सुपौल : छातापुर में बीडीओ के विरुद्ध धरना पर बैठे जनप्रतिनिधि

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इरशाद आदिल 
संवाददाता
छातापुर, सुपौल

छातापुर/सुपौल/बिहार : छातापुर बीडीओ अजित कुमार सिंह द्वारा मधुबनी मुखिया सीतानंद झा उर्फ सुनील बाबू के साथ किये गए कथित दुर्व्यवहार को लेकर प्रखंड के सभी पंचायतों के मुखिया एवं मुखिया प्रतिनिधि सहित पेंशन धारियों ने गुरुवार को गोलबंद होकर बीडीओ कार्यालय के समक्ष धरना पर बैठ गए ।

जानकारी अनुसार मुखिया श्री झा वृद्धा पेंशन के लाभुकों को लेकर प्रखंड कार्यालय पहुँचे थे । जहां लाभुकों को कतारबद्ध कर वे उनकी समस्याओं को ले बीडीओ से मुलाकात करने उनके कार्यालय जा रहे थे, इसी बीच बीडीओ श्री सिंह स्वयं गेट के सामने आ गए । बीडीओ के समक्ष पहुंचकर लाभुकों ने अपनी व्यथा  सुनाना चाहा जिसपर बीडीओ आगबबूला हो गए और मुखिया प्रतिनिधि  श्री झा के ऊपर लोगों को भड़काने व उकसाने का आरोप लगाते हुए अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगे । इतना ही नहीं मुखिया सुनील बाबू को नेतागिरी नहीं करने की चेतावनी दे डाली और बीडीओ ने मुखिया को नोटंकी बाज तक कह डाला ।

 सुनील झा ने बताया कि प्रखंड मुख्यालय में भ्रष्टाचार चरम पर है। ब्लॉक कर्मी जनप्रतिनिधियों क़ा सम्मान तो दूर ठीक से बात तक करने क़ो राजी नही होते । बताया कि विकास योजनाओं में भ्रष्ट बिचौलिये द्वारा कमीशन मांगी जाती है । उन्होंने बताया कि सरकार समाज के लोगों के लिये लाभकारी योजनाओं क़ो लागू करती है, लेकिन प्रखंड कार्यालय द्वारा लगातार जनप्रतिनिधियों की अवहेलना की जा रही है ।
प्रखंड के एक सम्मानित जनप्रतिनिधि के साथ एक लोकसेवक के इस अमर्यादित व्यवहार को लेकर प्रखंड के सभी मुखिया एवं मुखिया प्रतिनिधि सहित पेंशन धारियों ने ब्लॉक के मुख्य गेट के सामने धरनाप्रदर्शन किया और बीडीओ के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए धरना पर बैठ गए । प्रदर्शनकारी मुखियाओं की मांग है कि जब तक जिलाधिकारी धरना स्थल पर पहुँच कर बीडीओ अजित कुमार सिंह का तबादला नही करेंगे तब तक वे धरना पर रहेंगे ।

उक्त आशय की जानकारी वरीय पदाधिकारी को भी दी गई है। संयोग वश घटना के वक्त विद्यालय शिक्षा समिति की बैठक को लेकर प्रखंड मुख्यालय में उपविकास आयुक्त मुकेश कुमार सिन्हा भी प्रखंड कार्यालय में ही मौजूद थे ।

सूचना प्रेषण तक एसडीएम त्रिवेणीगंज विनय कुमार सिंह, एएसपी जितेन्द्र कुमार धरना स्थल पर पहुँचकर उपविकास आयुक्त के साथ धरने पर बैठे मुखिया को समझाने की प्रयास किया लेकिन पदाधिकारी के संयुक्त प्रयास के बाद भी  धरना पर बैठे मुखिया के अपने मांग पर अड़े रहे ।


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