वैशाली : पुण्यतिथि पर याद किये गए महात्मा ज्योतिवा फुले

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नसीम रब्बानी
ब्यूरो चीफ
वैशाली

वैशाली/बिहार : वैशाली जिले के पातेपुर प्रखंड मुख्यालय स्थित वैशाली मैरिज हाल के सभागार में, वैशाली जिला एवं पातेपुर प्रखंड ज्योति राव फुले परिषद के तत्वावधान में, माली(मालाकार) समाज द्वारा 19वी सदी के महान समाज सुधारक, अछूतोद्वारक, नारीशिक्षा के जन्मदाता महात्मा ज्योतिवा फुले की 129वी पुण्यतिथि समारोह का आयोजन किया गाया। समारोह की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष चंदेश्वर भगत एवं संचालन दिलीप भगत ने की।
सर्वप्रथम महात्मा फुले के चित्र पर पुष्पांजलि कर उनके प्रति कृतज्ञता प्रकट की। समारोह में मुख्यअतिथि प्रदेश कोषाध्यक्ष प्रो० सुधीर कुमार मालाकार ने कहा कि भारतीय इतिहास में 19वी सदी काला अध्याय के रूप में जाना जाएगा क्योंकि रूढ़ि-वादी व्यवस्था के कारण पिछड़ों, दलितों, एवं अछूतों को जानवरों से भी बदतर बना दिया था। चारों ओर निराशा थीं वैसे विषम परिस्थिति में महाराष्ट्र की धरती पर ज्योतिबा फुले का प्रादुर्भाव हुआ। सामाजिक क्रांति हुई, सत्यासोधक सामाज की स्थापना हुई। दवे कुचले, अछूत जातियों में चेतना हुई तब जाकर धीरे-धीरे समाज सम्मुलक की ओर अग्रसर हुया। 14वी सदी के बाद भारतीय महिला बिल्कुल ही शिक्षा से दूर हो गईं। कोई महिला शिक्षा ग्रहण नही कर सकती थीं। उनके लिय कोई विद्यालय नही था। उस समय महात्मा ज्योतिबा फूले ने अपनी धर्म पत्नी सावित्री बाई फुले जो अशिक्षित थीं उन्हें शिक्षित कर1848में प्रमथ बालिका विद्यालय की स्थापना की, जिसे ब्राह्मणों ने कड़ा विरोध किया। लेकिन ज्योतिराव फुले के आगे किसी की नही चली। वैसे महान मनीषी के जलाये क्रान्ति के मशाल को आगे बढ़ाकर अवंचित समास के लोगों के मुख्यधारा में लाकर ही उनकी सच्ची श्रधान्जली कही जायेगी।
इस मौके पर प्रदेश महासचिव अजय कुमार मालाकार, राजेश मालाकार, दीपनारायण भगत, उपेन्द्र भगत, प्रशान्त कुमार, सुधीर भगत, राजकुमार, महेन्द्र भगत, पारस नाथ भगत, सत्रुधन भगत, राजीव भगत, भूषण भगत, राजकिशोर भगत, देवेंद्र भगत, गुड्ड कुमार, चुल्हाई भगत, राजू मालाकार,संजीव, चंदन, राम इकवाल भगत, उमेश भगत, सन्नी मालाकार, कुमारी रिंकी, नीलू कुमारी, सलोनी कुमारी, प्रिया कुमारी, सुप्रिया कुमारी के आलावे ज्योतिराव परिषद् के सदस्यगण उपसिथत थे।


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