मधेपुरा/बिहार : मंगलवार को कोशी प्रमंडल के आयुक्त राजेश कुमार द्वारा मधेपुरा के जननायक कर्पूरी ठाकुर चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने अस्पताल परिसर की समग्र व्यवस्था का जायजा लेते हुए आपातकालीन कक्ष (इमरजेंसी), ओपीडी, विभिन्न वार्डों, दवा भंडार, प्रयोगशाला तथा अन्य विभागों का क्रमवार निरीक्षण किया और अस्पताल प्रशासन को स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए कई निर्देश दिए।
आयुक्त ने इस दौरान चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति की जांच की तथा मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सुविधाओं, उपचार व्यवस्था, स्वच्छता, पेयजल, शौचालय, बिजली आपूर्ति एवं सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति का सूक्ष्म अवलोकन किया। वहीं उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों एवं उनके परिजनों से सीधे संवाद कर उपलब्ध सेवाओं की गुणवत्ता एवं व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की।

निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने दवा भंडार की स्थिति की समीक्षा करते हुए आवश्यक जीवनरक्षक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने अस्पताल प्रशासन को निर्देशित किया कि सभी विभागों में कार्यप्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाए तथा मरीजों को समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने विशेष रूप से स्वच्छता व्यवस्था पर बल देते हुए परिसर की नियमित साफ-सफाई, जैव-चिकित्सा अपशिष्ट के सुरक्षित निष्पादन एवं संक्रमण नियंत्रण के मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। आयुक्त ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में आमजन का विश्वास सर्वोपरि है, इसलिए सेवा भाव एवं संवेदनशीलता के साथ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जानी चाहिए।
आयुक्त द्वारा संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता, उपकरणों के रख-रखाव, मानव संसाधन की प्रभावी तैनाती एवं लंबित कार्यों के शीघ्र निष्पादन हेतु समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया गया।
आयुक्त ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार जिला प्रशासन की प्राथमिकता है तथा भविष्य में भी नियमित रूप से निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाएगी, ताकि आमजन को बेहतर एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें।
निरक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी अभिषेक रंजन सहित मेडिकल कॉलेज & अस्पताल के वरीय पदाधिकारी भी मौजूद थे।

