बिहार : मुख्यमंत्री ने की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक, पल्स पोलियो अभियान की तर्ज पर डोर टू डोर स्क्रीनिंग सहित कई  अहम विषय पर हुई चर्चा

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 कोरोना संक्रमण की चेन तभी टूटेगी जब प्रभावित जिले की स्क्रीनिंग में कोई घर नहीं छूटेगा

 15 अप्रैल से पैक्सों के माध्यम से शुरू हुये गेहू  अधिप्राप्ति के कार्य में किसानों को कोई कठिनाई नहीं हो

 लाॅकडाउन में पुलिस दृढ़ता से कार्य करे किंतु लोगांे के साथ विनम्रता का व्यवहार करे

अनूप ना. सिंह
स्थानीय संपादक

पटना/बिहार :  मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज मुख्य सचिव एवं अन्य वरीय अधिकारियों के साथ गहन समीक्षा की। समीक्षा बैठक में कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर पल्स पोलियो अभियान की तर्ज पर डोर टू डोर कैंपेन की अद्यतन स्थिति, गेहूं की अधिप्राप्ति एवं लाॅकडाउन में रोजगार सृजन को लेकर विस्तृत चर्चा हुयी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रबी फसल की कटाई हो रही है। गेहूॅ की फसल का अच्छा उत्पादन हुआ है। उन्होने निर्देश दिया कि 15 अप्रैल से पैक्सों के माध्यम से शुरु हुए गेहंू अधिप्राप्ति के कार्य ठीक ढग़ं से करायें ताकि किसानों को कोई कठिनाई न हो। किसानों को फसल का उचित मूल्य निर्धारित समय सीमा के अंदर दिलाना सुनिश्चित किया जाय।

मुख्यमंत्री ने आज से आरंभ हुए डोर टू डोर कैंपेन की समीक्षा के क्रम में कहा कि पल्स पोलियो अभियान की तर्ज पर कोरोना सक्रं मण की रोकथाम के लिए प्रभावित जिलों में एक्टिव स्क्रीनिंग की जाए। उन्होने कहा कि संिदग्ध कोरोना मरीजों के सम्पर्क वाले क्षेत्रों में गहन रूप से टेसिंग, टेस्टिंग एवं टैकिंग करायें। मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि जिन्हें भी संक्रमण की थोड़ी भी आषंका हो तो वे जाॅच केन्द्र पर जाकर जाॅच कराये,  इससे उनके परिवार एवं आसपास के लोग भी सुरक्षित रहेंगे। जो लोग बिहार से बाहर या देश से बाहर की यात्रा कर आये हैं, वे अपनी ट्रेवल हिस्ट्री को न छिपाये।  इससे उन्हें तो खतरा है ही, उनके सम्पर्क में आने वाले अपने लोगों को भी खतरा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना सक्रं मण की चेन तभी टूटेगी जब प्रभावित जिले की स्क्रीनिंग में कोई घर नहीं छूटेगा।

मुख्यमंत्री ने रोजगार सृजन की समीक्षा के क्रम में निर्देष दिया कि इसका उद्देष्य ज्यादा से ज्यादा लोगों को रोजगार उपलब्ध कराना है ताकि मजदूरों को कठिनाई न हो। उन्होनंे कहा कि रोजगार सृजन के क्रम में गाइडलाइन के अनुरूप स्थानीय मजदूरों का उपयोग किया जाय। प्रधान सचिव/सचिव खुद इसकी माॅनिटरिंग करें और इंजीनियर एवं श्रमिकों को प्रेरित भी करते रहे। उन्होंने कहा कि 7 निष्चय के कार्यक्रम हर घर नल का जल, पक्की गली-नालियाॅ तथा शौचालय का निर्माण, जल-जीवन-हरियाली एवं मनरेगा के अन्तर्गत तालाबो/ पोखरों का जीर्णोद्धार जैसे कार्य तेजी से शुरू करायें। स्टैंडर्ड आॅपरेटिंग प्रोसिज्योर का पालन करें। सोशल डिस्टेंि सगं का पालन करना, सैनिटाइजेशन कराने के साथ-साथ कार्य स्थल पर जरूरी सुविधाओं एवं सुरक्षा का ख्याल रखा जाय। मुख्यमंत्री ने प्रधान सचिव वित्त विभाग को निर्देश दिया कि रोजगार सृजन से संबंधित योजनाओं के लिए राशि की कोई कमी नहीं होने दी जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण से निपटने के लिये किये जा रहे कार्यों में डाॅक्टर, हेल्थ वर्कर, पुलिस, प्रशासनिक पदाधिकारी एवं कर्मी, सफाईकर्मी तथा अन्य फ्रंटलाइन वर्कर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि इन लोगों के साथ किसी प्रकार का दुव्र्यवहार न करे।  ये लोग प्रतिदिन जान जोखिम में डालकर देश और समाज के लिये काम कर रहे हैं। हम सभी का दायित्व है कि इन सभी का उत्साह बढ़ाते रहे। सभी को इनकी सुविधाओं एवं सुरक्षा का ध्यान रखना हेागा।

मुख्यमंत्री ने पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिया कि लाॅकडाउन में पुलिस दृढ़ता से कार्य करे लेकिन लोगों के साथ विनम्रता का व्यवहार करे। लोग लाॅकडाउन का अनुशासन बनाये रखें एवं सोशल डिस्टेंि संग का पालन करे। कोरोना संक्रमण से उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिये सरकार हार संभव कदम उठा रही है। लोग अपने घरों में रहें और सरकार के दिये गये निर्देशों का पालन करे। लोग घबराएं नहीं, अपने घरों में सुरक्षित रहे। उन्होंने लोगों से अपील की कि जब भी कठिन समय आया है, हमलोगो ने मिल-जुलकर मुकाबला किया है। मुझे पूरी उम्मीद है कि इस बार भी आप सबके सहयोग से कोरोना महामारी से निपटने में सक्षम होगे।


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