मधेपुरा : मांगे पूरी नहीं हुई अनुदानित माध्यमिक विद्यालयों का संघर्ष जत्था वर्तमान सरकार को सत्ता से उखाड़ उखाड़ फेंकने का काम करेंगे

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अमित कुमार
उप संपादक

मधेपुरा/बिहार : बुधवार को बिहार प्रदेश माध्यमिक शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर अनुदानित माध्यमिक विद्यालयों के अधिग्रहण हेतु महासंघ के मधेपुरा जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में संघर्ष जत्था स्थानीय बीपी मंडल प्रतिमा स्थल से समाहरणालय मधेपुरा की ओर प्रस्थान किया।

जिला अध्यक्ष सुधीर कुमार ने कहा कि प्रदेश में 715 अनुदानित माध्यमिक विद्यालय विगत 35 वर्षों से संचालित है। जिनके पास पर्याप्त भूमि, भवन, उपस्कर एवं अन्य संसाधन उपलब्ध है। विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र, छात्राओं को साइकिल पोशाक एवं अन्य सभी सरकारी योजनाओं का लाभ मिलता है। मानक मंडल के तहत शिक्षाकर्मियों का पद, कोषागार से अनुदान भुगतान, सेवानिवृत्ति, विकास कोष एवं छात्रकोोष सभी संबंधित सरकारी नियम से संचालित होता है।
जब राज्य में इसी तरह के अल्पसंख्यक, मदरसा एवं संस्कृत विद्यालयों जिनके पास भूमि, भवन एवं अन्य संसाधनों का नितांत अभाव है और जो धार्मिक एवं व्यक्तिगत स्थान पर संचालित है, इन विद्यालयों के शिक्षाकर्मियों को सरकारी स्कूलों के शिक्षा कर्मियों की भांति वेतन दिया जा रहा है तो अनुदानित माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षाकर्मियों को क्यों नहीं।
जिला सचिव वाचस्पति मिश्र ने कहा कि यदि सरकार आगामी संसदीय चुनाव से पूर्व 715 माध्यमिक विद्यालयों का अधिग्रहण या अराजकिय अल्पसंख्यक मदरसा एवं संस्कृत विद्यालयों के शिक्षाकर्मियों के समान वेतन देने की घोषणा नहीं करती है तो अनुदानित माध्यमिक विद्यालयों का संघर्ष जत्था चल चुका है। आगामी संसदीय एवं विधानसभा चुनाव में वर्तमान सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंकने का काम करेंगे।
मौके पर प्रांतीय कोषाध्यक्ष सुभाष चंद्र, प्रधानाध्यापक अशोक कुमार, नंदकिशोर यादव, प्रभाकर सिंह, अशोक कुमार, प्रवीण कुमार, मणि भूषण सिंह, प्रभास कुमार, शशि शेखर, सुधाकर, दयानंद शर्मा, मनोज कुमार, गोपाल शर्मा, रश्मि रानी, मदन लाल महतो, संजीव कुमार, मो जलालुद्दीन, हरेराम कुमार, प्रमोद कुमार गुप्ता, संजय कुमार एवं अन्य शिक्षा कर्मी उपस्थित हुए।


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