कर अंग्रेजों से देश को स्वतंत्र कराया। लेकिन मोदी एवं शाह देश मे नफरत की राजनीति कर हिन्दू- मुस्लिम एकता को तोड़ने में लगे है भारत की संस्कृति बासदेव कुटुंम्ब (सारा संसार एक परिवार) का रहा है जिसे वर्तमान की संघी सरकार खराब कर रही है जिसे हमलोग पूरा नही होने देंगे।

प्रोफेसर डॉ॰ जवाहर पासवान ने कहा कि देश के इतिहास में आज की महिलाओं का सीएए- एनआरसी के खिलाफ चल रहे आंदोलन में दिए योगदान को लिखा जाएगा । सीएए- एनआरसी के माध्यम के देश के सविधान को समाप्त कर मनुवादी व्यवस्था लाना चाहती है मोदी सरकार, जिससे सबसे ज्यादा दलित, गरीब एवं अल्पसंख्यक परेशान होंगे।

  प्रोफेसर डॉ॰ ललन साहनी ने कहा कि मोदी और अमित शाह की जोड़ी भारत की साझी विरासत एवं गंगा-जमुनी तहजीब को खत्म करने की प्रयास कर रहे है, जिसके लिए उन्होंने सीएए- एनआरसी का काला कानून लाया है, इसके खिलाफ हमलोग, लोगो को संदेश दे रहे है कि मुसलमान को निशाना बनाकर सरकार दलित, ओ बी सी की भी नागरिकता समाप्त कर डिटेंशन सेंटर में डालने की साजिश कर रही है, लेकिन सरकार के इस नापाक इरादे को हम सभी लोग मिलकर पूरा नहीं होने देंगे।

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सभा को शेर सिंह यादव, अफजल हुसैन राईन, आफताब खलीफा, मौलाना नूरूल्लाह,  मौलाना नेमतुल्लाह, प्रो सईदुरहमान, डॉ रमेश प्रसाद यादव  आदि ने सम्बोधित किया ।

इस अवसर पर मो यूनुस, मोजीबुर रहमान, मन्नान, अब्बास मो तस्लीम, मो मुस्तुफा, मो बशीर, रहमतुल्लाह, मो इलयास, मो साबिर आदि के साथ हजारों की संख्या में आवाम मौजूद थे, जिसमें काफी तादाद में महिलाओं ने अपनी भागीदारी दी।


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