मधेपुरा : भूपेंद्र बाबू के नाम पर बने विश्विद्यालय में मठ और आयोजित हो राजकीय कार्यक्रम-विचार मंच

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गोशाला परिसर में मनी भूपेंद्र बाबू की पुण्यतिथि, वक्ताओं ने बताया समाजवाद का पुरोधा ♦ भूपेंद्र बाबू ने दी कोसी की धरा को अलग और अमिट पहचान 

अमित कुमार
उप संपादक

मधेपुरा/बिहार : आज अपराह्न् तीन बजे से गोशाला परिसर में समाजवाद के पर्याय भूपेंद्र नारायण मंडल की पुण्यतिथि समारोह का आयोजन भूपेंद्र नारायण विचार मंच के द्वारा किया गया । कार्यक्रम का आगाज भूपेंद्र बाबू के तैलीय चित्र पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि सहित दीप प्रजवलित कर किया गया ।

इस मौके पर सुरेश कुमार शशि ने इस धरती की अपनी शान कितना कोई करे बखान की प्रस्तुति दे भूपेंद्र बाबू को गीत से श्रधांजलि दी।अतिथियों का स्वागत करते हुए स्वागत समिति के संयोजक परमेश्वरी प्रसाद यादव ने कहा की मंडल विचार मंच और कृष्ण क्रांति संघ के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित इस कार्यक्रम का मूल उद्देश्य उनके विचारों को फैलाना और उनके सपने का समाज बनाना है।

कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए तिलकामांझी विवि के प्रतिकुलपति रहे प्रो के के मंडल ने कहा की भूपेंद्र बाबू समाज के निचले पायदान से जुड़े थे यही कारण था कि वो समाज के निचले वर्ग की मुखर वकालत करते थे। यही सोच उनके समाजवाद की मजबूती थी।उन्होंने कहा कि आज जरूरत है कि भूपेंद्र बाबू के विचारो पर चलने वाला विचारमंच उनसे जुड़ी हर बिंदुओं पर प्रकाश डाले। सम्मानित अतिथि एन के यादव ने कहा कि कोसी की धरती और भूपेंद्र बाबू एक दूसरे के पर्याय से है।आज के बदलते दौर और राजनीति में उनकी भूमिका को स्वीकार किया जा सकता है। मुख्य अतिथि पूर्व एम एल सी विजय कुमार वर्मा ने कहा कि भूपेंद्र बाबू के योगदान का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनके न रहने के बाद आज भी उनके बिना इस धरती की चर्चा अधूरी लगती है। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि भूपेंद्र बाबू की जयंती राजकीय स्तर पर मनाया जाए। पूर्व प्राचार्या डॉ शांति यादव ने अपने समबोधन मे अपनी बात रखते हुए भूपेंद्र बाबू के नाम पर मठ बनाने का प्रस्ताव मंच द्वारा विश्वविद्यालय को देने की मांग की ।

प्रखर समाजसेवी और विचारक चन्द्रशेखर ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए बदलते परिवेश और दौर पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि समाज विखराव और विनाश के मुहाने पर खड़ा है ऐसे में भूपेंद्र बाबू बहुत याद आते हैं। पूर्व परीक्षा नियंत्रक डॉ भूपेंद्र मधेपुरी ने इस मौके पर मंच को भूपेंद्र बाबू की एक भव्य तश्वीर भेंट करते हुए अपने समबोधन मे भूपेंद्र बाबू से जुड़े कई अनछुए पहलुओं को प्रस्तुत किया।पूर्व प्राचार्य प्रो सुरेश प्रसाद यादव ने अपनी बात रखते हुए कहा कि भूपेंद्र बाबू का कार्यक्षेत्र ऐसा रहा कि वो हर दौर में याद किये जायेंगे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विचार मंच के अध्यक्ष प्रो श्यामल किशोर यादव ने कहा की मंच लगातार भूपेंद्र बाबू के विचारों को प्रसारित और प्रचारित करने में लगा है। उन्होंने उपस्थित लोगों से अपील करते हुए कहा कि इस कारवां को आगे ले जाने में बढ़ चढ़ कर सहयोग करें।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए सीनेट, सिंडिकेट सदस्य प्रो जवाहर पासवान, मंच के कोषाध्यक्ष प्रो सच्चिदानंद यादव, वरीय साहित्यकार प्रो विनय कुमार चौधरी, पूर्व पीजी विभागध्यक्ष प्रो इंद्र नारायण यादव,  शम्भू शरण भारतीय, सियाराम यादव मयंक, अजय प्रसाद आदि ने कहा की भूपेंद्र बाबू से मधेपुरा की पहचान होती है उन्होंने समाजवाद की एक वो अलग परिभाषा गढ़ी जिसे और आगे ले जाने की जरूरत है। मौके पर सदन में भुपेन्द्र बाबू के प्रकाशन से जुड़ी जानकारी देते हुए मंच के सचिव आलोक कुमार ने कहा कि इस प्रयास में और सहयोग की जरूरत है ।

इस अवसर पर प्रसिद्ध खेल प्रशिक्षक संत कुमार, हरेराम भगत, आनन्द कुमार, राजेश कुमार, किशोर कुमार, डॉ एल के निराला, दयानंद, धीरज कुमार, कीर्ति नारायण यादव, मकेश्वर प्रसाद यादव, महेंद्र नारायण मण्डल, राहुल कुमार, हर्ष वर्धन सिंह राठौर सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे ।


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