किशनगंज : मौलाना की कब्र पर पहुंचे बिहार और बंगाल के कई दिग्गज नेता, मांगी मगफिरत की दुआ

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शशिकान्त झा
वरीय उप संपादक

किशनगंज/बिहार : शनिवार को बिहार, बंगाल के दर्जनों सियासतदांओं ने मौलाना सह सांसद मरहूम असरारुल हक़ की कब्र पर जा कर उनके लिए जन्नत में आला मुकाम की दुआऐं मांगी । ज्ञात हो कि जुमेरात की अहले सुबह किशनगंज के एम.पी.  जनाब असरारुल हक कासमी ने हर्ट अटैक की वजह से अपने घर कांटा टप्पू में आखिरी सांसें ली थी । इसकी खबर मिलते हीं हजारों की तायदादों में इनके चाहने वालों की हुजुम के आने का सिलसिला तालिमावाद मिल्ली गर्लस हाई स्कूल के मैदान में जारी रहा और देखते ही देखते लाखों की भीड़ वहां इकट्ठी हो गई, आलम यह था कि कहीं कदम रखने की जगहें ना थी । जहां मंत्री, प्रशासन के बड़े-बड़े आफिसरानों की भी मौजूदगी में मौलाना को पूरे ‘राजकीय सम्मान के साथ तिरंगे में लपेट बंदूकें नीची और नजरें झुकाकर जिले के प्रभारी डी.एम. वाई.एस. मीणा और एस.पी. कुमार आशीष ने अपने मातहतों के साथ मौलाना को आखरी विदाई दी ।

गौरतलव है कि मौलाना ने एम.पी. रहते 77 साल की उम्र में दुनियां से रुख्सत ली । एक गांव की वीरानी और जहालत से जूझ रहे लोगों के बीच सन 1942 में कांटा टप्पू में इनकी पैदाईस हुई । तालिम पाने के बाद मौलाना ने 1975 में जमियत उलमाऐं हिंद के जेनरल सेक्ररेट्री बने, जहां ये जमीयत के सदर असद मदनी के काफी करीबी माने जाते थे । इसी दौर में किशनगंज के साबिक एम.पी. अलहाज़ मरहुम जनाब जमीलुर्र रहमान एक हादसे में मारे गये । मौका वाय इलेक्शन का आया और जमियत उल्माऐ हिंद के सदर जनाब मदनी साहब के ख्वाहिस के तौर पर मौलाना को 1984 के वाई इलेक्शन में किशनगंज पार्लियामेंट हल्के से कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार बनाकर इलेक्शन लड़ा दिया । बदकिस्मती से इन्हें कामयाबी हांसिल नहीं हो सकी, पर सियासत के मैदान में इनके कदम आगे निकल चुके थे, जिसकी वजह से ये कई बार अपनी किस्मत आजमाई और 2009 में इन्हौने कांग्रेस के टिकट पर जोरदार जीत दर्ज कराई । किशनगंज की अवाम ने अपनी जकजहती की वजह से इन्हें काफी वोटों से जीत दिलाई और मौलाना ने अपनी सादगी और बेदाग तश्वीर की वजह से दूसरी बार भी कामयाबी हांसिल कर 2019 के इलेक्शन से पहले हीं रोती हुई अवाम को छोड़कर अल्लाह को प्यारे हो गये ।

मौलाना के दिवानों की भीड़ किशनगंज पार्लियामेंट्री हल्कों के साथ अररिया, पूर्णियां, बंगाल के साथ आल इन्डिया कांग्रेस कमिटी के सदर राहूल गांधी ने भी ट्वीट और फोन के जरिये मौलाना के गुजर जाने पर काफी तकलीफें जताई । वहीं सूवा ए बिहार कांग्रेस के सदर  मदन मोहन झा और कांग्रेस के साबिक मिनीस्टरों ने भी जनाजे में शामिल होकर उन्हें खेराज-ए-अकीदत पेश की । जबकि आज बिहार कांग्रेस के नायब सदर कोकब कादरी, बंगाल के एम.पी. मो.सलीम ने जन्नतुल फिरदौस में मौलाना के बेहतर मुकाम की दुआऐं मांगी । इस कड़ी में जनाधिकार पार्टी के सरपरस्त और मधेपूरा के एम.पी. राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव भी मौलाना के कब्र पर अपनी हाजरी लगाई । इस दौरान बतौर वारिश इमरान आलम , डिस्ट्रिक्ट बोर्ड मेम्वर नुमाईंदा मौजूद थे । वहीँ मौलाना के भाई मेरातुल हुसैन, बिहार के साबिक मिनिस्टर और छोटे भाई जहीदुर्र रहमान, बेटा सउद असरार, फहद असरार व सोहैल अख्तर की हिम्मत आफ़जाई की । जबकि अररिया के एम.एल.ए. आविदुर्र रहमान भी आज यहां आये और सबों से मिलकर हिम्मत आफजाई की ।

फिलवक्त यहां पर नामचीन हस्तियों का हर दिल अजी़ज सुफी मौलाना के कब्र पर आने का सिलसिला बदस्तूर जारी है ।


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