नालंदा : चिन्ता किसी भी समस्या का हल नहीं होता बल्कि कई अन्य समस्याओं का जन्म देता है-डॉ चौधरी

728x90
Spread the news

मुर्शीद आलम
नालंदा ब्यूरो
बिहार

नालंदा/बिहार : जिला के पावापुरी के विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर वर्धमान आयुर्विज्ञान संस्थान पावापुरी में  शनिवार को मानसिक रोग विभाग में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया ।

इस अवसर पर पावापुरी मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ पीके चौधरी को मानसिक रोग विभाग के चिकित्सकों ने पौधा देकर सम्मानित किया गया। मानसिक रोग के रोकथाम विषय पर आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में विम्स के प्राचार्य डॉ पी के चौधरी ने कहा कि तनाव चिन्ता किसी भी समस्या का हल नहीं होता बल्कि कई अन्य समस्याओं का जन्मदाता देता है। तनाव से आपको अत्यधिक सिरदर्द, माइग्रेन, उच्च या निम्न रक्तचाप, हृदय से जुड़ी समस्याओं से ग्रस्त करता है। यह आपका स्वभाव को चिड़चिड़ा कर आपकी जीवन की खुशियां एवं चेहरे की मुस्कान को भी चुरा लेता है। इससे बचने के लिए तनाव पैदा करने वाले अनावश्यक कारणों को जीवन से दूर करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि मानसिक रोग के बारे में लोगों को जागरूक करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि लोग समय पर डॉक्टर से परामर्श लेने में देर कर देते हैं जिसका नुकसान मरीज को भुगतना पड़ता है। उन्होंने कहा कि विश्व में प्रत्येक चार व्यक्तियों में से 1 व्यक्ति ऐसे हैं जो अपने जीवन के किसी न किसी मोड़ पर मानसिक विकार से प्रभावित हो रहे हैं। सबसे अधिक हैरान करने वाली बात यह है कि इसमें सबसे ज्यादा अनुपात युवाओं का है यह बड़ी चिंता की बात है। उन्होंने कहा कि इससे बचने के लिए पर्याप्त नींद लेने की आवश्यकता है तथा शारीरिक गतिविधियां पर ध्यान देने की आवश्यकता है। खासकर युवाओं को शराब तथा नशीली चीजों का सेवन से बचना चाहिए।

विभागाध्यक्ष डॉ अमरदीप कुमार ने इस वर्ष के थीम पर चर्चा करते हुए बताया कि हम मानसिक स्वास्थ्य कैसे हासिल हो सकती है इस संदर्भ में उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने वाले विभिन्न बाह्य कारक जैसे बचपन में कोई गलती एवं मानसिक प्रताड़ना यौन उत्पीड़न लालन-पालन नशे की लत और इंटरनेट की अत्याधिक आदतों पर विस्तृत रूप से चर्चा किया। उन्होंने अभिभावकों से अपील करते हुए अपने बच्चों को रोजाना कम से कम 1 घंटे का समय दें, उन्होंने बताया कि ऐसा करने से बच्चों का भावनात्मक विकास में काफी मदद मिलेगी जिससे वह जीवन में ज्यादा सफल हो पाएंगे।

मौके पर डॉ राजीव कुमार , डॉ ऋतु राज कुमार, डॉ अनंत कुमार वर्मा, डॉ नील कमल, डॉ शुर्ति कुमारी, डॉ राकेश गुप्ता, डॉ विकास कुमार सहित अनेकों मरीज मौजूद थे ।


Spread the news

कोई जवाब दें

कृपया अपना जवाब दीजिये।
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें