सुपौल : छातापुर प्रखंड अंतर्गत लाखों की लागत से बने पंचायत सरकार भवनों में वर्षों बाद भी नहीं शुरू हुआ कार्य

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इरशाद आदिल 
संवाददाता
छातापुर, सुपौल

छातापुर/सुपौल/बिहार : छातापुर प्रखंड के विभिन्न पंचायतों में करोड़ों रुपये की लागत से बना पंचायत सरकार भवन महज सरकार के लचर व्यवस्था के कारण कहीं भी किसी पंचयात में सुचारू रुप से नहीं चल रहा है । पंचायत के ग्रामीण ठगा महसूस कर रहे हैं। जब पंचायत सरकार भवन का निर्माण हुआ था तो लोगों को लगा कि पंचायत स्तर का जितना कार्य होगा, उससे राहत मिलेगी। वर्षों गुजर गए न तो सरकारी भवन में कर्मचारी, सचिव, इंदिरा आवास सहायक, विकास मित्र बैठते हैं और ना हीं पंचायत के जनप्रतिनिधि बैठते है ।

जबकी पंचायती राज प्रधान कार्यलय पटना बिहार से प्रेषित पत्र के माध्यम से सभी जिला पदाधिकारी, पंचायतीराज जिला पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी को निर्देश दिया गया था कि सभी पंचायत के पंचायत सरकार भवन में पंचायत स्तर के जनप्रतिनिधि मुखिया, सरपंच के अलावे पंचायत में पद स्थापित सरकारी कर्मचारी, टोला सेवक, विकास मित्र को नित्य दिन पंचायत सरकार भवन में बैठना है । लेकिन सरकार द्वारा भेजे गए पत्र महज ढाक के तीन पात साबित हुआ । पंचायत सरकार भवन में बैठना तो दूर पंचायत सरकार भवन ताला सायद साल में दो बार ही खुलता है । वो दिन है 15 अगस्त और 26 जनवरी । ग्रामीण परेशान हैं परंतु कोई उनका सुनता नहीं है। छोटे से कार्य के लिए ग्रामीणों को प्रखंड सह अंचल कार्यालय का दौड़ लगाना पड़ता है।

स्थानीय मुखिया सितानंद झा उर्फ सुनील बाबू

करोड़ो रुपये की लागत से बना पंचायत सरकार भवन पंचायत वासियों को मुंह चिढ़ा रही है । अब तो इस बातों को लेकर कई मुखिया भी सरकार की इस ढुलमुल नीति और जिला स्तर से लेकर प्रखंड स्तर तक के अधिकारियों के सामने स्पष्ट अपना मुंह खोलकर बोल रहा है कि सरकारी कर्मचारी समय पर अगर पंचायत सरकार भवन में समय से आना सुनिश्चित कर लें तो जनप्रतिनिधियों को कार्यालय आना लाजमी हो जाएगा ।

वहीं गुरुवार को मधुवनी पंचायत के पंचायत सरकार भवन में एक भी सरकारी कर्मी नहीं थे, बाहर से ताला लटका हुआ नजर आया । स्थानीय ग्रामीणों ने बताया बताया जब से पंचायत सरकार भवन बना है तब से कभी भी कोई सरकारी कर्मी इस भवन में नहीं बैठे है ।

इस बाबत स्थानीय मुखिया सितानंद झा उर्फ सुनील बाबू ने बताया कि सरकार के निर्देशानुसार पंचायत सरकार भवन में नित्य दिन पंचायत स्तरीय सभी सरकारी कर्मी को भवन में बैठना चाहिए था । लेकिन सरकार के निर्देश के वावजूद भी कोई कर्मी पंचायत सरकार भवन नहीं आते हैं । जिसकी लिखित आवेदन मैं बीडीओ, सीओ, मनरेगा पीओ से लेकर जिला पदाधिकारी को दिया हूँ । इसके वावजूद भी इस पर कोई सुनवाई नहीं हुआ है। नतीजा हुआ कि सरकारी गार्ड नहीं रहने के कारण सुने पड़े पंचायत सरकार भवन में सरकार द्वारा भेजे गए लाखों के उपस्कर का ताला तोड़कर चोरों ने चोरी भी कर लिया । जिसकी लिखित आवेदन स्थानीय ओपी ललितग्राम, बीडीओ छातापुर को दिया गया है ।

मुखिया प्रतिनिधि मो हासिम

वहीं रामपुर पंचायत के पूर्व मुखिया सह वर्तमान मुखिया प्रतिनिधि मो हासिम ने जानकारी देते हुए बताया कि पंचायत सरकार भवन में चारदीवारी नही रहने के कारण स्थानीय लोगों द्वारा दिनप्रतिदिन सरकारी जमीन को अतिक्रमण कर रहा है । जबकी पंचायत सरकार भवन चार दिवारी को लेकर सुरक्षित नही है । आए दिन कभी खिड़की का शीशा तोड़ दिया जाता है तो कभी दरवाजे का ताला भी तोड़ दिया जाता है । और कोई भी सरकारी कर्मी भी सरकारी भवन में नहीं बैठते हैं। जिसके वजह से जहाँ मुखिया परेशान रहता है वहीं क्षेत्र के जनता भी छोटे बड़े काम के लिए प्रखंड कार्यालय का चक्कर लगा रहा है । मो हासिम ने जिला पदाधिकारी सुपौल से मांग की है कि कम से कम तत्काल चार दिवारी निर्माण और सुरक्षा गार्ड की नियुक्ति करने मांग की । जबकी यही हाल अक्सर पंचायत के सरकार भवन का है ।

इस बाबत बीडीओ अजीत कुमार सिंह से पूछे जाने पर बताया कि ये प्रखंड स्तर से ऊपर की बात है । संबंधित विभाग को इस मामले से अवगत कराया जाएगा ।


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