नालंदा : केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त आह्वान पर देशव्यापी हड़ताल कल

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मुर्शीद आलम
नालंदा ब्यूरो
बिहार

नालंदा/बिहार: जिले में कल यानी 8 जनवरी को आम हड़ताल रहेगा, हड़ताल के समर्थन मे एक्टू, एटक, सीटू, इंटक  की नालंदा जिला इकाई की ओर से नालंदा जिला मुख्यालय बिहारशरीफ नगर में माइक प्रचार किया गया।

अस्पताल चौराहा से चलकर, भरावपर, मुरारपुर, कटरापर, चोरा बगीचा कारगिल चौक बस स्टैंड, सोगरा कॉलेज मोड़, कटरा नदी पर, बड़ी दरगाह, पहाड़पुरा, नया टोला, झिंगनगर, अलीनगर, मनीराम अखाड़ा, महलपर खंदकपर, नईसराय, अंबेर, छज्जू इमादपुर, भैसासुर, धनेश्वर घाट, मोगल कुआं, सोहसराय बबूरबन्ना, आशा नगर, देवीसराय रामचंद्रपुर बस स्टैंड, बनाऊलिया सकूनत आदि मोहल्ला में मजदूर हड़ताल का प्रचार किया गया।

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 प्रचार में चल रहे नेताओं ने शहर के विभिन्न चौक चौराहों मोड़ आदि स्थानों पर नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि मोदी सरकार 2 में श्रम कानूनों को कोडीकरण किया जा रहा है। केंद्रीय श्रम मंत्रालय ने 44 श्रम कानूनों को 4 श्रम कोड में सीमित कर दिया है जो की मजदूर विरोधी व मालिक पक्षीय है, जिसमें काम के घंटे बढ़ाने कम मजदूरी देने समान कार्य के लिए सम्मान मजदूरी नहीं देन नियमति पर रोक,  आउटसोर्सिंग भर्ती और प्रणोती में भेदभाव ट्रेड यूनियनों का निबंधन आसानी से रद्द कर देना मोदी सरकार ने पूंजीपतियों के हित में श्रम कानूनों का मूल्य गिरा रही है। बीड़ी मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी नहीं दिया जा रहा है, बीड़ी कार्य में कटौती और अनिश्चितकालीन बंदी से जीवन मुश्किल में है, मनरेगा में मजदूरों को काम नहीं मिल रहा है,  फुटपाथ  को सरकार उजाड़ रही है तथा निर्माण मजदूरों की उपेक्षा की जा रही है। बीड़ी, नाई, निर्माण, रई-रिक्शा, टेंपो आदि असंगठित कामगारों को ना तो नियमित रोजगार है ना बेहतर मजदूरी मिलती है, किसानों को उपज का दाम भी नहीं मिल पाता है, इस प्रकार यह दिख रहा है की सरकार मजदूर और मेहनतकश के विरुद्ध कार्रवाई में जुट गई है।

इस प्रचार अभियान का नेतृत्व एक्टू के नेता मकसूदन शर्मा, एटक के मोहन प्रसाद, सीटू के महेंद्र प्रसाद, ठेला फुटपाथ भेंडर्स यूनियन के जिला सचिव रामदेव चौधरी कर रहे थे ।


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