दरभंगा : किलकारी के माध्यम से राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगे दरभंगा के बच्चे, कार्यक्रम को लेकर दी विस्तृत जानकारी

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ज़ाहिद अनवर (राजु) / दरभंगा

दरभंगा/बिहार : शिक्षा विभाग द्वारा स्थापित बिहार बाल भवन, किलकारी का आयोजन किया गया। इस मौके पर प्रेस को संबोधित करते हुए सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी नीरज कुमार ने किलकारी के वर्तमान उपलब्धियों का ब्योरा दिया। उन्होंने बताया कि विगत दो वर्षों से दरभंगा में संचालित किलकारी बच्चों के सर्वांगीन विकास हेतु कार्यरत है। विगत माह में किलकारी के कई बच्चों ने अलग-अलग विधा में राज्यस्तरीय प्रतियोगिताओं में अपना परचम लहराया है। किलकारी में संगीत का प्रशिक्षण ले रहीं, राधा कुमारी का चयन राष्ट्रीय बाल लोकसंगीत 2018 हेतु हुआ है। वह पटना में आयोजित कार्यक्रम में दरभंगा का प्रतिनिधित्व करेंगी।

मिथिला चित्रकला की प्रशिक्षु साक्षी कुमारी, नाटक व लोकनृत्य के प्रशिक्षु आर्यन कुमार व संगीत की प्रशिक्षु माधुरी कुमारी का चयन राष्ट्रीय कला उत्सव 2018 के लिए हुआ है। ये तीनों दिल्ली में बिहार का प्रतिनिधित्व करेंगे। यह पारम्परिक नृत्य व चित्रकला की प्रतियोगिता है जिसमें इन्होनें गोदना व मिथिला चित्रकला लेकर जायेंगे। समस्तीपुर में आयोजित राज्यस्तरीय कराटे प्रतियोगिता में किलकारी ने एक स्वर्ण चांदनी कुमारी, एक सिल्वर राजा कुमार, तीन कांस्य पदक तन्नू कुमारी, शिल्पा भारती, शुभम ने अपने नाम किया। राष्ट्रीय प्रतियोगिता जो अमृतसर में होगी वहां चांदनी राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगी। कराटे के अन्य दस छात्र व छात्राओं की टोली बिहार स्टेटसीकोकाई कराटे चैम्पियनशिप 2018 में हिस्सा लेगी। वार्ता को संबोधित करते हुये लेखा पदाधिकारी आंनद कुमार ने बताया कि बाल दिवस को लेकर इस बार एक वृहत आयोजन की योजना है। लेकिन छठ के कारण यह आयोजन दिनांक 25 नवंबर को किया जायेगा। इसमें इको फ्रेंडली झांकी निकाला जाना है। जिसमें पर्यावरण संरक्षण का संदेश तो रहेगा ही साथ ही वर्तमान में किलकारी में चित्रकला, मिथिला कला, उर्दू, हस्तकला, कराटे, नाटक, नृत्य, लोकनृत्य, संगीत, तबला का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। झांकी में इसकी भी झलकियां रहेंगी। साथ ही मिथिला की विविध परम्पराओं यथा रसनचौकी, लोकवाद्य, लोकगाथा आदि के समावेश की योजना है।

प्रेस वार्ता में किलकारी के सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी नीरज कुमार, लेखा पदाधिकारी आंनद किशोर के साथ कराटे प्रशिक्षक कमल राम, चित्रकला प्रशिक्षक रामउद्गार, हस्तकला प्रशिक्षिका चांदनी कुमारी, उर्दू की प्रशिक्षिका इफ्फत हाशमी, मिथिलाकला की प्रशिक्षिका राधा देवी, नृत्य प्रशिक्षिक मो. शहनवाज, अंग्रेजी व लोकनृत्य की प्रशिक्षिका शिप्रा झा, पुस्तकालय प्रभारी रूपा कुमारी एंव नाट्य प्रशिक्षिक सागर सिंह भी मौजूद थे।


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