मधेपुरा :चौसा में ट्रेक्टर पलटने से एक की मौत – लोगों ने जनप्रतिनिधियों को बताया जिम्मेदार

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आरिफ आलम
संवाददाता, चौसा, मधेपुराचौसा/मधेपुरा/ बिहार: बीती रात  प्रखंड के लौआलगान पूर्वी पंचायत में निर्माणाधीन पंचायत सरकार भवन के पास  ट्रैक्टर पलट जाने से ट्रैक्टर ड्राईवर सह मालिक की मौत घटना स्थल पर ही हो गई।
बताया जाता है कि ट्रेक्टर मालिक अमित कुमार सिंह खुद ड्राईव करतेे हुए  अपनेे ट्रेक्टर से चौसा विजय घाट मुख्य सड़क से अपने घर श्रीपुर नौगछिया,  जिला भागलपुर जा रहा था। तभी  लौआलगान पूर्वी पंचायत स्थित निर्माणाधीन पंचायत सरकार भवन के पास ट्रेक्टर पलट गई, जिससे घटनास्थल पर ही अमित की मौत हो गई ।

घटना की सूचना चौसा थाना को दी गई।चौसा के प्रभारी  थाना  अध्यक्ष श्याम चंद्र झा ने बताया कि रात में 9:30 बजे  सड़क हादसे की सूचना मिली। उन्होंने बताया कि  घटना स्थल पर पहुंचनेे पर पता चला की ड्राईवर की मौत घटना स्थल पर ही हो गई थी।लिहाजा  शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है । ट्रैक्टर का रजिस्ट्रेशन न0 BR10G 8477 है,जिसे कब्जे में ले लिया गया है तथा क़ानूनी कार्रवाई  की जा रही है।

उक्त बाबत  लोगों का कहना है कि चौसा – विजय घाट सड़क भटगामा तक इतना जर्जर हो चुका है कि इस तरह के हादसे होना आम बात है।  सड़क की  स्थिति इतनी ख़राब है की सड़क में गढ्ढा है की गढ्ढे में सड़क अनुमान लगाना कठिन है। ऊपर से ओवर लोड और कभी- कभी भारी वाहनों का परिचालन वबाल ए जान बना रहता है । कब इस जर्जर सड़क से निजात मिलेगा कहना मुश्किल है। लोगों ने बताया कि वर्षों बड़े जनप्रतिनिधि आश्वासन देते आए हैं कि  सड़क का टेंडर हो गया है जल्द ही कम चालू कर दिया जाएगा। लोगों ने कहा कि यह  सुनते- सुनते कान भर गए हैं।

लोगों ने आरोप लगाया कि चुनाव के वक्त उक्त सड़क पर  कुछ कार्य दिखा कर फिर सड़क निर्माण एजेंसी  ऐसे गायब हो जाती है जैसे गधे के सर से सिंघ। और लोग जान हथेली  पर रखकर  सफ़र करते रहते हैं। चौसा प्रखंड की सड़को की बात करें तो सिर्फ नेताओं की जुबानों पर ही अच्छी सड़कें बनी  हैं, धरातल पर नहीं । कहीं सवेदक के द्वारा कुछ काम को अंजाम देकर महीनों से छोड़ दिया गया है। चौसा प्रखंड  मुख्यालय से अगर जिला मुख्यालय  जाना हो तो वही जर्जर सड़क,  चौसा से फुलौत, चिरौरी, पैना ,मोरसंडा,चौसा- अराजपुर आदि सड़कों की स्थिति  बद से बदतर हालात में है। बावजूद इसके प्रशासन और जनप्रतिनिधि मूकदर्शक बना हुआ है ।