
भारत की अखंडता को बचाने के लिए काले कानून का विरोध जरूरी : अब्बास राजा

ब्यूरो-लुधियाना, पंजाब
लुधियाना/ पंजाब : शाहीन बाग प्रदर्शन के आज 23वें दिन मौसम की खराबी के चलते तेज धूलभरी आंधियों में देश की बेटियों ने मोर्चा संभाल प्रदर्शन जारी रखा। आज शहर की विभिन्न राजनीति व सामाजिक संस्थाओं के कार्यकर्ता ने भी शाहीन बाग में पहुंचकर केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज करवाया।
संबोधित करते हुए लुधियाना कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के चेयरमैन अब्बास राजा ने कहा कि भारत की एकता और अखंडता को बचाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए काले कानून का विरोध करना जरूरी है। अब्बास ने कहा कि लुधियाना का शाहीन बाग पंजाब भर के लोगों के लिए आपसी भाईचारे और एकता का प्रतीक बन गया है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार हर कदम पर बुरी तरह फेल होती जा रही है, विकास और रोजगार का मुद्दा गायब कर दिया गया है।

दिल्ली की हिंसा ने देश का सर शर्म से झुका दिया है, देश के गृहमंत्री शरेआम अपनी ही जनता को घुसपैठिया कह कर धमकियां दे रहे हैं जो कि अफसोस की बात है। नायब शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी ने कहा कि हम सभी धर्मों के लोगों को शाहीन बाग में रोजाना सुनते हैं, जिससे हमारे अंदर कौमी एकता और आपसी भाईचारे का जज्बा मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने नागरिकता कानून में धर्म की व्याख्या करके जाति और धर्म के नाम पर वोट लेने की अपनी नीति को और मजबूत करना चाहा, लेकिन वह अपने इस कार्य में कामयाब नहीं हो पाऐंगे।
वर्णनयोग है कि आज बहुजन क्रांति मोर्चा लुधियाना के जोगिंदर राय, भारत मुक्ति मोर्चा के जय सिंह, बहुजन समाज पार्टी के जिला प्रधान प्रगण बिलगा, हक की आवाज के सज्जाद आलम, डा. अंबेडकर नवयुवक दल के अध्यक्ष बंसी लाल प्रेमी, अमन वेलफेयर सोसायटी के सनाउल्लाह अंसारी, इंडीयन ब्रदास वेलफेयर सोसाइटी के सरफराज आलम, मजलिस अहरार इस्लाम के शाहनवाज, बाबुल खान, साहित्य कला मंच के गुलाम हसन कैसेर, एलायंस ऑफ सिख ऑर्गेनाइजेशन के परम पाल सिंह, अल फलाह सोसायटी के डॉ. सिराजदीन बाली, आल इंडिया मोमिन कॉन्फ्रैंस के प्रदेश अध्यक्ष प्रधान मुहम्मद नसीम अंसारी, गिल चौक मस्जिद के प्रधान मुहम्मद अल्ताफ, भारती किसान यूनियन मनसा के बालम सिंह ने भी संबोधित किया।
