

उप संपादक
मधेपुरा/बिहार : जननायक कर्पूरी ठाकुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का लगभग 14 वर्षों के बाद सात मार्च को उद्घाटन होने वाला है । उद्घाटन के पूर्व ही जननायक कर्पूरी ठाकुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल विवादों में आने लगा है ।
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सोमवार को ग्रेड ए नर्स की बहाली को लेकर होने वाले काउंसिलिंग को स्थगित किए जाने एवं मेधा सूची से नाम हटाए जाने की सूचना पर अभ्यर्थियों ने मेडिकल प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन किया । सोमवार को काउंसिलिंग में शामिल होने के लिए पहुंचे 50 से अधिक अभ्यर्थियों ने कहा कि 27 फरवरी को जारी सूची के आधार पर काउंसिलिंग के लिए यहां आए हैं, लेकिन 29 फरवरी को प्रबंधन ने उनलोगों का नाम सूची से हटाकर कम अंक वाले अभ्यर्थियों को सूची में शामिल कर लिया है । साथ ही अभ्यर्थियों ने बताया कि महाविद्यालय पहुंचने के बाद यह मालूम चलता है कि दो मार्च को होने वाला कौन से लिंग रद्द कर दिया गया, सभी अभ्यर्थियों ने मांग किया कि 27 फरवरी को जारी सूची के आधार ही काउंसिलिंग की प्रक्रिया अपनाई जाए, अन्यथा महाविद्यालय प्रबंधन के खिलाफ उग्र पदर्शन किया जाएगा ।

अभ्यर्थी ने कहा मेधा सूची में किया हेराफरी : औरंगाबाद से पहुंची अभ्यर्थी मोनिका ने बताया कि हम लोगों का काउंसिलिंग दो मार्च को होने वाला था, जिसके लिए हम अपने घर से एक मार्च को ही चले थे । उन्होंने बताया कि पूर्व में जारी किए गए तीन सूची में हमारा नाम था, लेकिन अचानक एक मार्च को दोपहर में पता चलता है कि सूची में हेराफेरी कर दी गई है और हमारा नाम सूची से गायब है । जिसके लिए चरित्र प्रमाण पत्र को कारण बनाया गया है । जबकि हम लोग आवेदन के समय महाविद्यालय का चरित्र प्रमाण पत्र डाले थे । उसके बावजूद हम लोग कोर्ट से प्रमाण पत्र बना कर दिए थे, जिसमें यह बताया गया था कि काउंसलिंग के समय पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी चरित्र प्रमाण- पत्र दिखाया जाएगा । अभ्यर्थियों का कहना था कि इंटरव्यू के लिए मेडिकल कॉलेज प्रबंधन द्वारा तीन बार मेधा सूची जारी किया गया । 27 फरवरी को जारी सूची में इंटरव्यू की तिथि दो मार्च निर्धारित की गई थी, जब अभ्यर्थी इंटरव्यू के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचे तो वहां उनलोगों को इंटरव्यू स्थगित होने की सूचना मिली एवं 27 फरवरी को जारी सूची में काफी फेरबदल की भी जानकारी मिली ।

सूची में से नाम गायब होना महाविद्यालय प्रशासन पर सवालिया निशान : अभियुक्तों ने कहा कि जिन अभ्यर्थी का अधिक अंक था, उनमें से 75 प्रतिशत अभ्यर्थियों को सूची से हटा दिया गया है । जबकि इससे पहले जारी तीन सूची में सभी अभ्यर्थियों का नाम था । अभ्यर्थियों ने कहा कि हम सभी छात्रों के साथ महाविद्यालय प्रशासन नाइंसाफी कर रही है, क्योंकि अधिक अंक वाले अभ्यर्थियों के चरित्र प्रमाण पत्र में समस्या उत्पन्न हो गई है । उन्होंने कहा कि अगर महाविद्यालय प्रशासन को चरित्र प्रमाण पत्र चाहिए तो हम लोग भी देने के लिए तैयार हैं एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी किया गया चरित्र प्रमाण पत्र हम लोग साथ भी लाए हैं । महाविद्यालय प्रशासन नियम के विरुद्ध कार्य कर रही है । चरित्र प्रमाण पत्र काउंसलिंग के समय ही दिखाई जाती है । एक तो महाविद्यालय प्रशासन आवेदन के लिए कम समय देती है । उसके बावजूद अभ्यर्थी कोर्ट से जारी प्रमाणपत्र लगा देते हैं, जिसके बाद अभ्यर्थियों का चयन भी हो जाता है, लेकिन काउंसलिंग से पूर्व अभ्यर्थियों का सूची से नाम गायब होना महाविद्यालय प्रशासन पर सवाल खड़ा करता है । अभ्यर्थियों ने महाविद्यालय प्रशासन से मांग किया कि जब तक हम लोगों की बहाली नहीं हो जाती है, तब तक आगे की बहाली भी रद्द कर दी जाए ।
