मधेपुरा : चौसा में जुलूस-ए-मुहम्मदी में उमड़ा जनसैलाब-जलसा सिरतुन्नबी का आयोजन

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आरिफ आलम
संवाददाता, चौसा, मधेपुरा

चौसा / मधेपुरा / बिहार :इस्लाम धर्म के प्रवर्तक हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के 1449 वें जन्मोत्सव के अवसर पर चौसा प्रखंड में धूमधाम से जश्न ए ईद-ए-मिलादुन नबी का आयोजन किया गया । इस अवसर पर प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों में जुलूस ए मुहम्मदी निकालकर मुसलमानों ने जश्न मनाया। जुलूस बांकी , अरजपुर, सोनवर्षा , डबरू टोला , बदरी टोला, बाकर टोला , मनोहरपुर, कलासन, दीवान टोला, खान टोला ,तालीम टोला, रसूल टोला चंदा तथा पैना आदि गांवों  से निकला। जुलूस में बड़ी संख्या में मोटर गाड़ी और बाइक पर सवार सवार लोग हाथों में इस्लामी झंडे लहराते हुए नारे लगा रहे थे । बाद में सभी प्रखंड मुख्यालय स्थित जनता उच्च विद्यालय मैदान पर एकत्रित हुआ । जहां “आशिक ए रसूल कमिटी, चौसा “ के सौजन्य से मुस्लिम धर्म गुरूओं ने ” जलसा सिरतुन्नबी “ का आयोजन कर हजरत मुहम्मद साहब के व्यक्तित्व, कृतित्व और उनके संदेशों पर प्रकाश डाला । जलसा की शुरुआत हाफिज व कारी अब्दुर्रहमान अशरफी के द्वारा तिलावत ए कुरआन से की गई । कार्यक्रम की अध्यक्षता आशिक ए रसूल कमिटी सह जदयू के प्रखंड अध्यक्ष अबुसालेह सिद्दीकी ने किया ।

जलसा को संबोधित करते हुए मौलाना एजाज अहमद निजामी ने कहा कि हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैह वसल्लम के द्वारा बताया गया मार्ग बिल्कुल सीधा और सच्चा है । उन्होंने देशभक्ति की चर्चा करते हुए कहा कि मुहम्मद साहब ने हमें जिस ईमान की दावत दी उसमें देशभक्ति को जरूरी बताया गया है । लिहाजा हिन्दुस्तान का मुसलमान सच्चा देशभक्त है और जिसे अपने वतन से मुहब्बत नहीं वह मुसलमान हो ही नहीं सकता ।

मौलाना बदरूज्जमां सिद्दीकी ने कहा कि हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम सिर्फ मुसलमानों के ही पथप्रदर्शक नहीं थे । वे तो पूरी दुनिया के लिए दयालु और रहनुमा थे। लिहाजा उन्हें पवित्र कुरान में रहमतुल्लिल मुसलेमीन न कहकर रहमतुल्लिल आलेमीन कहा गया है ।
मौलाना रजा अली रिजवी ने कहा कि हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम पूरी मानवता का सम्मान करते थे । हाफिज मोहम्मद जव्वाद ने नातिया कलाम पेश कर लोगों को दिलों को बाग-बाग कर दिया । हाफिज साकिब रजा ने अपने तकरीर के दौरान हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पैदाइश 12 रबी अव्वल के दिन हुआ और उसका विशाल भी 12 रबि अव्वल के दिन हुआ और हम लोग 12 रवि अव्वल के दिन बड़े धूमधाम से मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का जन्म दिन के मौके पर जुलूस-ए-मोहम्मदी निकालने और इस्लाम का झंडा लेकर हुक्म दिया गया है । उन्होंने दया, करूणा, क्षमा, प्रेम, भाईचारा, लिंगभेद रहित समाज के निर्माण का संदेश दिया ।

मौलाना अनवार आलम ने कहा कि इस्लाम शांति का धर्म है । आतंकवाद का इस्लाम में कोई जगह नहीं है । जो लोग इस्लाम के नाम पर आतंक फैलाते हैं , वे सच्चे मुसलमान नहीं हो सकते।

मौलाना गुलाम दावर ने कहा कि इस्लाम में हजरत मुहम्मद साहब ने रोजा नमाज हज जकात के साथ ही देश भक्ति को कर्तव्य की श्रेणी में रखा है । लिहाजा देशभक्ति मुसलमानों के इमान का हिस्सा है । उन्होंने यह भी कहा कि हमें किसी से देशभक्ति का सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं है ।

जलसा में कई ओलेमा ने अपने संबोधन मेें हजरत मुहम्मद साहब के संदेश पर प्रकाश डाला तथा शायरों और कवियों ने नातिया कलाम पेश कर हजरत मुहम्मद साहब की शान में कसीदे गाये।
मौके पर जामा मस्जिद चौसा के इमाम मोहम्मद अबुल कलाम, पूर्व मुखिया सूर्य कुमार पटवे, मुखिया प्रतिनिधि सचिन कुमार पटवे, उप मुखिया अमित कुमार, समाजसेवी संजय यादव, जाप नेता राजेश कुमार राजन, सामाजिक शैक्षणिक कल्याण संघ के अध्यक्ष यहिया सिद्दीकी, युवा नेता आफताब आलम मोहम्मद सत्तार , शादाब रजि, मोहम्मद फैयाज, आमिर सिद्दीकी, मोहम्मद जुबैर, मोहम्मद युसूफ, असगर अली, इरफान आलम चंदा, अनवारूल हक चंदा, हाफिज अब्दुर रहीम पैना, हाफिज जमशेद, हाफिज रिजवान, हाफिज परवेज ,हाफिज बेलाल , मोहम्मद अफरोज ,मोहम्मद मोबारक , मोहम्मद कलाम,नजाम उद्दीन, हाफिज रजाऊर रहमान, इस्हाक , मोहम्मद मंसूर, मोहम्मद मकसूद , मो सलीम , नूर सलाम, मौलवी इरफान बांकी , अरजपुर पूर्वी के पंचायत समिति सदस्य शहादत अली , अब्बास अली सिद्दीकी, मोहम्मद एहसान।कार्यक्रम की अध्यक्षता आशिक ए रसूल कमिटी  सह युवा जदयू के प्रखंड अध्यक्ष अबुसालेह सिद्दीकी ने किया, जबकि मंच संचालन मौलाना एजाज अहमद निजामी ने किया ।


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